March 27, 2017

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फिर से सिस्टम में आ जाएंगे 90-95 फीसदी पुराने नोट, झूठ साबित होगा नोटबंदी से काले धन पर अंकुश का पीएम का दावा

नोटबंदी के 21 दिन बीत जाने के बाद देशभर के विभिन्न बैंकों में 9 लाख करोड़ रुपए जमा हो चुके हैं।

Author November 30, 2016 09:11 am
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। Photo by Atul Yadav

नोटबंदी के 21 दिन बीत जाने के बाद देशभर के विभिन्न बैंकों में 9 लाख करोड़ रुपए जमा हो चुके हैं। ऐसा अंदाजा है कि बंद हुए 500 और 1000 रुपए के नोटों का 60 प्रतिशत हिस्सा बैंकों में वापस आ गया है और बाकी भी आने वाले दिनों में बैंकों में जमा हो जाएगा। ऐसे में कई लोग सरकार के नोटबंदी के फैसले पर सवाल उठाते हुए उसे गलत बता रहे हैं। लोगों का मानना है कि भ्रष्टाचार और कालेधन पर रोक लगाने का सरकार का फैसला कारगर साबित नहीं हो रहा है। बैंकरों और विश्लेषकों का मानना है कि 30 दिसबंर तक बंद किए गए नोटों का 90 से 95 प्रतिशत हिस्सा वापस बैंकों में आ जाएगा जिन्हें बाद में लोग निकाल भी सकेंगे और ऐसे में वह पैसा फिर से सफेद हो जाएगा। एक विदेशी संस्थागत निवेशक ने कहा, ‘लगभग दस दिन पहले ही सरकार को पता लग चुका है कि भारी मात्रा में 500 और 1000 रुपए के नोट बैंकों में फिर से जमा करवाए जा रहे हैं। इनकम टैक्स द्वारा बनाई गई स्कीम से ज्यादा संपत्ति वाले लोग सरकार की आंखों में धूल झोंककर अपने पैसे को सफेद करने के तरीके निकाल रहे हैं। ‘

हालांकि, सरकार की तरफ से कई नियम और कानून बनाए गए हैं जिनसे बताए गए आय के स्त्रोतों से ज्यादा की रकम जमा करवाने वाले को पकड़ा जा सकेगा। सरकार ने कई नियमों में बदलाव भी किए हैं। काले धन को खत्म करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में संसोधित इनकम टैक्स बिल पास करवाया गया। नए बिल के जरिए सरकार अघोषित नकदी पर ज्यादा जुर्माना और टैक्स लगाएगी। 30 दिसंबर तक अघोषित पुराने नोटों में नकदी बारे में स्वेच्छा से घोषणा पर 50 प्रतिशत कर लगाने का प्रस्ताव किया गया है। कर अधिकारियों द्वारा पता लगाने पर अघोषित संपत्ति पर उच्चतम 85 प्रतिशत तक कर लगाया जा सकता है।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के डाटा के मुताबिक 10 नवंबर से 27 नवंबर तक सभी बैंकों से कुल 844,982 करोड़ रुपए जमा और बदलवाए गए हैं। इसमें से 33,948 करोड़ रुपए बदलवाए गए हैं और 811,033 करोड़ रुपए जमा करवाए गए हैं। वहीं रिजर्व बैंक की 2015-16 की वार्षिक रिपोर्ट बताती है कि 31 मार्च 2016 तक 500 और 1000 की कुल 14,17,950 करोड़ रुपए की राशि चलन में थी।

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वीडियो: लोकसभा में पेश किया गया इनकम टैक्स संशोधन बिल; खुद बताया तो 50% वरना 85% टैक्स लेगी सरकार

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First Published on November 30, 2016 9:07 am

