ताज़ा खबर
 

फिल्म बेचने की कोशिश कर रहे हैं मधुर भंडारकर, इंदिरा गांधी की छवि को कोई चित्र-चलचित्र नहीं बदल पाएगी- ‘इंदू सरकार’ विवाद पर कांग्रेस का बयान

मनीष तिवारी ने कहा कि लोग चाहें इंदिरा गांधी की छवि को खराब करने के लिए कुछ भी कर लें, लेकिन हकीकत ये है कि इंदिरा गांधीजी को देश की जनता के दिलों में बहुत विशेष स्थान हासिल है।
फिल्म इंदू सरकार के गीत को दिल्ली में लॉन्च करते निर्देशक मधुर भंडारकर, साथ में हैं संगीतकार बप्पी लहरी, अभिनेत्री कीर्ति कुल्हरी और इशिका तनेजा (फोटो-PTI)

निर्देशक मधुर भंडारकर की फिल्म इंदू सरकार से जुड़े विवाद पर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस ने कहा है कि मधुर भंडारकार अपनी फिल्म को बेचने की कोशिश कर रहे हैं और इसके लिए वो हर हथकंडा अपना रहे हैं, ताकि उन्हें ज्यादा से ज्यादा पब्लिसिटी मिले। कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, ‘मधुर भंडारकर अपनी फिल्म को बेचने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि उन्हें ज्यादा से ज्यादा पब्लिसिटी मिले।’ बता दें कि दावा किया जा रहा है कि ये फिल्म देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की जीवनी पर आधारित है। हालांकि निर्देशक मधुर भंडारकर ने ये भी कहा है कि इस फिल्म में कई फिक्शन कैरेक्टर भी हैं, और ये फिल्म पूरी तरह से इंदिरा गांधी पर आधारित नहीं है। कांग्रेस कार्यकर्ता इस फिल्म का लगातार विरोध कर रहे हैं। रविवार 16 जुलाई को नागपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरोध की वजह से मधुर भंडारकर को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस रद्द करना पड़ा। इससे पहले पुणे में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा किया था।

नागपुर में फिल्म इंदू सरकार को विरोध करते कांग्रेस कार्यकर्ता (फोटो-PTI)

कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि लोग चाहें इंदिरा गांधी की छवि को खराब करने के लिए कुछ भी कर लें, लेकिन हकीकत ये है कि इंदिरा गांधीजी को देश की जनता के दिलों में बहुत विशेष स्थान हासिल है और उसको कोई चित्र-चलचित्र या किताब नहीं बदल पाएगी। इससे पहले फिल्म के निर्देशक मधुर भंडारकर ने रविवार को कहा कि क्या मुझे अभिव्यक्ति की आजादी नहीं है। मधुर भंडारकर ने राहुल गांधी को ट्वीट कर लिखा, ‘ ‘प्रिय राहुल गांधी पुणे के बाद आज मुझे नागपुर की प्रेस कॉन्फ्रेंस को भी रद्द करना पड़ा है। क्या आप इसे गुंडागर्दी नहीं कहेंगे? क्या मुझे इस देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं है।’

मधुर भंडारकर ने कहा है कि लोग सिर्फ इस फिल्म का ट्रेलर देखकर ही हंगामा करने लगे हैं। मधुर भंडारकर ने इस आरोप को भी खारिज किया है कि मोदी समर्थक होने की वजह से उन्हें इस फिल्म को सेंसर बोर्ड से पास कराने में दिक्कत नहीं हुई है। उन्होंने कहा है कि उनकी फिल्म में 17 जगहों पर सेंसर बोर्ड की कैंची चली है और उन्हें  कम्यूनिस्ट, किशोर कुमार, आरएसएस, अकाली, जेपी नारायण जैसे शब्द हटाने को कहे गये हैं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

First Published on July 16, 2017 10:03 pm

  1. No Comments.
सबरंग