December 08, 2016

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रक्षा मंत्रालय ने 82 हजार करोड़ रु के प्रोजेक्टस को दी मंजूरी, 83 तेजस, 15 हेलिकॉप्टर और 464 टेंक खरीदे जाएंगे

रक्षा मंत्रालय द्वारा 82,000 करोड़ रुपए का रक्षा सौदा करने के लिए मंजूरी दी गई। इसमें 83 हल्के तेजस लड़ाकू विमान, 15 हल्के लड़ाकू हेलिकॉप्टर और 464 T-90 टैंक शामिल हैं।

रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर। (फाइल फोटो)

 

रक्षा मंत्रालय द्वारा सोमवार (7 नवंबर) को 82,000 करोड़ रुपए का रक्षा सौदा करने के लिए मंजूरी दी गई। इसमें 83 हल्के तेजस लड़ाकू विमान, 15 हल्के लड़ाकू हेलिकॉप्टर और 464 T-90 टैंक शामिल हैं। तेजस बनाने वाली Hindustan Aeronautics Limited (HAL) को पहले ही 40 एयरक्राफ्ट बनाने का ऑर्डर दिया जा चुका है। इस साल के अंत तक इंडियन एयरफोर्स को उनकी डिलीवरी की जाने लगेगी। तेजस डील में सरकार ने कुल 50,025 करोड़ रुपए खर्च करेगी। जो हेलिकॉप्टर खरीदे जाएंगे उनकी कीमत लगभग 2,911 करोड़ रुपए है। वह आर्मी और एयरफोर्स दोनों के काम आएंगे। वहीं टैंक्स के लिए सरकार को 13,448 करोड़ रुपए चुकाने होंगे। इसके अलावा रक्षा खरीद परिषद ने आर्मी के लिए 598 ड्रोन खरीदने की बात भी कही है। जुलाई में एयरफोर्स ने तेजस के एक स्कवाड्रन की बढ़ोतरी की थी। एक स्कवाड्रन में 14 से 16 एयरक्राफ्ट होते हैं। कई खामियों के बावजूद एयरफोर्स ने 2015 में तेजस के और एयरक्राफ्ट्स को शामिल करने का फैसला किया था।

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तेजस डील को अबतक प्रारंभिक परिचालन मंजूरी (आईओसी) मिली है लेकिन उसे अंतिम परिचालन मंजूरी (एफओसी) का इंतजार है। एनडीटीवी की खबर के मुताबिक यह मंजूरी किसी भी वक्त मिल सकती है। 80 और तेजस आने से भारत के पास इनकी संख्या 120 हो जाएगा। हालांकि, इनकी डिलीवरी के बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता। तेजस में मिली कमियों में सबसे बड़ी कमी यह थी कि हाल में मिले तेजस में हवा में इंधन भरने की सुविधा नहीं दी गई है।

रक्षा मंत्रालय और HAL के बीच इस बात को लेकर बात चल रही है कि कैसे प्रोडक्शन की क्षमता को बढ़ाया जाए। शुरुआत में एक साल के अंदर 8 एयरक्राफ्ट देने की बात कही गई है जिसे बाद में 16 कर दिया जाएगा। यानी एक साल में एक स्कवाड्रन।

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First Published on November 8, 2016 11:50 am

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