December 10, 2016

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नोटबंदी को लेकर कांग्रेस का आरोप- 55 व्यक्तियों की हुई मौतें, माफी मांगे पीएम मोदी

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अपना हमला तेज करते हुए उच्च मूल्य के नोट चलन से बाहर करने के उनके ‘कठोर निर्णय’ को 55 व्यक्तियों की मृत्यु के लिए शुक्रवार (18 नवंबर) को जिम्मेदार ठहराया और उनसे मांग की कि वे उनके परिवारों एवं देश से माफी मांगे।

Author नई दिल्ली | November 18, 2016 22:32 pm
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अपना हमला तेज करते हुए उच्च मूल्य के नोट चलन से बाहर करने के उनके ‘कठोर निर्णय’ को 55 व्यक्तियों की मृत्यु के लिए शुक्रवार (18 नवंबर) को जिम्मेदार ठहराया और उनसे मांग की कि वे उनके परिवारों एवं देश से माफी मांगे। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने 55 व्यक्तियों की एक सूची जारी की जिन्होंने उच्च मूल्य के नोट चलन से बाहर होने के मद्देनजर बैंकों एवं एटीएम के बाहर पंक्ति में खड़े रहने के दौरान अपनी जान गंवाई। उन्होंने इसके साथ ही उनके परिवारों को मुआवजे के साथ ही उनकी मौत की जांच की भी मांग की। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘तानाशाह प्रधानमंत्री के कठोर निर्णय के चलते 55 मौतें हुईं।

इसके लिए कौन जिम्मेदार है? प्रधानमंत्री को उन व्यक्तियों के परिवारों से माफी मांगनी चाहिए जिन्होंने अपनी जान गंवाई और उन्हें देश से भी माफी मांगनी चाहिए। यह उनके असंगत निर्णय के चलते हुआ।’ उन्होंने कहा, ‘सरकार को इन 55 परिवारों को पर्याप्त मुआवजा देना चाहिए जिन्होंने अपने प्रियजन खोये हैं। उनकी मौतों की जांच होनी चाहिए और उसके परिणामस्वरूप कार्रवाई होनी चाहिए।’ सुरजेवाला ने साथ ही प्रधानमंत्री पर ‘पहले कार्रवाई करने और उसके बाद विचार करने’ का भी आरोप लगाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस निर्णय को लागू करने से पहले उनकी सरकार की ओर से कोई उचित योजना नहीं बनायी गई थी जिसने देश को ‘वित्तीय अव्यवस्था एवं अराजकता’ में धकेल दिया।

सुरजेवाला ने कहा कि देश के लोग ऐसे प्रधानमंत्री के बिना सोचे समझे किये गए निर्णय के चलते कष्ट एवं मुश्किल का सामना कर रहे हैं जो कि ‘छवि बनाने’ पर लगे हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री अब उन सभी को ‘राष्ट्र विरोधी’ बता रहे हैं जो उच्च मूल्य के नोट चलन से बाहर करने के उनके निर्णय पर सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस नेता ने यह भी मांग की कि सहकारी क्षेत्र को पुराने नोट इस्तेमाल करने की इजाजत दी जाए जिसमें बैंक एवं सोसाइटी शामिल हैं क्योंकि रबी बुवाई मौसम से पहले ग्रामीण अर्थव्यवस्था ठप हो गई है। उन्होंने कहा कि उच्च मूल्य के नोट चलन से बाहर करने पर 10 दिन पहले जारी ‘तुगलकी फरमान’ के बाद पूरा देश ‘वित्तीय आपातस्थिति एवं अव्यवस्था’ में फंस गया है। भारत के ‘असहाय एवं लाचार’ लोग अव्यवस्था एवं भ्रम की स्थिति में लंबी कतारों में फंसे हुए हैं। सुरजेवाला ने कहा, ‘यह सब एक व्यक्ति की जिद्द के कारण और उसकी छवि बनाने के लिए हुआ है। भारत के पास एक प्रधानमंत्री हैं जो निर्णय पहले करते हैं और सोचते बाद में हैं और सुनते किसी की भी नहीं। जब स्पष्ट गलतियां और घपला पकड़ा जाता है, सवाल करने वाले किसी को भी ‘राष्ट्र विरोधी’ करार दिया जाता है।’

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First Published on November 18, 2016 10:30 pm

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