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येचुरी के खिलाफ देशद्रोह के मामले की माकपा ने की निंदा

माकपा ने कहा कि यह तरीका इस धारा को निरस्त करने की जरूरत को रेखांकित करता है।
Author नई दिल्ली | March 1, 2016 01:03 am
माकपा महासचिव सीताराम येचुरी। (पीटीआई फाइल फोटो)

माकपा ने जेएनयू मामले में पार्टी के महासचिव सीताराम येचुरी और विपक्ष के अन्य नेताओं के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किए जाने की निंदा की है। जिस तरह से देशद्रोह के प्रावधान का इस्तेमाल किया जा रहा है, पार्टी ने उस पर भी चिंता जताई है। माकपा ने सोमवार को एक बयान में कहा कि पार्टी पोलित ब्यूरो येचुरी और विपक्ष के अन्य नेताओं के खिलाफ दर्ज देशद्रोह के मामले की निंदा करता है। वह नेताओं और प्राथमिकी में दर्ज अन्य लोगों के खिलाफ मामला हटाने की मांग करता है। जिस तरीके से देशद्रोह के प्रावधान (124 ए) का इस्तेमाल किया जा रहा है, वाम दल ने इस पर भी चिंता जाहिर की। माकपा ने कहा कि यह तरीका इस धारा को निरस्त करने की जरूरत को रेखांकित करता है। पोलित ब्यूरो केंद्र सरकार को ऐसे कदम उठाने के खिलाफ आगाह करता है, जो देश में लोकतांत्रिक अधिकारों और स्वतंत्रता का दमन करते हैं और असहमति व विरोध को राष्ट्रविरोधी करार दे देते हैं।

वकील जनार्दन गौड़ की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर हैदराबाद अदालत के आदेश पर येचुरी, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस के ही नेता आनंद शर्मा व अजय माकन, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, माकपा के राष्ट्रीय सचिव डी राजा, जद (एकी) प्रवक्ता केसी त्यागी, जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार और विश्वविद्यालय के शोधार्थी उमर खालिद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

गौड़ ने गुरुवार को मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में एक शिकायत दर्ज कराते हुए अनुरोध किया था कि अदालत जेएनयू परिसर में कथित तौर पर भारत विरोधी व अफजल गुरु समर्थित नारे लगाने के लिए कन्हैया और खालिद के खिलाफ मामला दर्ज करे। अपनी याचिका में गौड़ ने कहा था कि उन्हें राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में संलिप्त लोगों और राष्ट्रविरोधी लोगों को राष्ट्रद्रोह के आरोपों का सामना करने के लिए प्रोत्साहित करने वाले लोगों से सवाल पूछने का अधिकार है।

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  1. A
    ashok agarwal
    Mar 1, 2016 at 4:22 pm
    येचुरी से मेरा एक सवाल क्या कम्युनिस्ट कभी भी भारत को एक रास्त्र मानते है ???????????????
    (0)(0)
    Reply
    सबरंग