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दिल्ली एयरपोर्ट बना देहव्यापार का रास्ता, नेपाली लड़कियों को आसानी से ले जाया जा रहा दुबई

सीबीआई की एक तफ्तीश में पता चला है कि यहां इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा नेपाली लड़कियों को कथित रूप से देहव्यापार के लिए दुबई ले जाने के पारगमन स्थल के तौर पर सामने आया है। एजेंसी ने इस संबंध में विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय को सतर्क कर दिया है। सीबीआई के सूत्रों ने कहा […]
Author January 7, 2015 08:33 am
‘नेपाली लड़कियों को दुबई ले जाने का रास्ता बन गया है दिल्ली एयरपोर्ट’

सीबीआई की एक तफ्तीश में पता चला है कि यहां इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा नेपाली लड़कियों को कथित रूप से देहव्यापार के लिए दुबई ले जाने के पारगमन स्थल के तौर पर सामने आया है। एजेंसी ने इस संबंध में विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय को सतर्क कर दिया है।

सीबीआई के सूत्रों ने कहा कि चल रही जांच में अभी तक यह पता चला है कि 20 से 30 साल की करीब छह से आठ हजार नेपाली लड़कियां पर्यटन के मकसद से नैरोबी, केन्या जाने के नाम पर देहव्यापार के लिए दुबई भेजी गयी हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि एजेंसी की जांच के दौरान जांच अधिकारियों ने विदेश क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय, एयर इंडिया, कतर एयरवेज, आव्रजन ब्यूरो और यहां के 15 ट्रेवल एजेंटों से जानकारी एकत्रित की।

कथित मानव तस्करी के तौर-तरीकों का ब्यौरा देते हुए एजेंसी के एक आला अफसर ने बताया कि लड़कियों को दुबई के रास्ते नैरोबी जाने के लिए टिकट, वीजा और होटल में बुकिंग की सुविधा दी गयी लेकिन जब वे दुबई पहुंचीं तो नैरोबी के उनके टिकट और होटल की बुकिंग रद्द कर दी गयी। अधिकारी ने दावा किया कि लड़कियां अपने साथ दुबई में काम करने के लिए ‘पेपर वीजा’ भी ले गयीं जो वे उन्होंने अपने पास छिपाकर रखा। दुबई में टिकट रद्द होने के बाद वे वहां अपने एजेंटों के पास गयीं और वहां दो से तीन महीने तक ठहरने के बाद लौट आईं।

जब अधिकारी से पूछा गया कि लड़कियां जब आसानी से दुबई जा सकती हैं और वहां से लौट सकती हैं तो नैरोबी का क्या चक्कर है, इस पर उन्होंने बताया कि कई वजहें हो सकती हैं। मसलन नेपाली अधिकारी नियोक्ता और काम के बारे में जानकारी मांगते हैं।

सूत्रों ने बताया कि एजेंसी ने गुप्त जानकारी मिलने के बाद औचक निरीक्षण किये जिनमें पता चला कि जुलाई में 76 लड़कियां एयर इंडिया के विमान से दुबई के रास्ते नैरोबी के लिए जा रहीं थीं। इसके बाद इन यात्राओं के ब्योरे की पड़ताल की गयी। एक अधिकारी ने कहा, ‘सभी दस्तावेज सही पाये जाने की वजह से हम कोई कार्रवाई नहीं कर सके।’

अधिकारी के मुताबिक एजेंसी ने विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय और अन्य संबंधित अधिकारियों को इस मुद्दे को देखने तथा आव्रजन प्रणाली की खामियों को दूर करने को कहा है जिनका फायदा एजेंट लड़कियों को खाड़ी देशों में भेजने में उठाते हैं।

अधिकारी ने कहा, ‘हमें पता चला कि इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा ऐसे चैनलों के जरिये लड़कियों को खाड़ी देशों में भेजने के लिहाज से कथित देहव्यापार गिरोहों के लिए प्रमुख पारगमन बिंदु बन गया है।’ उन्होंने कहा, ‘हमारा अनुमान है कि करीब छह से आठ हजार लड़कियों को इस तरह से भेजा गया। हमने विदेश मंत्रालय से यह पता लगाने को कहा है कि क्या भारतीय लड़कियों या अन्य दक्षेस देशों की लड़कियों को भी इस तरीके से भेजा जाता है।’

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