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‘दादरी घटना एक दुर्घटना थी, इसमें राजनीति न हो’

दादरी में भीड़ द्वारा एक व्यक्ति की हत्या किए जाने के बाद केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने कहा कि राजनीतिक दलों को इस घटना को सांप्रदायिक रंग देकर इसपर..
Author दादरी | October 2, 2015 17:30 pm
महेश शर्मा ने कहा, यह एक दुर्घटना है और जांच सीबीआई या राज्य द्वारा की जानी चाहिए और दोषी को दंडित किया जाना चाहिए। जांच के नाम पर मासूम लोगों का शोषण न किया जाए।’’ (Express Photo by: Renuka Puri)

गौमांस खाने की अफवाह के बाद भीड़ द्वारा एक व्यक्ति की हत्या किए जाने के बाद जहां भाजपा निशाने पर आ गई है, वहीं केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने आज कहा कि राजनीतिक दलों को इस घटना को सांप्रदायिक रंग देकर इसपर राजनीति करने से बचना चाहिए और दोषी को सजा देने के लिए सीबीआई या राज्य की ओर से स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए।

एआईएमआईएम के विवादास्पद नेता असदुद्दीन ओवैसी द्वारा अखलाक के परिवार से मुलाकात किए जाने के बाद केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के स्थानीय सांसद शर्मा ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात की और अपना यह रुख कायम रखा कि यह घटना एक ‘दुर्घटना’ थी। ओवैसी ने आरोप लगाया था कि अखलाक को ‘पूर्वनियोजित’ साजिश के तहत उसके धर्म की वजह से निशाना बनाया गया था।

शर्मा ने कहा, ‘‘यह हमारी संस्कृति पर कलंक है और एक सभ्य समाज में ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए। यदि कोई कहता है कि यह पूर्वनियोजित था तो मैं यह नहीं मानता। यह एक दुर्घटना है और जांच सीबीआई या राज्य द्वारा की जानी चाहिए और दोषी को दंडित किया जाना चाहिए। जांच के नाम पर मासूम लोगों का शोषण न किया जाए।’’

शर्मा ने कहा, ‘‘कानून को अपना काम करना चाहिए और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। मैं इस घटना को कोई भी राजनीतिक या सांप्रदायिक रंग दिए जाने के प्रयास की निंदा करता हूं। ऐसे लोग न तो समाज के हितैषी हैं और न ही हमारे देश के।’’

मंत्री ने गांव के मंदिर में एक बैठक भी आयोजित की और कहा कि हिंदू परिवारों ने मुस्लिम परिवारों की सुरक्षा करने का वादा किया है। शर्मा की ये टिप्पणियां ऐसे समय पर आई हैं, जब राजनीतिक दलों ने भाजपा पर हमले बढ़ाते हुए आरोप लगाए हैं कि वह ऐसी घटनाओं के जरिए लोगों का धर्म के आधार पर ध्रुवीकरण करने की कोशिश कर रही है।

पीड़ित परिवार के साथ मुलाकात के बाद एआईएमआईएम के नेता ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस मुद्दे पर चुप्पी को लेकर उनपर निशाना साधा। ओवैसी ने कहा, ‘‘सबका साथ सबका विकास प्रधानमंत्री’ यदि ‘‘बहुलवाद और कानून व्यवस्था बनाए रखने में यकीन रखते हैं’’ तो उन्हें कम से कम एक ट्वीट के जरिए अपनी संवेदनाएं तो जतानी ही चाहिए थी। उन्होंने कहा, ‘‘यह हमला मांस को लेकर नहीं था। उसे धर्म के नाम पर मारा गया है। यह पूर्व नियोजित, निर्मम हत्या है। यह दुर्घटना नहीं हो सकती।’’

एआईएमआईएम के नेता ने केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा पर भी निशाना साधा। हैदराबाद के सांसद ने कहा, ‘‘महेश शर्मा देश के संस्कृति मंत्री हैं और यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि संविधान की शपथ लेने वाले मंत्री में इतना साहस और बौद्धिक ईमानदारी नहीं है कि वह स्पष्ट रूप से इस घटना की निंदा कर सके।’’

उन्होंने कहा, ‘‘वह और उनके प्रधानमंत्री कहते हैं, ‘सबका साथ सबका विकास’, फिर ऐसी घटनाएं हो जाती हैं। इन शब्दों पर अमल भी किया जाना चाहिए।’’

