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और पास होंगे दिल्ली-जयपुर

सरकार 32,800 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से जयपुर और दिल्ली के बीच एक नया एक्सप्रेसवे बनाने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने यहां कहा, ‘हम दिल्ली और जयपुर के बीच एक नए एक्सप्रेसवे के लिए परियोजना की व्यवहार्यता का अध्ययन कर रहे हैं। परियोजना की अनुमानित लागत 32,800 करोड़ रुपए है’।
Author कोटपुतली | October 16, 2015 08:42 am
रुकी राह को गति देंगे गडकरी

सरकार 32,800 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से जयपुर और दिल्ली के बीच एक नया एक्सप्रेसवे बनाने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने यहां कहा, ‘हम दिल्ली और जयपुर के बीच एक नए एक्सप्रेसवे के लिए परियोजना की व्यवहार्यता का अध्ययन कर रहे हैं। परियोजना की अनुमानित लागत 32,800 करोड़ रुपए है’।

उन्होंने कहा कि इस परियोजना के लिए करीब 2,800 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण करना होगा। ‘भूमि अधिग्रहण की लागत 18,000 करोड़ रुपए होगी। एक्सप्रेसवे की लंबाई 261 किलोमीटर होगी’। प्रस्तावित एक्सप्रेसवे दिल्ली में इंदिरा गांधी हवाई अड्डे से शुरू होकर मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्ग-8 पर दौलतपुर में खत्म होगा। इस एक्सप्रेसवे से दिल्ली और जयपुर के बीच दूरी घटाने में मदद मिलेगी।

गडकरी ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग-8 के गुड़गांव-जयपुर खंड को छह लेन की करने की लंबित परियोजना इस साल दिसंबर में जनता को समर्पित कर दी जाएगी।

दूसरी ओर गडकरी ने कहा कि गुलाबी शहर जयपुर को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से जोड़ने वाले दिल्ली-जयपुर राजमार्ग का काम दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा, ‘इस अहम राजमार्ग परियोजना में देरी के लिए बहुत हद तक सरकार जिम्मेदार है। यह परियोजना 2011 तक पूरी हो जानी चाहिए थी। तीन कामों को छोड़कर फ्लाईओवरों सहित 57 ढांचों का निर्माण दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। तब हम परियोजना का उद्घाटन करेंगे’।

उन्होंने कहा कि 50 ढांचों का काम पूरा कर लिया गया है। पिंक सिटी एक्सप्रेसवे परियोजना पूरी करना उनके मंत्रालय के लिए प्राथमिकता रही है। भूमि अधिग्रहण और ठेका संबंधी मुद्दों सहित विभिन्न कारणों के कारण दिल्ली-जयपुर राजमार्ग परियोजना लंबे समय से अटकी रही है। इस 260 किलोमीटर की राजमार्ग परियोजना की लागत 1,896 करोड़ रुपए से बढ़कर 3,000 करोड़ रुपए पहुंच गई है।

गडकरी ने कहा, ‘शेष तीन ढांचों के लिए काम प्रगति पर है और यह मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा’। उन्होंने कहा कि 14 बैंकों ने परियोजना का वित्त पोषण किया है और पिछले एक साल में मंत्रालय के अधिकारियों ने बैंकों के साथ कई दौर की बैठकें कर उनसे पुनर्वित्त के लिए अनुरोध किया है।

यदि बैंक से वित्त उपलब्ध नहीं हो पाता है तो ऐसी स्थिति में केंद्र करीब 400 करोड़ रुपए मुहैया कराएगा। गडकरी ने कहा, ‘परियोजना पूरी होने पर दिल्ली और जयपुर के बीच यात्रा का समय मौजूदा करीब 8 घंटे से घटकर करीब तीन घंटे का रह जाएगा’। पिंक सिटी एक्सप्रेसवे प्राइवेट लिमिटेड इस परियोजना का विकास कर रही है।

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