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कांग्रेस का अध्यादेशों पर आपत्ति जताना, बिल्ली के हज जाने जैसा: वेंकैया नायडू

कांग्रेस पर भूमि विधेयक पर सरकार के खिलाफ दुष्प्रचार करने का आरोप लगाते हुए भाजपा ने मंगलवार को कहा कि विपक्षी पार्टी का अध्यादेश पुन: जारी करने की आलोचना करना शैतान के प्रवचन देने की कहावत जैसा...
वेंकैया ने कहा कि जवाहर लाल नेहरू के समय में 77 अध्यादेश, इंदिरा गांधी के कार्यकाल में तकरीबन 77 अध्यादेश जबकि राजीव गांधी के शासनकाल में 35 अध्यादेश जारी किए गए।

कांग्रेस पर भूमि विधेयक पर सरकार के खिलाफ दुष्प्रचार करने का आरोप लगाते हुए भाजपा ने मंगलवार को कहा कि विपक्षी पार्टी का अध्यादेश पुन: जारी करने की आलोचना करना शैतान के प्रवचन देने की कहावत जैसा है। कांग्रेस शासनकाल के पिछले रेकार्ड को सामने रखते हुए सत्तारूढ़ पार्टी ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में रेकार्ड संख्या में अध्यादेश जारी किए गए और विपक्षी दल को यह अधिकार नहीं है कि वे हमारे ऊपर लोकतंत्र की हत्या करने का आरोप लगाएं।

भाजपा ने अपने सांसदों को पूर्ववर्ती सरकार के दौरान अध्यादेश जारी करने के रेकार्ड से लैस करते हुए उनसे संसद में महत्त्वपूर्ण भूमि विधेयक पारित होने से पहले आलोचना करने वालों का पर्दाफाश करने को कहा। संसदीय कार्य मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा कि विपक्षी पार्टी का अध्यादेश मार्ग की आलोचना करना शैतान के प्रवचन देने के समान है। यह एक कहावत है पर कांग्रेस का बर्ताव ऐसा ही रहा है। उन्होंने बार-बार अध्यादेश का मार्ग अपनाया। पिछले 50 वर्षों में 456 अध्यादेश जारी किए गए।

वेंकैया ने कहा कि जवाहर लाल नेहरू के समय में 77 अध्यादेश, इंदिरा गांधी के कार्यकाल में तकरीबन 77 अध्यादेश जबकि राजीव गांधी के शासनकाल में 35 अध्यादेश जारी किए गए। वेंकैया ने कहा कि माकपा समर्थित संयुक्त मोर्चा की सरकार ने 77 अध्यादेश जारी किए यानी प्रतिमाह की दर से तीन अध्यादेश जारी किए गए। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि कम्युनिस्ट पार्टी समर्थित संयुक्त मोर्चा सरकार के दौरान केवल 61 विधेयक पारित किए गए। जबकि 77 अध्यादेश जारी किए गए। वे आज अध्यादेश जारी करने पर आपत्ति जता रहे हैं जबकि इस बारे में विभिन्न पक्षों से व्यापक विचार विमर्श किया गया है।

भाजपा संसदीय पार्टी की बैठक में वेंकैया ने अध्यादेश जारी करने की पूर्व की सरकार के रेकार्ड के बारे में बताया। कांग्रेस को अतीत की याद दिलाते हुए वेंकैया ने कहा कि दुष्प्रचार की एक सीमा होती है। 10 बार दोहराने से झूठ कभी भी सच नहीं हो सकता है। हम पर लोकतंत्र की हत्या करने का आरोप लगाने से पहले आप यह देखें कि जब आपने आपातकाल लगाया था और लाखों लोगों को जेल में बंद कर दिया, मीडिया को दबाया, इसे आप क्या कहेंगे। आप पिछली सभी बातें भूल गए हैं।

उन्होंने कहा- हमारी आलोचना करने से पहले कुछ होमवर्क करें। सौ चूहे खाकर बिल्ली चली हज को। हम केवल आपको याद दिलाना चाहते हैं कि आप भी इसे लाए थे। विकास के गुजरात मॉडल का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा- आपकी अपनी सरकार ने डीआइपीपी के जरिए एक अध्ययन कराया था जिसमें कहा गया कि गुजरात मॉडल सर्वश्रेष्ठ है। यह 2014 के चुनाव से पहले डीआइपीपी की रिपोर्ट है।

उन्होंने डीआइपीपी के अध्ययन के अनुरूप गुजरात की भूमि नीति को सर्वश्रेष्ठ बताए जाने की सुप्रीम कोर्ट द्वारा सराहना करने का जिक्र किया और पूर्व के केंद्रीय भूमि कानून को छल बताया। वेंकैया ने कहा- मैंने अपने सांसदों को इस बारे में बताया और ब्योरा दिया। सभी तथ्य सामने आने पर संसद में भूमि विधेयक पारित होने से पहले कांग्रेस का लोगों के समक्ष पर्दाफाश हो जाएगा।

अपने गिरेबान में झांकें: वेंकैया
पिछले 50 वर्षों में 456 अध्यादेश जारी किए गए। जवाहर लाल नेहरू के समय में 77 अध्यादेश, इंदिरा गांधी के कार्यकाल में तकरीबन 77 अध्यादेश जबकि राजीव गांधी के शासनकाल में 35 अध्यादेश जारी किए गए। वेंकैया ने कहा कि माकपा समर्थित संयुक्त मोर्चा की सरकार ने 77 अध्यादेश जारी किए यानी प्रतिमाह की दर से तीन अध्यादेश जारी किए गए। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि कम्युनिस्ट पार्टी समर्थित संयुक्त मोर्चा सरकार के दौरान केवल 61 विधेयक पारित किए गए। जबकि 77 अध्यादेश जारी किए गए। ये लोग आज अध्यादेश जारी करने पर आपत्ति जता रहे हैं।

हम पर लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगाने से पहले आप (कांग्रेस) यह देखें कि जब आपातकाल लगाया था और लाखों लोगों को जेल में बंद कर दिया, मीडिया को दबाया, इसे आप क्या कहेंगे। आप पिछली सभी बातें भूल गए हैं।

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