अपनी चुप्पी तोड़ते हुए उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग ‘गुलाबी क्रांति’ के खिलाफ बोलते हैं, उन्हें गौमांस का निर्यात प्रतिबंधित करना चाहिए। इसके साथ ही यादव ने आरोप लगाया कि वे लोग ऐसे मुद्दे उठाकर देश के ‘धर्मनिरपेक्ष’ प्रकृति को बिगाड़ना चाहते हैं।

लखनऊ में यादव ने कहा कि दोषियों को बक्शा नहीं जाएगा और उनकी सरकार ‘पूरी ईमानदारी’ के साथ काम करेगी। उन्होंने कहा, ‘‘इस घटना पर पूरे देश में बहस चल रही है और मैं आपको आश्वासन देता हूं कि जो लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें बक्शा नहीं जाएगा, फिर चाहे वे कितने ही ताकतवर क्यों न हों।’’

‘‘एक अफवाह में कुछ नहीं होता लेकिन इसकी वजह से बहुत कुछ हो सकता है। हमारा संविधान धर्मनिरपेक्षता पर आधारित है। हमारी योजनाएं इस सिद्धांत पर आधारित हैं लेकिन कुछ बल माहौल को बिगाड़ना चाहते हैं।’’

पिछले लोकसभा चुनाव में मांस के निर्यात के मुद्दे पर मोदी ने तत्कालीन संप्रग सरकार पर हमला बोलते हुए कहा था कि वह ‘गुलाबी क्रांति’ को बढ़ावा दे रही है। मोदी द्वारा संप्रग सरकार पर बोले गए उस हमले का हवाला देते हुए यादव ने कहा, ‘‘वे ऐसे मुद्दों को उभारना चाहते हैं। ये ताकतें गुलाबी क्रांति की बात करती हैं। हम आज कहेंगे कि अब आप सरकार में हैं, तो गौमांस का निर्यात प्रतिबंधित करो। आपको इसके निर्यात पर प्रतिबंध के लिए समर्थन जुटाना चाहिए।’’

अखलाक के परिवार द्वारा गौमांस खाए जाने की अफवाहों के बीच सोमवार रात को 200 लोगों की भारी भीड़ इनके घर घुस आई थी। भीड़ ने पीट-पीटकर अखलाक की जान ले ली थी और उसके 22 वर्षीय बेटे दानिश को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। उत्तरप्रदेश में गौवध प्रतिबंधित है।

50 वर्षीय व्यक्ति की हत्या के मुद्दे पर भाजपा और सत्ताधारी सपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का खेल शुरू हो गया है। सपा ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि वह उत्तरप्रदेश में वर्ष 2017 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले जानबूझकर हिंसा भड़का रही है ताकि लोगों का ध्रुवीकरण किया जा सके। वहीं भाजपा ने इसे कानून और व्यवस्था बनाए रखने में राज्य सरकार की विफलता करार दिया है।

यादव ने कहा, ‘‘सरकार और कानून पूरी ईमानदारी के साथ काम करेंगे और दोषी लोगों का पता लगाकर सजा सुनिश्चित करेंगे।’’ मुस्लिम दक्षिण पंथी संगठन ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेदाहुल मुस्लीमीन (एमआईएम) के प्रमुख ओवैसी ने समाजवादी सरकार पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि बजाय हमलावरों को पकड़ने के ‘‘वह मांस के एक टुकड़े का फोरेंसिक परीक्षण कर रही है और पीड़ित से आरोपी की तरह बर्ताव कर रही है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘उनके दिमागों में इतना जहर है कि वे मरने वाले व्यक्ति के साथ पीड़ित की तरह बर्ताव करने के बजाय उसके साथ आरोपी सरीखा बर्ताव कर रहे हैं।’’

मोदी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘‘हम उम्मीद कर रहे थे कि प्रधानमंत्री ने सरताज (पीड़ित के पुत्र) को अपनी संवेदनाएं भेजी होंगी और इसकी निंदा की होगी। हम उम्मीद कर रहे थे कि ‘सबका साथ सबका विकास’ प्रधानमंत्री ने कम से कम ट्वीट करके तो संवेदना जताई होगी।’’

ओवैसी ने मांग की कि आरोपी को हत्या से जुड़ी भारतीय दंड संहिता की धारा के तहत आरोपित किया जाए और मामले की समयबद्ध सुनवाई की जाए। उन्होंने कहा कि उन्हें डर है कि समाजवादी पार्टी की सरकार आरोपियों को बचकर निकल जाने देगी, ‘‘जैसे कि मुजफ्फरनगर दंगों के बाद हुआ।’’

हैदराबाद के सांसद ने कहा, ‘‘यह विचार धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ है, यह भारत के भाईचारे के खिलाफ है। यह मुस्लिमों को संदेह की नजर से देखता है।’’

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