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किरन बेदी का अरविंद केजरावील से सवाल: ‘क्यों दिया था CM का ऑफर?’

आंदोलन के दिनों में भी बीजेपी के प्रति सॉफ्ट होने के आम आदमी पार्टी (आप) के आरोप पर किरन बेदी ने पलटवार किया है। उन्होंने सवाल किया कि अगर उन्हें ऐसा लगता था तो अरविंद केजरीवाल क्यों मुझे ‘आप’ में शामिल होने के लिए मना रहे थे? बीजेपी की ओर से मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार […]
Author January 28, 2015 16:10 pm
किरन बेदी का ‘आप’ से सवाल, क्यों दिया था सीएम का ऑफर?

आंदोलन के दिनों में भी बीजेपी के प्रति सॉफ्ट होने के आम आदमी पार्टी (आप) के आरोप पर किरन बेदी ने पलटवार किया है। उन्होंने सवाल किया कि अगर उन्हें ऐसा लगता था तो अरविंद केजरीवाल क्यों मुझे ‘आप’ में शामिल होने के लिए मना रहे थे? बीजेपी की ओर से मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार किरन बेदी ने सवाल किया कि क्यों केजरीवाल मुझे सीएम पद का ऑफर दे रहे थे?

गौरतलब है कि किरन बेदी के बीजेपी में शामिल होने के बाद से ही ‘आप’ के नेता उन पर हमले बोलते रहे हैं। इन नेताओं का आरोप है कि शुरू से ही किरन बेदी का रुख बीजेपी को लेकर नरम था। केजरीवाल ने भी हमारे सहयोगी अखबार इकनॉमिक टाइम्स से बातचीत में कहा, ‘किरन बेदी के साथ मेरे मतभेद की शुरुआत नितिन गडकरी के कारण हुई। वह तत्कालीन बीजेपी अध्यक्ष के खिलाफ बोलने के लिए राजी नहीं थीं।’
केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली चुनाव में बीजेपी की तरफ से बेदी को सीएम कैंडिडेट घोषित करने का भी ज्यादा असर नहीं होगा, क्योंकि पार्टी की दिल्ली यूनिट के सभी नेता मिलकर उनका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘किरन बेदी जब बीजेपी में शामिल हुईं, तो पार्टी दिल्ली में डूबने के कगार पर थी। उन्होंने पार्टी को पूरी तरह डुबाने में बड़ा रोल अदा किया है। इससे पहले यह बंटा हुआ कुनबा था। इसमें कई ग्रुप हैं और सभी ग्रुप बेदी का खेल बिगाड़ने के लिए एक हो गए हैं।’

केजरीवाल ने आरोप लगाया कि टीम अन्ना की तरफ से बीजेपी को निशाना बनाए जाने के बाद बेदी ने उनका फोन उठाना बंद कर दिया। उन्होंने कहा, ‘दो साल पहले कोयला ब्लॉक आवंटन के खिलाफ आंदोलन के बाद बेदी ने मेरा फोन उठाना बंद कर दिया था। वह मेरे मेसेज का जवाब भी नहीं देती थीं। उन्होंने कहा था कि हमें नितिन गडकरी के घर का घेराव नहीं करना चाहिए था। लेकिन हमने ऐसा किया और इसके बाद वह खुलकर हमारे खिलाफ हो गईं।’

केजरीवाल ने हर्षवर्धन के बहाने भी बेदी पर निशाना साधा। उन्होंने हर्षवर्धन को ईमानदार और बढ़िया आदमी बताते हुए कहा कि बेदी से पहले वह बीजेपी में सीएम के सबसे मजबूत दावेदार माने जाते थे। केजरीवाल ने कहा, ‘मैं इस बात की कल्पना भी नहीं कर सकता कि उन पर (हर्षवर्धन) पर क्या गुजर रही होगी। आप लोगों को ऐसे किनारे नहीं कर सकते।’ आप नेता ने वरिष्ठ वकील शांति भूषण के बयानों पर भी दुख जताया। भूषण ने इसी अखबार से बातचीत में किरन बेदी की तारीफ की थी।

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  1. Santosh Makharia
    Jan 28, 2015 at 3:41 pm
    सवाल किरण बेदी जी का नही बल्कि देश से भरस्टाचार को खत्म करने का है /बीजेपी ने हाल ही में चुनाव आयोग को सात सो करोड़ खर्च का हिसाब दिया है किन्तु ये पैसे कहाँ से आये?ये देश को जानने का अधिकार पार्टी देश की जनता को नही देना चाहती क्या बीजेपी के द्वारा देश में कोई उद्योग धंधे चलाये जाते है ?किरण जी यदि इसे ी मानती है फिर देश से भरस्टाचार को समाप्त करने के लिए क्या किया जा सकता है /जिस देश का राजा व्यापारी हो और नफा नुकसान के आधार पे देश को चलने की नीति पे काम करे उस देश की प्रजा का क्या होगा ???
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    1. S
      satyendra singh
      Jan 28, 2015 at 7:22 pm
      किरणजी बीज v ugta है जिसे पानी से सींचें खून से नहीं. तुम जिनके साथ हो उन्हें hoon से sinchne की लत है, कचहे Godhara भूल जाना त्रिलोकपुरीनहीं. समझोगी या मणिपुर तबादला हो, या godhara की कमिश्नर हो जाओ. ओबामा की naa मण sahb तेरी najar में मुजरिम था.
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