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मोदी सरकार को घेरने की तैयारी में जुटी कांग्रेस

नरेंद्र मोदी सरकार पर महत्त्वपूर्ण मुद्दों पर रुख से पलटने का आरोप लगाने वाली कांग्रेस अपने हमले को तेज करने की तैयारी कर रही है। इसमें वह भाजपा को उसके चुनावी वादों से पीछे हटने व यूपीए सरकार की योजनाओं को अपनाने के मुद्दों पर घेरने का प्रयास करेगी। पार्टी सूत्रों ने बताया कि पार्टी […]
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास नहीं है अपना ई-मेल आईडी

नरेंद्र मोदी सरकार पर महत्त्वपूर्ण मुद्दों पर रुख से पलटने का आरोप लगाने वाली कांग्रेस अपने हमले को तेज करने की तैयारी कर रही है। इसमें वह भाजपा को उसके चुनावी वादों से पीछे हटने व यूपीए सरकार की योजनाओं को अपनाने के मुद्दों पर घेरने का प्रयास करेगी। पार्टी सूत्रों ने बताया कि पार्टी सोमवार को एक पुस्तिका जारी करेगी और सरकार को घेरने के लिए अगले हफ्ते से इन मुद्दों को संसद में उठाने की योजना भी बना रही है।

33 पन्नों की पुस्तिका में दो दर्जन से अधिक ऐसे विषय गिनाए जाएंगे जिनमें राजग सरकार के अपने रुख से पलटने का दावा किया गया है। इनमें काला धन, चीन और पाकिस्तान के साथ सीमा पर हालात से निपटने जैसे मुद्दे हैं तो नगद सबसिडी और बीमा में एफडीआइ और जीएसटी जैसे अलग-अलग विधेयकों का भी जिक्र है। यह यूपीए के प्रस्तावों में शामिल थे। कैग रिपोर्ट और बलात्कार के मामलों पर भाजपा के रुख जैसे मुद्दों को भी शामिल किया जाएगा। पार्टी महासचिव और संचार विभाग के अध्यक्ष अजय माकन के अनुसार हम जब सरकार के यू-टर्न पर सोमवार को पुस्तिका का विमोचन करने के अपने कार्यक्रम को अंतिम रूप दे ही रहे थे, तभी नरेंद्र मोदी सरकार ने परमाणु मुद्दे पर एक और यू-टर्न ले लिया।

माकन का बयान रविवार को इस खबर के बाद आया कि मोदी सरकार देश के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम पर कुछ योजना बना रही है। भाजपा ने 2008 में यूपीए सरकार की ओर से भारत-अमेरिका परमाणु करार पर दस्तखत करने का विरोध किया था। इस बीच मोदी सरकार पर हमला जारी रखते हुए माकन ने कहा कि यूपीए सरकार की शुरू की गई ‘आधार’ योजना पर सरकार पूरी तरह पलट गई है। उन्होंने ट्वीट किया- यू टर्न सरकार को छह महीने हो गए हैं। माकन ने अपने ब्लॉग में लिखा कि यूपीए सरकार की ‘आधार’ योजना की सार्वजनिक आलोचना करने के बाद भाजपा अब इसे कुछ वजहों से बढ़ावा दे रही है।

उन्होंने कहा कि आधार की वैधता और इसमें किसी राज्य सरकार की हिस्सेदारी पर सवाल खड़ा करने के बाद मोदी सरकार अब इसे ऐसे साधन के तौर पर देख रही है जो 2000 करोड़ रुपए के सबसिडी बोझ को कम करने में वित्त मंत्री की मदद करेगा। माकन के मुताबिक प्रकाश जावड़ेकर ने नवंबर 2012 में कहा था कि नगदी अंतरण गरीब जनता के साथ खेला जा रहा खेल है, वहीं नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान कर्नाटक में एक रैली में कहा था कि यूपीए की आधार योजना विफल हो गई। कांग्रेस नेता ने आधार के विरोध में भाजपा नेताओं अनंत कुमार और मीनाक्षी लेखी के बयानों का भी जिक्र किया।

राजग के रुख में विरोधाभास की ओर इशारा करते हुए माकन ने कहा कि मोदी की अध्यक्षता वाले केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस साल 19 अक्तूबर को एलपीजी में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण योजना को मंजूर किया वहीं वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि इस योजना से उन्हें 2000 करोड़ रुपए की सरकारी सबसिडी कटौती में मदद मिलेगी। सोशल मीडिया पर शनिवार को इस बाबत अभियान की शुरुआत करते हुए कांग्रेस ने सवाल उठाया था कि घुसपैठ और काले धन के मुद्दे पर सरकार के रुख में उतार चढ़ाव क्यों है। पार्टी ने ट्विटर पर सरकार के खिलाफ अभियान की शुरुआत ‘हैश टैग यू टर्न सरकार’ थीम के तहत की है। इससे पहले भी कांग्रेस ने ‘100 डेज आॅफ मिसरुल’ नाम से एक पुस्तिका निकाली थी और नरेंद्र मोदी सरकार पर चुनाव प्रचार के दौरान किए गए किसी भी वादे को नहीं निभाने का आरोप लगाया था।

 

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