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निर्भया सामुहिक दुष्कर्म: आरोपी के इंटरव्यू प्रसारण पर अदालत ने लगाई रोक

दिल्ली की एक अदालत ने आज कहा कि 16 दिसंबर के सामूहिक बलात्कार कांड के मुजरिम के तिहाड़ जेल में लिए गए साक्षात्कार के प्रसारण पर रोक अगले आदेश तक जारी रहेगी। मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट (सीएमएम) संजय खनगवाल ने यह आदेश उस समय दिया जब दिल्ली पुलिस ने एक मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट द्वारा कल लगाये गये […]
Author March 4, 2015 18:02 pm
सरकार ने गुरुवार को कहा कि वह बीबीसी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के विकल्पों पर विचार कर रही है।

दिल्ली की एक अदालत ने आज कहा कि 16 दिसंबर के सामूहिक बलात्कार कांड के मुजरिम के तिहाड़ जेल में लिए गए साक्षात्कार के प्रसारण पर रोक अगले आदेश तक जारी रहेगी।

मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट (सीएमएम) संजय खनगवाल ने यह आदेश उस समय दिया जब दिल्ली पुलिस ने एक मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट द्वारा कल लगाये गये प्रतिबंध संबंधी आदेश को उनके समक्ष पेश किया, जिसमें मीडिया पर इस साक्षात्कार का प्रकाशन, प्रसारण और उसे इंटरनेट पर अपलोड पर रोक लगा दी थी।

सीएमएम की अदालत ने अपने आदेश में कहा, ‘‘मामले के जांच अधिकारी ने यह सूचना देते हुए आवेदन दिया है कि मीडिया.इंटरनेट पर निर्भया सामूहिक बलात्कार कांड के मुजरिमों में एक के साक्षात्कार के प्रकाशन-प्रसारण-अपलोडिंग करने पर रोक लगाने के लिए तीन मार्च, 2015 को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष आवेदन दिया गया था जो पहले ही अगले आदेश तक के लिए पाबंदी आदेश जारी कर चुके हैं।’’

अदालत ने कहा, ‘‘ड्यूटी मजिस्ट्रेट पुनीत पाहवा के तीन मार्च, 2015 के आदेश को बरकरार रखा गया। रिकॉर्ड में रखा जाए।’’

पुलिस ने कल अदालत के समक्ष दायर अपने आवेदन में कहा था कि मुकेश सिंह, जो उस बस का चालक था, जिसमें 16 दिसंबर 2012 को 23 वर्षीय पैरामेडिकल छात्र के साथ बर्बर बलात्कार किया गया था, ने इस साक्षात्कार में महिलाओं के बारे में दुर्भावनापूर्ण और अपमानजनक बातें कहीं।

पुलिस ने कहा कि यदि साक्षात्कार का प्रसारण किया गया तो इससे जनाक्रोश फैल सकता है और कानून व्यवस्था की गंभीर समस्या खड़ी हो सकती है जैसी इस कांड के बाद हुई थी।

आज सुनवाई के दौरान (सीएमएम) अदालत ने यह भी कहा कि यदि कोई साक्षात्कार प्रकाशित या प्रसारित करता है तो पुलिस जरूरत महसूस होने पर उसके खिलाफ कार्रवाई भी कर सकती है।

दिल्ली पुलिस ने कल इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी और उसके बाद मीडिया द्वारा इस साक्षात्कार के प्रसारण, प्रकाशन पर रोक के बारे में अदालत से आदेश हासिल किया था।

यह मामला ब्रिटिश फिल्मकार लेस्ली उडविन और बीबीसी द्वारा किए गए साक्षात्कार से जुड़ा है जिसमें 16 दिसंबर के सामूहिक बलात्कार कांड के मुजरिम मुकेश सिंह ने विवादास्पद बयान दिया था। साक्षात्कार को लेकर पुलिस ने भादसं और आईटी कानून की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

उडविन ने दावा किया था कि उन्होंने बीबीसी के वास्ते मुकेश से साक्षात्कार करने के लिए तिहाड़ जेल की तत्कालीन महानिदेशक विमला मेहरा से इजाजत ली थी। पुलिस ने कहा कि वह मामले की जांच कर रही है।

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