December 07, 2016

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नोटबंदी पर लोकसभा में गतिरोध कायम, राजनाथ सिंह ने कहा- प्रधानमंत्री सदन में आकर चर्चा में होंगे शामिल

माकपा के पी करुणाकरण ने कहा कि हम सोचते थे कि प्रधानमंत्री पहले दिन ही सदन में आएंगे और नोटबंदी पर बोलेंगे। हम चाहते हैं कि नोटबंदी पर नियम 56 के तहत चर्चा हो।

Author नई दिल्ली | November 28, 2016 15:56 pm
संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा की कार्यवाही का एक दृश्य। (PTI Photo/ TV GRAB/17 Nov, 2016)

नोटबंदी के सरकार के फैसले को लेकर कुछ विपक्षी दलों ने सोमवार (28 नवंबर) को भी लोकसभा में नारेबाजी की और कार्यस्थगित करके चर्चा कराने के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बहस के दौरान मौजूद रहकर जवाब देने की मांग की। सरकार ने अश्वासन दिया कि प्रधानमंत्री सदन में आकर चर्चा में हस्तक्षेप करेंगे। हालांकि सरकार के आश्वासन से असंतुष्ट विपक्षी दलों के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दो बार के स्थगन के बाद पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी। हंगामे के बीच ही वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आयकर संशोधन विधेयक सदन में पेश किया। सुबह सदन की बैठक शुरू होने पर अध्यक्ष ने क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति फिदेल कास्त्रो के निधन पर श्रद्धांजलि व्यक्त की जिनका गत 25 नवंबर को क्यूबा के हवाना में 90 साल की आयु में निधन हो गया। इसके बाद उन्होंने प्रश्नकाल शुरू किया लेकिन नोटबंदी के मुद्दे पर कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और वाम दलों के सदस्य आसन के समक्ष आकर नारेबाजी करने लगे। अन्नाद्रमुक के सदस्य अपने स्थानों पर खड़े थे। विपक्षी सदस्यों का हंगामा जारी रहा। हंगामे के बीच ही अध्यक्ष ने प्रश्नकाल चलाने का प्रयास किया और चार प्रश्न लिये भी गये जिन पर संबंधित मंत्रियों ने शोर-शराबे के बीच ही जवाब दिये। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और वाम दलों के सदस्यों की नारेबाजी जारी रही और बैठक शुरू होने के करीब 20 मिनट बाद अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

दोपहर 12 बजे सदन की बैठक फिर शुरू होने पर लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री के सदन में मौजूद रहने पर जोर देते हुए कहा कि केंद्र के नोटबंदी के फैसले के खिलाफ आज सारे देश में आक्रोश दिवस मनाया जा रहा है। मोदीजी के फैसले के कारण गरीब, मजदूर, असंगठित क्षेत्र के लोग, किसान, महिलाएं आदि काफी प्रभावित हुए हैं। लोग एक पैसा भी नहीं निकाल पा रहे हैं। देश की आर्थिक व्यवस्था बर्बाद हो रही है। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ‘अगर विपक्ष चाहता है कि प्रधानमंत्री संसद में आएं, तो प्रधानमंत्री आएंगे और बहस में हस्तक्षेप करेंगे।’ खड़गे ने कहा कि हमारी मांग है कि सरकार के नोटबंदी के फैसले के कारण जनता को जो तकलीफ हो रही है, उसके बारे में हमारे कार्यस्थगन प्रस्ताव को मंजूर किया जाए। मोदीजी सदन से बाहर बोल रहे हैं। हमारा कहना है कि प्रधानमंत्री सदन में आएं और इस फैसले के बारे में सदन में बोलें। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह राष्ट्रहित में लिया गया क्रांतिकारी, साहसिक और गरीबोन्मुखी कदम है और किसी ने भी यह सवाल नहीं उठाया कि यह गलत नीयत से लिया गया फैसला है। विपक्षी दलों द्वारा प्रधानमंत्री से संसद में बहस के दौरान उपस्थित रहने पर जोर दिये जाने पर गृह मंत्री ने कहा, ‘अगर विपक्ष चाहता है कि प्रधानमंत्री संसद में आएं, तो प्रधानमंत्री आएंगे और बहस में हस्तक्षेप करेंगे।’

उन्होंने कहा कि बड़े नोटों को अमान्य करने का हमारी सरकार का फैसला कालेधन के खिलाफ जंग है। राजनाथ सिंह ने कहा कि जहां तक इस फैसले को लागू करने की बात है तो हम पहले दिन से इस पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं। हम इस बारे में विपक्ष के सुझावों पर भी विचार करने को तैयार हैं। तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा कि हमारा लक्ष्य और मकसद यह है कि सदन चले और कामकाज हो। इसमें सत्तारूढ़ पार्टी को भूमिका निभानी है। प्रधानमंत्री सदन में आएं और चर्चा का जवाब दें। सदन में सार्थक चर्चा होनी चाहिए। सपा नेता मुलायम सिंह यादव ने कहा कि हम सभी लोग मांग कर रहे हैं कि प्रधानमंत्री सदन में आएं और बोलें।

माकपा के पी करुणाकरण ने कहा कि हम सोचते थे कि प्रधानमंत्री पहले दिन ही सदन में आएंगे और नोटबंदी पर बोलेंगे। हम चाहते हैं कि नोटबंदी पर नियम 56 के तहत चर्चा हो। राजद के जयप्रकाश नारायण यादव ने कहा कि सदन में इस मुद्दे पर चर्चा हो और प्रधानमंत्री बोलें। बीजद के भृतहरि महताब ने कहा कि देश में जो परिस्थितियां बनी है, उस पर सदन में चर्चा होनी चाहिए और इस बारे में कोई हल जल्द निकालना चाहिए। शिवसेना के आनंदराव अडसुल ने कहा कि गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक में सहकारी बैंकों का जाल है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोग इससे जुड़े हैं लेकिन यहां पैसा नहीं है। वित्त सचिव ने कहा था कि सहकारी बैंकों को 21 हजार करोड़ रुपये दिये जायेंगे। लेकिन पैसा नहीं मिला। ‘मेरी विनती है कि पैसा शीघ्र दिया जाए क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है।’

गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्षी सदस्यों से कहा कि सरकार चर्चा को तैयार है। हालांकि कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और वामदलों के सदस्य आसन के समीप आकर नारेबाजी करते रहे। विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण लोकसभा अध्यक्ष ने सदन की बैठक दोपहर 12 बजकर 25 मिनट पर अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। दोपहर दो बजे सदन की बैठक शुरू होने पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भारी शोर-शराबे के बीच ही आयकर संशोधन विधेयक पेश किया। इसके बाद अध्यक्ष ने शून्यकाल चलाया और कुछ सदस्यों ने अपने क्षेत्रों से संबंधित महत्वपूर्ण विषय उठाये। हालांकि विपक्षी सदस्यों का हंगामा जारी रहा। अध्यक्ष ने एक बार फिर सदस्यों से अपने स्थान पर जाने और सदन की कार्यवाही चलने देने का आग्रह किया लेकिन विपक्षी सदस्यों का शोर शराबा जारी रहा और सदन की कार्यवाही अपराह्न दो बजकर 10 मिनट पर पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गयी।

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First Published on November 28, 2016 3:56 pm

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