June 27, 2017

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नोटबंदी पर मनोहर पर्रिकर का बड़ा बयान, बोले- अब कश्मीर में पत्थरबाजी भी बंद हो गई

रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि 500 और 1000 रुपए के उच्च मूल्य वाले नोट बंद करने के बाद आतंकवाद का वित्तपोषण खत्म हो गया है और सुरक्षा बलों पर पथराव नहीं हो रहा है।

रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर। (फाइल फोटो)

500 और 1000 रुपए के उच्च मूल्य वाले नोट बंद करने के बाद आतंकवाद का वित्तपोषण खत्म हो गया है और सुरक्षा बलों पर पथराव नहीं हो रहा है। यह बात सोमवार (14 नवंबर) को रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कही। इस ‘‘साहसिक’’ कदम के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद दिया और कहा कि इससे मादक द्रव्यों पर रोक लगाने में भी मदद मिलेगी। पर्रिकर ने कहा, ‘‘पहले दरें तय थीं — सुरक्षा बलों पर पथराव के लिए पांच सौ रूपये और किसी अन्य काम के लिए एक हजार रूपये। प्रधानमंत्री ने आतंकवाद के वित्तपोषण को खत्म कर दिया।’’

भाजपा विधायक अतुल भाटखालकर की तरफ से आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, ‘‘पिछले कुछ दिनों में प्रधानमंत्री के साहसिक कदम के बाद सुरक्षा बलों पर पथराव नहीं हो रहा है। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री को बधाई देता हूं।’’ पर्रिकर ने बाद में संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि आतंकवाद को प्रायोजित करने वाले नोटबंदी से प्रभावित होंगे।

गौरतलब है कि मनोहर पर्रिकर के कुछ बयान पहले भी विवादों में रहे हैं। अभी हाल में उनके परमाणु बम पर दिए गए एक बयान ने विवाद पैदा कर दिया था। मोनहर पर्रिकर ने नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान कहा, ‘पहले प्रयोग नहीं (नो फर्स्ट यूज) की नीति’ के बजाय भारत यह क्यों नहीं कह सकता कि हम एक जिम्मेदार परमाणु शक्ति हैं और गैरजिम्मेदार तरीके से इसका प्रयोग नहीं करेंगे।’ लेकिन इसके तुरंत बाद पर्रिकर बोले, ‘यह मेरा निजी विचार हैं। वर्ना कुछ कल यह खबर चला देंगे कि पर्रिकर ने न्यूक्लियर सिद्धांत में बदलाव कर दिए हैं। सरकार द्वारा कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह मेरे निजी विचार हैं।’

इससे पहले रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने सर्जिकल स्‍ट्राइक का फैसला लेने के लिए राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ(आरएसएस) के प्रशिक्षण को क्रेडिट दिया था। उन्‍होंने कहा था कि महात्‍मा गांधी की धरती से आए प्रधानमंत्री और गोवा से आए रक्षामंत्री एक अलग तरह का कॉम्बिनेशन बनाते हैं। इस कॉम्बिनेशन ने भारतीय सेना के नियंत्रण रेखा के पार जाकर सर्जिकल स्‍ट्राइक करने का समर्थन किया। अहमदाबाद में निरमा यूनिवर्सिटी में ‘अपनी सेना को जानिए’ कार्यक्रम में पर्रिकर ने कहा था, ‘मैं चकित रह जाता हूं कि महात्‍मा गांधी की धरती से आए प्रधानमंत्री और गोवा से आए एक रक्षामंत्री व सर्जिकल स्‍ट्राइक, स्थिति काफी… हो सकता है आरएसएस की शिक्षा के कारण ऐसा हुआ हो लेकिन यह अलग तरह का कॉम्बिनेशन था।’

वीडियो: मनोहर पार्रिकर ने परमाणु हथियार के इस्तेमाल पर दिया बयान; विपक्ष ने बयान को बताया गैरज़िम्मेदाराना

 

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First Published on November 15, 2016 7:34 am

  1. A
    Amar NATH
    Nov 15, 2016 at 4:40 am
    अपना देश के लिए बहुत बड़ा काम हुआ है
    Reply
    1. J
      Jayant Kulkarni
      Nov 15, 2016 at 5:44 am
      kyonki sab line me khade hai.
      Reply
      सबरंग