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Delhi Rape Case: उबर टैक्सी ड्राइवर को मथुरा से गिरफ्तार किया गया

अमलेश राजू शुक्रवार की रात राष्ट्रीय राजधानी में 27 साल की महिला से बलात्कार के आरोपी अमेरिकी कैब कंपनी उबर के ड्राइवर को रविवार को मथुरा से गिरफ्तार कर लिया गया। साथ ही टैक्सी मुहैया कराने वाली इस कंपनी को दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच में शामिल होने का निर्देश दिया है। रविवार को […]
Author December 8, 2014 11:26 am
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजिल सैनी की टीम ने दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर मथुरा निवासी 32 साल के टैक्सी ड्राइवर शिव कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया।

अमलेश राजू

शुक्रवार की रात राष्ट्रीय राजधानी में 27 साल की महिला से बलात्कार के आरोपी अमेरिकी कैब कंपनी उबर के ड्राइवर को रविवार को मथुरा से गिरफ्तार कर लिया गया। साथ ही टैक्सी मुहैया कराने वाली इस कंपनी को दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच में शामिल होने का निर्देश दिया है।
रविवार को आगरा रेंज की डीआइजी लक्ष्मी सिंह के नेतृत्व में गठित वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजिल सैनी की टीम ने दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर मथुरा निवासी 32 साल के टैक्सी ड्राइवर शिव कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया। उसे मथुरा के सदर पुलिस थाने के तहत दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर एक मैरिज हॉल के पास से गिरफ्तार किया गया। डीआइजी के मुताबिक, जिस टैक्सी में यह अपराध हुआ है, वह यादव की थी और उसके मोबाइल नंबर के जरिए उसका पता लगाया गया। उसे दिल्ली पुलिस को सौंप दिया गया है। कार को शनिवार देर रात शहर से बरामद किया गया। दिल्ली पुलिस उपायुक्त मधुर वर्मा ने बताया कि हमने उबर के अधिकारी को धारा 161 के तहत जांच में शामिल होने के लिए नोटिस जारी किया है।

उपायुक्त के मुताबिक, न तो चालक के ब्योरे की पुष्टि की गई थी और न ही टैक्सी में जीपीएस लगा हुआ था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को दिल्ली लाया जा रहा है। इस तरह की कैब सेवा के संचालन के लिए परिवहन विभाग ने नियम तय किए गए हैं और हम देखेंगे कि इन नियमों का पालन किया गया या नहीं। वहीं कंपनी ने एक बयान जारी कर कहा है कि वह जांच में पुलिस को सभी मदद मुहैया करा रही है। उबर की प्रवक्ता एवलिन टे ने कहा-हमारी संवेदना इस खौफनाक अपराध की शिकार के साथ है और हम जांच में पुलिस के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। हम हरसंभव तरीके से उन्हें सहयोग करेंगे। किसी गंभीर घटना के आरोपों के बाद ड्राइवर के खाते को तुरंत निलंबित करने की हमारी नीति है और हमने इस मामले में यह किया है।

दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता राजन भगत ने बताया कि वाहन को खोज लिया गया है और उसे दिल्ली लाया जा रहा है और फोरेंसिक विशेषज्ञ उसका एफएसएल परीक्षण करेंगे। पुलिस की 12 टीमें खोज अभियान में शामिल थीं और हमें मथुरा में स्थानीय पुलिस से पूरा सहयोग मिला जिससे उसकी तुरंत गिरफ्तारी हो सकी। आरोपी चालक ने मोबाइल सिम किसी और के नाम पर ले रखा था और पता भी गलत दे रखा था।

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पूछताछ के दौरान पहली नजर में यह बात सामने आई है कि अमेरिकी कैब कंपनी उबर की ओर से आपराधिक लापरवाही हुई क्योंकि उनके पक्ष में कई गलतियां पाई गई हैं। यादव उबर के साथ पिछले छह महीने से काम कर रहा था। आरोप है कि यादव ने शुक्रवार की रात करीब साढ़े नौ बजे महिला का बलात्कार किया जो गुड़गांव में किसी फाइनेंस कंपनी में काम करती है और उत्तरी दिल्ली के इंद्रलोक क्षेत्र स्थित अपने घर लौट रही थी। रास्ते में पिछली सीट पर बैठी महिला को नींद आ गई और जब उसकी आंख खुली तो उसने एक निर्जन स्थान पर कैब को खड़ी पाया। उसने देखा कि कैब के दरवाजे बंद हैं और जब उसने शोर मचाने का प्रयास किया तो ड्राइवर ने उसे धक्का दिया और उसके साथ बलात्कार किया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने उसके बाद महिला को इंद्रलोक में उसके घर के पास छोड़ दिया और किसी को भी इस घटना की जानकारी देने पर जान से मारने की धमकी दी।

दिल्ली पुलिस की 12 टीमों द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी के लिए मथुरा और उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों में चलाए गए व्यापक खोजबीन अभियान के बीच दिल्ली पुलिस ने रविवार दिन में उसकी गिरफ्तारी के लिए एक लाख रुपए के इनाम की घोषणा की थी। यादव मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के एलाऊ पुलिस थाना क्षेत्र से ताल्लुक रखता है और वह मथुरा के चंद्रपुरी इलाके में किराए के मकान में रह रहा था। जब पुलिस दल उसके घर पर पहुंचा तो वह वहां नहीं था। शाम के समय उत्तर प्रदेश पुलिस के एएसपी अजय पाल की अगुआई में एक संयुक्त टीम ने उसे मथुरा में मीर मगान राजमार्ग पर एक मकान से गिरफ्तार किया जो उसके किराए के घर से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर था। पुलिस टीम यादव को लेकर रविवार आधी रात तक दिल्ली पहुंचेगी और उसे सोमवार को अदालत में पेश किया जाएगा।

निर्भया बलात्कार ने पूरे देश को हिला दिया था। तब शायद यह पहला मौका था जब देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं को बयान देकर इस प्रकार की वारदातों की निंदा और आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने का एलान करना पड़ा था। दो साल के बाद फिर दिसंबर में ही एक युवती को टैक्सी चालक ने बलात्कार के बाद यह धमकी दे डाली कि अगर शोर मचाया और ज्यादा हंगामा किया तो हालत निर्भया जैसी कर दी जाएगी। अब सवाल है कि बिना चालक के सत्यापन के उबर ने उसे नौकरी पर कैसे रख लिया। क्या इसमें कंपनी के साथ पुलिस की लापरवाही नहीं है? निर्भया बलात्कार कांड के बाद दिल्ली पुलिस ने केंद्र सरकार के जारी दिशा निर्देश का सही तरीके से पालन किया? अगर इन तमाम एहतियात को सही तरीके से अमल में लाया जाता तो आज फिर एक निर्भया हमारे सामने नहीं होती।

 

 

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