December 05, 2016

ताज़ा खबर

 

सिनेमाहॉल में राष्ट्रगान के अपमान वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को नोटिस भेजा

राष्ट्रगान का सम्मान होना चाहिए और प्रत्येक नागरिक को इसके प्रति उचित सम्मान दिखाना चाहिए।

Author नई दिल्ली | November 1, 2016 03:07 am
मुंबई के एक स्कूल में राष्ट्रगान के दौरान झंडा फहराती स्टूडेंट (Express photo by Amit Chakravarty)

सिनेमाघरों में फिल्म शुरू होने से पहले राष्ट्रगान बजाने के संबंध में निर्देश देने की मांग वाली जनहित याचिका पर उच्चतम न्यायालय ने सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा है कि किन परिस्थितियों में और किस प्रकार से राष्ट्रगान का अपमान होता है। न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति अमिताभ रॉय की पीठ ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया जिसमें ‘राष्ट्रीय सम्मानों का अपमान रोकथाम अधिनियम 1971’ के प्रावधानों का उल्लेख किया गया है और यह आरोप भी लगाया गया है कि ऐसी विभिन्न परिस्थितियों में राष्ट्रगान गाया जाता है जो स्वीकार्य नहीं है।

श्याम नारायण चौकसे की जनहित याचिका में यह निर्देश देने की मांग की गयी है कि देशभर में सिनेमाघरों में फिल्म शुरू होने से पहले राष्ट्रगान बजाया जाना चाहिए और इसे बजाने तथा सरकारी समारोहों और कार्यक्रमों में इसे गाने के संबंध में उचित नियम और प्रोटोकॉल तय होने चाहिएं जहां संवैधानिक पदों पर बैठे लोग मौजूद होते हैं। मामले में सुनवाई अब 30 नवंबर को होगी।

जम्मू-कश्मीर: सर्जिकल स्ट्राइक के बाद बंद हुए स्कूलों में फिर से लौटी रौनक; खुश नज़र आए बच्चे

 

वकील अभिनव श्रीवास्तव के माध्यम से दाखिल याचिका में कहा गया कि राष्ट्रगान का सम्मान होना चाहिए और प्रत्येक नागरिक को इसके प्रति उचित सम्मान दिखाना चाहिए। इसमें राष्ट्रगान के कथित अपमान से बचने के कुछ सुझाव भी दिए गए। याचिका के अनुसार, ‘किसी वित्तीय लाभ या किसी तरह के फायदे के लिए इसका व्यावसायिक उपयोग नहीं होना चाहिए। राष्ट्रगान के पूरा होने तक बीच में कोई अवरोध नहीं होना चाहिए और किसी भी वक्त इसे संक्षिप्त स्वरूप में नहीं गाया जाएगा।’ याचिका में कहा गया है, ‘राष्ट्रगान का नाटकीयकरण नहीं होना चाहिए और इसे किसी मनोरंजन आधारित कार्यक्रम में नहीं गाया जाना चाहिए।’

इसमें यह भी कहा गया है कि जो लोग राष्ट्रगान को नहीं समझते, उनके सामने तब तक इसे नहीं गाया जाना चाहिए, जब तक वे इस बात से उचित तरीके से अवगत नहीं हों कि भारत का राष्ट्रगान कब बजाया जाता है और उन्हें इसके प्रति सम्मान दिखाना है। याचिका में ऐसे कुछ वाकयात का भी जिक्र किया गया जिनमें कथित रूप से राष्ट्रगान का अपमान किया गया, जिनमें एक मामले में चीजों को नाटकीय रूप देने के लिए मनोरंजन आधारित शो में इसे बजाये जाने का उदाहरण दिया गया।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

First Published on November 1, 2016 3:07 am

सबरंग