ताज़ा खबर
 

नोटबंदी से बैंकों को रोज 3000 करोड़ रुपये की चपत, सरकार के निर्देश पहले मीडिया को मिलने से भी परेशानी

अखिल भारतीय बैंक अधिकारी परिसंघ के जनरल सेक्रेटरी हरविंदर सिंह ने कहा कि सरकार के इस फैसले से इंडस्ट्री और कमर्शियल एक्टिविटीज में गिरावट आई है।
एआईबीओसी के जनरल सेक्रेटरी हरविंदर सिंह

बुधवार को रिजर्व बैंक ने अपने उस आदेश को वापस ले लिया, जिसके मुताबिक 5000 रुपये जमा कराने पर बैंक अधिकारियों को यह बताना होगा कि आपने अब तक रुपये जमा क्यों नहीं कराए। इसी को लेकर बिजनेस स्टैंडर्ड ने अखिल भारतीय बैंक अधिकारी परिसंघ के जनरल सेक्रेटरी हरविंदर सिंह से बात की। सरकार के इस आदेश के बारे में उन्होंने कहा कि हम आरबीआई और वित्त मंत्रालय से कहते रहे हैं कि आम जनता को जो निर्देश दिए जा रहे हैं, वे साफ और स्पष्ट हों। अभी यह हो रहा कि लोगों को टीवी के जरिए निर्देश मिल रहे हैं और बैंकों के पास यह बहुत देर से पहुंच रहे हैं। सरकार द्वारा निर्देश देने और बैंकों तक इसे पहुंचने में बहुत वक्त लग रहा है। जब निर्देश बैंकों तक पहुंचता है तो उसे लागू करने में हमें अपने सिस्टम में बदलाव करना पड़ता है।

सिंह ने कहा कि उदाहरण के तौर पर अगर सरकार ने कहा कि जिन परिवारों में शादी है वह ढाई लाख रुपये तक निकाल सकते हैं जो इसके साथ बहुत कंडीशंस आ जाती है। सरकार इन निर्देशों को दिन में जारी करती है, लेकिन बैंकों तक यह दो से तीन दिन के बाद पहुंचती है। इस बीच हमें बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सिंह ने कहा कि जिस दिन से नोटबंदी लागू हुई है तब से हम लगातार आरबीआई और सरकार से कह रहे हैं कि वह हमारे साथ बातचीत करे। हम उन्हें जमीनी हकीकत से रूबरू कराएंगे और इस फैसले को सही ढंग से लागू करने में मदद करेंगे। लेकिन हमें कोई अवसर नहीं दिया गया।

जब उनसे पूछा गया कि 8 नवंबर को सरकार के पास 2000 रुपये की शक्ल में 5 लाख करोड़ की करंसी थी। तो क्या उसे बांटने में दिक्कत आई। तो उन्होंने कहा कि मैं नहीं जानता कि आरबीआई के पास कितनी करंसी थी। लेकिन सरकार ने छोटे नोटों में करंसी जारी की। उन्होंने कहा कि मेरी राज्य इकाइयों ने मुझे बताया था और मुझे लगता है कि पैसे बांटने को लेकर प्राइवेट बैंकों के पक्ष में असमानता थी।

आने वाले महीनों में बैकिंग सिस्टम कैसा होगा यह पूछने पर वह कहते हैं कि हमें लोगों का गुस्सा और बहुत उत्पीड़न झेलना पड़ा। लेकिन बैंकिंग इंडस्ट्री को बहुत झेलना पड़ेगा। पिछले 50 दिनों से हम इस पर काम कर रहे हैं। नई फंडिंग आना बंद हो गई हैं। मेरे उपभोक्ताओं ने बताया है कि इंडस्ट्री और कमर्शियल एक्टिविटीज में गिरावट आई है। उन्होंने कर्मचारियों की छंटनी की है। आर्थिक गतिविधियों पर असर पड़ा है। इससे लोगों की खरीदने की क्षमता प्रभावित हुई है। बिजनेस स्टैंडर्ड को उन्होंने बताया कि नोटबंदी के कारण बैंकिंग सेक्टर को हर दिन 3000 करोड़ रुपये का बोझ उठाना पड़ रहा है।

 

देखें विडियो ः

नोटबंदी: कतार में लगी जनता के सामने भिड़ गए महिला और पुरुष पुलिसकर्मी, कैमरे में कैद हुई तकरार

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.
सबरंग