ताज़ा खबर
 

संसद में बेबस नजर आ रही है कांग्रेस

संसद में सरकार को घेरने का विपक्ष का दावा इस हफ्ते भी बेजान रहा। बिहार में महागठबंधन से अलग होकर जनता दल (एकी) नेता नीतीश कुमार का भाजपा के साथ सरकार बनाने और गुजरात में कांग्रेस के विधायकों की बगावत से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल के राज्यसभा की राह कठिन हो गई।
Author नई दिल्ली | July 30, 2017 02:06 am
संसद में राहुल गांधी

संसद में सरकार को घेरने का विपक्ष का दावा इस हफ्ते भी बेजान रहा। बिहार में महागठबंधन से अलग होकर जनता दल (एकी) नेता नीतीश कुमार का भाजपा के साथ सरकार बनाने और गुजरात में कांग्रेस के विधायकों की बगावत से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल के राज्यसभा की राह कठिन हो गई। इन घटनाओं से कांग्रेस को सदन में सांप सूंघ गया। शायद यह पहली बार था कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी की सदन में मौजूदगी के बाद भी सदन में कांग्रेस के गिनती के सदस्य नजर आए। कांग्रेस के छह सदस्यों के निलंबन के बाद भी लोकसभा में शांतिपूर्वक काम हुआ। शायद इसी वजह से प्रधानमंत्री संसद परिसर के अपने दफ्तर में मौजूद होने के बाद भी संसद में कम ही दिखे। वे तय कार्यक्रम के हिसाब से बुधवार को लोकसभा और गुरुवार को राज्यसभा में कुछ समय के लिए रहते हैं। लेकिन मामनसून सत्र में अबतक उन्होंने संसद में कुछ बोला नहीं है।

राष्ट्रपति चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस ने सोमवार को गोहत्या रोकने के नाम पर हो रही हिंसा के खिलाफ ठोस कारवाई की जोरदार मांग की। 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद संसद का राजनीतिक समीकरण काफी बदल चुका है। राजद दलों के अलावा तेलंगना राष्ट्र समिति (टीआरएस), वाईएसआर कांग्रेस पूरी तरह से भाजपा के साथ हैं। तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता के निधन के बाद एआइडीएमके अंदरूनी लड़ाई से जूझ रही है। लेकिन भाजपा के साथ दिख रही है। बीजू जनता दल भी सरकार के साथ ही दिख रहे हैं। कुछ छोटे दलों को छोड़ दें तो कांग्रेस, टीएमसी और वाम दल ही भाजपा के नेतृत्व वाले राजग के खिलाफ खड़े नजर आते हैं। इन दलों में भी तालमेल का आभाव साफ नजर आता है।
सोमवार को कांग्रेस के सदस्य सोनिया गांधी के इशारे पर अध्यक्ष के आसन के सामने आकर नारेबाजी कर रहे थे। यह देखकर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने बोफोर्स घोटाले की नए सिरे से जांच की मांग उठाकर शोर मचाना शुरू कर दिया। हगांमा बढ़ने पर अध्यक्ष के आसन की ओर कागज के टुकड़े फेंके गए। इससे नाराज अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कांग्रेस के छह सदस्यों को पांच बैठकों के लिए सदन से निलंबित कर दिया। निलंबन हटाने की मांग के समर्थन में भी दूसरे विपक्षी दल के गिनती के सदस्य कांग्रेस के साथ आए। मंगलवार को नए राष्ट्रपति के शपथग्रहण की वजह से संसद में कम कामकाज हुआ।

निलंबन पर संसद परिसर में कुछ समय के लिए धरना दिया गया। बुधवार को कांग्रेस ने फिर से इसे मुद्दा बनाया। लेकिन अध्यक्ष ने लोकसभा की कार्यवाही नहीं रोकी। गुरुवार को कांग्रेस के नेता मल्लिकाजुर्न खरगे निलंबन के मुद्दे पर कार्यस्थगन प्रस्ताव पर बोलने की मांग करने लगे। गुरुवार को बिहार में नीतीश कुमार के इस्तीफे और भाजपा के साथ सरकार बनाने की घोषणा और गुजरात में कांग्रेस विधायकों की बगावत ने कांग्रेस नेताओं को बेदम कर दिया।
शुक्रवार संसद में गैर सरकारी दिन होता है। लेकिन इस बार लगा ही नहीं कि संसद की बैठक इस माहौल में हो रही है जिसमें विपक्ष के सबसे बड़े दल के छह सदस्यों को निलंबित किया गया हो। शुक्रवार निलंबन का आखरी दिन था। शायद यह पहली बार ऐसा हुआ कि कांग्रेस के दोनों बड़े नेता संसद में हों और उनके गिनती के पांच सांसद उनके साथ बैठे दिखे। वैसे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी जब संसद आती हैं तो वे पूरी सक्रियता से अपने सदस्यों का मार्गदर्शन करती हैं। राहुल गांधी कब सदन में हैं और कब नहीं हैं, यह उनके सदस्यों को पता नहीं होता है।

अभी भी सत्ता पक्ष हर रोज संसद में विपक्ष पर भारी नजर आता है। माना जा रहा है कि अगले साल बजट सत्र तक भाजपा राज्यसभा में भी बहुमत में आ जाएगी। इसके बाद सरकार संसद में जो चाहेगी वह करवा लेगी। बुधवार को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज अड़ गई कि वे ईराक में गायब भारतीयों के मुद्दे पर तभी बोलेंगी जब सभी बैठ जाएंगे। कुछ देरी के स्थगन के बाद कांग्रेस को उनकी बात माननी पड़ी। भले ही उसका कारण पंजाब के सांसदों का दबाव हो, क्योंकि गायब होने वाले ज्यादातर भारतीय पंजाब के हैं। मानसून सत्र 17 जुलाई से 11 अगस्त तक चलना है। राष्ट्रपति का चुनाव हो चुका है और उपराष्ट्रपति का चुनाव होना है। रामनाथ कोविंद की तरह राजग के वेंकैया नायडू का उपराष्ट्रपति बनना तय माना जा रहा है। हालांकि नीतीश कुमार की जद (एकी) के सदस्यों के लिए उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष के उम्मीदवार को वोट करने में कठिनाई होगी। उन्होंने भाजपा के साथ सरकार बनाने के बाद भी विपक्षी उम्मीदवार राजमोहन गांधी को वोट देने का वादा किया है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.