  1. R
    ramji
    Nov 30, 2016 at 2:36 pm
    इसका देश प्रेम ....देह प्रेम है ये आदमी अपनी देह के इलावा कुछ नहीं देख पा रहा है I
    Reply
    1. R
      ramji
      Nov 30, 2016 at 2:28 pm
      किसको पथ्थर मारें ग़ालिब कौन यहाँ बेगाना है I.,इस शीश महल का इक इक चेहरा मोदी जैसा लगता है
      Reply
      1. A
        Abhishek Anand
        Nov 30, 2016 at 8:54 am
        थिस न्यूज़ इस बेसलेस.. अग्र्र लोगो की हे माने तो ये वेबसाइट कांग्रेस वालो की ह..
        Reply
        1. J
          Jane
          Nov 30, 2016 at 8:39 am
          cccccccccccc
          Reply
          1. P
            Parth Garg
            Nov 30, 2016 at 8:25 am
            रिश्वत लेने देने की ख़बरों में कोई कमी नहीं आयी है. नोटबंदी से बस एक ही हुआ की देश की सारी जनता ही संदेह के घेरे में आ गयी. अपने खुद के पैसों के हम खुद ही मोहताज हो गए.
            Reply
            1. R
              rahul
              Nov 30, 2016 at 8:06 am
              ऑखो पर जब पट्टी बॉध रखी हो देशप्रेम को जब एक व्यक्ति या पार्टी से ऊपर न देख पाते हो तो ऐसे मे आप सिर्फ Znewsदेखें
              Reply
              1. S
                Sumit Parakh
                Nov 30, 2016 at 7:32 am
                Abe . Jo log bhi 2.5 L se jyada deposite kar rahe hai puraane note se wo tracable hain. Unse IT puchegi k itna paisa kaha se aaya. Agar wo nai bata paate to unhe saja bhugatani hogi.. jin logo ne 2.5 L se upar unaccounted money deposite kiya hai unke paas IT notice pahuchane wala h.. you need "common sense" to understand that. HAve you?
                Reply
                1. P
                  Pagal
                  Dec 1, 2016 at 1:21 am
                  तू इडियट उसी मजपे रहा कर
                  Reply
                2. V
                  vinay
                  Nov 30, 2016 at 6:16 am
                  जनसत्ता अखबार या तो मूर्खों से भरा है या फिर मोदी दे नफ़रत करने वाले मुर्ख वामपंथियों se..भ्रामक हेडलाइन डाली है जबकि खबर में साफ़ है की कालेधन पर टैक्स लगेगा 85% अगर गलत स्त्रोत से कमाया है to... मुर्ख जनसत्ता वालों ..बीजेपी वैसे भी जीत रही है हर jagah..तुम्हारी दूकान भी जल्दी बंद hogi...
                  Reply
                  1. R
                    Rajendra Vora
                    Nov 30, 2016 at 6:26 am
                    इनका एक स्थापित हेतु होता हे जो की गलत काम को ी और ी को गलत साबित करने की कोशिश करते हे. लेकिन पिछले दो सालो से सफल नहीं हो रहे हे. क्योंकि देश की जनता मोदी जी के पीछे कड़ी हे. नकली नोट, आतंकवाद के मुद्दे को तो भूल ही जाते हे या जानबूझकर नहीं लिखते.
                    Reply
                    1. R
                      rahul
                      Nov 30, 2016 at 8:08 am
                      बरसों गालिब यही गल्ती करता रहा । धुल चेहरे पर थी और आइना साफ करता रहा ।।
                      Reply
                      1. R
                        ramji
                        Nov 30, 2016 at 2:32 pm
                        आप ठीक कह रहे हैं यह दूकान जल्दी ही बंद होगी क्योंकि अब आरएसएस ने निक्कर छोड़ कर पन्त पहन ली है ई भारत माता की जय
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                      2. V
                        vishal
                        Nov 30, 2016 at 5:56 pm
                        कुछ बेहद कथित राष्ट्रवादियो द्वारा यहाॅ टिप्पणीयाॅ दी जा रही है , उन्हें ये जानकारी होना चाहिए कि भारत की राजनीति का अगर सबसे प्रतिष्ठित पत्र कोई है तो वो जनसत्ता है।इंदिरा की इमरजेंसी को अगर किसी अखबार ने उखाड़ फेंका था तो वो जनसत्ता था।हमेशा सत्ताधारी कांग्रेस की आॅखो की किरकीरी बना रह है यह अखबार,आज जो इस अखबार की अंगुली पकड़ कर , सत्ता मे पहुॅचे हैं , उनके समर्थकों को जनसत्ता की निर्भीक आवाज न नहीं हो पा रही।
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