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निजता को मौलिक अधिकार में शामिल नहीं कर सकतीं अदालतें

यह सिर्फ संसद द्वारा ही किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि निजता एक परिभाषित शब्द नहीं है और इसे संविधान के तहत एक अलग मौलिक अधिकार का दर्जा नहीं दिया जा सकता है।
Author नई दिल्ली | August 2, 2017 03:05 am
सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया

महाराष्ट्र सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि अदालतें निजता के अधिकार को संविधान के तहत मौलिक अधिकार के रूप में शामिल नहीं कर सकती हैं। सिर्फ संसद ही ऐसा कर सकती है।  प्रधान न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहर की अध्यक्षता वाले नौ सदस्यीय संविधान पीठ के सामने महाराष्ट्र सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील सीए सुंदरम ने यह दलील दी। यह संविधान पीठ इस सवाल पर विचार कर रही है कि क्या निजता का अधिकार मौलिक अधिकार है या नहीं।संविधान पीठ के अन्य सदस्यों में न्यायमूर्ति जे चेलामेश्वर, न्यायमूर्ति एसए बोबडे, न्यायमूर्ति आरके अग्रवाल, न्यायमूर्ति रोहिंटन फली नरिमन, न्यायमूर्ति अभय सप्रे, न्यायमूर्ति धनंजय वाई चंद्रचूड, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर शामिल हैं। सुंदरम ने कहा कि यह संविधान या कानून की व्याख्या का मामला नहीं है। यह किसी अधिकार को मौलिक अधिकार के रूप में शामिल करने का मामला है। यह सिर्फ संसद द्वारा ही किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि निजता एक परिभाषित शब्द नहीं है और इसे संविधान के तहत एक अलग मौलिक अधिकार का दर्जा नहीं दिया जा सकता है।

महाराष्ट्र सरकार के अलावा मध्य प्रदेश सरकार ने भी निजता के अधिकार को मौलिक अधिकार के रूप में शामिल करने की वकीलों की दलील का विरोध किया है। मध्य प्रदेश सरकार की ओर से अतिरिक्त सालिसिटर जनरल तुषार मेहता ने आयकर कानून, सूचना का अधिकार कानून और भारतीय टेलीग्राफ कानून सहित विभिन्न कानूनों का जिक्र करते हुए कहा कि इन तमाम कानूनों में निजता के अनेक पहलुओं की रक्षा की गई है। उन्होंने कहा कि चूंकि अनेक कानूनों में निजता के पहलू को संरक्षित किया गया है, इसलिए ऐसी स्थिति में इसे मौलिक अधिकारों की श्रेणी में रखने की आवश्यकता नहीं है।

मप्र सरकार का रुख

मध्य प्रदेश सरकार की ओर से अतिरिक्त सालिसिटर जनरल तुषार मेहता ने विभिन्न कानूनों का जिक्र करते हुए कहा है कि इन तमाम कानूनों में निजता के पहलू को संरक्षित किया गया है, इसलिए ऐसी स्थिति में इसे मौलिक अधिकारों की श्रेणी में रखने की आवश्यकता नहीं है।

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