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कांग्रेस ने जयंती पर छिपे इरादे रखने का आरोप लगाया

पूर्व केंद्रीय पर्यावरण मंत्री जयंती नटराजन के राहुल गांधी को निशाना बनाए जाने पर कांग्रेस शुक्रवार को राहुल के पक्ष में एकजुट हो गई। पार्टी ने पर्यावरण मंत्रालय के कामकाज में राहुल के हस्तक्षेप के आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताते हुए खारिज किया। साथ ही नटराजन पर छिपा हुआ इरादा रखने का आरोप […]
Masarat Alam: कांग्रेस ने कहा, “प्रधानमंत्री और भाजपा को यह जवाब देना होगा कि पीडीपी-भाजपा सरकार लगातार एकतरफा फैसले से जम्मू कश्मीर के शांतिपूर्ण माहौल को क्यों बिगाड़ रही है।’’

पूर्व केंद्रीय पर्यावरण मंत्री जयंती नटराजन के राहुल गांधी को निशाना बनाए जाने पर कांग्रेस शुक्रवार को राहुल के पक्ष में एकजुट हो गई। पार्टी ने पर्यावरण मंत्रालय के कामकाज में राहुल के हस्तक्षेप के आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताते हुए खारिज किया। साथ ही नटराजन पर छिपा हुआ इरादा रखने का आरोप लगाया। नटराजन से ठीक पहले यूपीए सरकार में पर्यावरण मंत्री रहे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा कि राहुल के खिलाफ उनके आरोप न सिर्फ पूरी तरह से अनुचित हैं बल्कि यह विचलित कर देने के हद तक निराधार भी हैं।

रमेश ने यहां एक बयान में कहा कि जयंती नटराजन से ठीक पहले तकरीबन 25 महीने तक पर्यावरण मंत्री रहने के नाते मैं पूरी ईमानदारी से यह कह सकता हूं कि राहुल गांधी ने किसी मौके पर मुझे प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कभी यह नहीं कहा कि मेरे मंत्री पद की जिम्मेदारी के निर्वहण में मुझे क्या करना है और क्या नहीं करना है। पार्टी के वरिष्ठ नेता एम वीरप्पा मोइली ने आरोपों को बकवास बताते हुए कहा कि राहुल गांधी ने मंत्रालय के कामकाज में कभी भी हस्तक्षेप नहीं किया। मोइली नटराजन के बाद पर्यावरण मंत्री बने थे।

मोइली ने बंगलूरू में कहा कि न तो राहुल गांधी की और न ही सोनिया गांधी की कभी भी सत्ता की मांग रही। यही कारण है कि वे सरकार से बाहर बने रहे। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी तीन बार प्रधानमंत्री बन सकती थीं। राहुल भी कभी भी प्रधानमंत्री बन सकते थे। दोनों ने हालांकि सरकार से बाहर रहना पसंद किया। कांग्रेस प्रवक्ता पीसी चाको ने कहा कि नटराजन ने छिपे हुए इरादे के साथ पार्टी उपाध्यक्ष के खिलाफ बेबुनियाद आरोप लगाए हैं। उन्होंने नटराजन के आरोपों की हवा निकालने का प्रयास करते हुए इस बात पर हैरानी जताई कि आखिर तमाम अवसरों के बावजूद उन्होंने पिछले एक साल के दौरान पार्टी मंच पर इस मुद्दे को क्यों नहीं उठाया।

कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा कि न तो सोनिया गांधी ने और न ही राहुल गांधी ने कभी भी सरकारी मामले में दखल दिया। अगर उन्हें ऐसा करना होता तो वे मंत्री या प्रधानमंत्री बन जाते। इस तरह की बातों का कोई मतलब नहीं है। सिंह ने नटराजन पर कटाक्ष करते हुए हैरानी जताई कि इतने समय बाद उन्हें ये सब बातें कैसे याद हैं। कांग्रेस नेताओं की यह टिप्पणी नटराजन के कांग्रेस पार्टी छोड़ने और यह दावा करने के बाद आई है कि उन्होंने बड़ी परियोजनाओं के पर्यावरण मंजूरी पर राहुल गांधी के निर्देशों का पालन किया लेकिन पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने उनकी उपेक्षा, तिरस्कार और अपमान किया।

नटराजन ने चेन्नई में जल्दबाजी में बुलाए गए एक पत्रकार सम्मेलन में कहा-मैंने सभी पर्यावरण मुद्दों पर केवल पार्टी लाइन और नियम पुस्तिका का पालन किया। मैंने लोगों के वन से जुड़े अधिकारों और वेदांता जैसे मामलों में आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए काम किया। मैंने अपनी ओर से कुछ गलत नहीं किया। जयंती ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी के निर्देश पर पर्यावरण मंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद राहुल गांधी के कार्यालय ने उनकी प्रतिष्ठा धूमिल करने के लिए गलत खबरें फैलार्इं।

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  1. A
    Amit Shah
    Jan 31, 2015 at 12:26 pm
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