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संसद परिसर में एक घंटे तक पत्रकारों को कहानियां सुनाते रहे माकपा सांसद मोहम्मद सलीम

उन्होंने यहां बताया कि लेफ्ट पार्टी के नेता कैसे मितव्ययी जीवन जीते हैं। इस दौरान सलीम ने कवि-राजनेता सुकांत भट्टाचार्य और अपने गुरु सुबोध राय के लाइफस्टाइल की तुलना की।
सीपीएम के सांसद मोहम्मद सलीम ने सुकांत के बारे में उन्होंने बताया कि वह पार्टी कार्यकर्ताओं से कहते थे कि उनका वह फूलों के बजाय समोसों से स्वागत किया करें, क्योंकि वह पार्टी के पैसों का नहीं खाते और कैसे एक अन्य पार्टी के पूर्व सांसद रॉय के सरल जीवन से भय खाते थे।

संसद भवन में शुक्रवार को सीपीएम के सांसद मोहम्मद सलीम पत्रकारों को कहानियां सुनाने लगे। उनके आसपास काफी पत्रकार जमा हो गए। उन्होंने यहां बताया कि लेफ्ट पार्टी के नेता कैसे मितव्ययी जीवन जीते हैं। इस दौरान सलीम ने कवि-राजनेता सुकांत भट्टाचार्य और अपने गुरु सुबोध राय के लाइफस्टाइल की तुलना की। काफी नए पत्रकारों के लिए वह किसी लोकसाहित्य से कम नहीं था। सुकांत के बारे में उन्होंने बताया कि वह पार्टी कार्यकर्ताओं से कहते थे कि उनका वह फूलों के बजाय समोसों से स्वागत किया करें, क्योंकि वह पार्टी के पैसों का नहीं खाते और कैसे एक अन्य पार्टी के पूर्व सांसद रॉय के सरल जीवन से भय खाते थे।

आपको बता दें कि शुक्रवार को विद्यालयों में अनिवार्य संस्कृत शिक्षण की व्यवस्था करने वाले विधेयक के साथ ही लोकसभा में 45 निजी विधेयक पेश किए गए थे। शुक्रवार होने के नाते सदन में गैर सरकारी सदस्यों का कामकाज प्रमुखता से लिया गया। इसी के तहत विभिन्न दलों के सदस्यों ने 45 गैर सरकारी विधेयक पेश किए थे। इनमें ए टी नाना पाटिल का विद्यालयों में अनिवार्य संस्कृत शिक्षण विधेयक और कविता कलवकंतुला का हल्दी बोर्ड संबंधी विधेयक प्रमुख था।

वहीं भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने भी शुक्रवार को एक निजी विधेयक राज्यसभा में पेश किया था, जिसमें गौवध के दोषी व्यक्ति को मृत्युदंड का प्रावधान किया गया है। स्वामी ने यह प्रावधान वाला गौसंरक्षण विधेयक, 2017 पेश किया था। विधेयक में गौवध पर पूर्ण प्रतिबंध का प्रावधान है और इसके कारणों और उद्देश्य में कहा गया है कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी भी गौवध पर पूर्ण प्रतिबंध चाहते थे। विधेयक में गायों की आबादी के स्थिरीकरण के लिए एक प्राधिकरण की स्थापना का प्रावधान किया गया है।

इसमें संविधान के अनुच्छेद 37 एवं 48 के तहत गौवध पर प्रतिबंध लगाने के लिए समुचित प्रबंध करने का प्रावधान किया गया है। इसमें गौवध के दोषी के लिए मृत्युदंड का भी प्रावधान किया गया है। विधेयक में कहा गया कि इस प्राधिकरण में पशुपालन सचिव तथा कृषि अर्थव्यवस्था, पशु कल्याण एवं प्राचीन भारतीय इतिहास या संस्कृति जैसे क्षेत्रों के पांच प्रख्यात लोगों को शामिल किया जाए।

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