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राज्य में चुनावों के लिए पाकिस्तान, आतंकियों ने बनाया माकूल माहौल: मुफ़्ती सईद

शपथ लेने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने यह कहकर विवाद पैदा कर दिया कि हुर्रियत, आतंकवादी संगठनों और ‘‘सीमा पार के लोगों’’ ने विधानसभा चुनावों के लिए बेहतर माहौल बनाया। इसके तुरंत बाद सत्ता में उसकी साझेदार भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने इसका प्रतिवाद करते हुए कहा कि चुनाव आयोग और सुरक्षा […]
Author March 2, 2015 10:51 am
मुफ्ती मोहम्मद सईद की अगुआई वाली साझा सरकार ने एलान किया है कि अब किसी अलगाववादी या उग्रवादी को रिहा नहीं किया जाएगा। (फ़ोटो-पीटीआई)

शपथ लेने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने यह कहकर विवाद पैदा कर दिया कि हुर्रियत, आतंकवादी संगठनों और ‘‘सीमा पार के लोगों’’ ने विधानसभा चुनावों के लिए बेहतर माहौल बनाया। इसके तुरंत बाद सत्ता में उसकी साझेदार भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने इसका प्रतिवाद करते हुए कहा कि चुनाव आयोग और सुरक्षा बलों के प्रयास के कारण ऐसा संभव हो सका।

शपथ लेने के तुरंत बाद सईद ने कहा कि विधानसभा चुनावों के लिए ‘‘बेहतर माहौल’’ की खातिर सीमा पार के लोगों, हुर्रियत और आतंकवादी संगठनों को श्रेय दिया जाना चाहिए।

सईद ने जम्मू में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा, ‘‘मैं ऑन रिकॉर्ड कहना चाहता हूं और मैंने प्रधानमंत्री से कहा है कि राज्य में विधानसभा चुनावों के लिए हमें हुर्रियत, आतंकवादी संगठनों को श्रेय देना चाहिए।’’ शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी शामिल हुए।

भाजपा की तरफ से उपमुख्यमंत्री निर्मल सिंह और नये कैबिनेट मंत्री हसीब द्राबू के साथ सईद ने कहा, ‘‘सीमा पार के लोगों ने चुनावों के दौरान बेहतर माहौल बनने दिया। मैं स्वीकार करता हूं कि अगर उन्होंने कुछ किया होता तो शांतिपूर्ण चुनाव संभव नहीं होता। आप जानते हैं कि चुनावों में बाधा डालने के लिए कितने छोटे कृत्य की जरूरत थी। उन्होंने इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया को आगे बढ़ने दिया। इससे हमें उम्मीद बंधती है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अगर उन्होंने (आतंकवादियों ने) कुछ किया है तो भगवान माफ करे। ठीक तरीके से चुनाव कराना संभव नहीं हो पाता।’’

इस तरह की टिप्पणियों के नतीजे को भांपते हुए भाजपा ने शाम को दावे का प्रतिवाद किया और कहा कि चुनाव आयोग, भारतीय सेना और भारतीय संविधान में विश्वास करने वालों के कारण प्रयास सफल रहे थे।

भाजपा के राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने दिल्ली में कहा, ‘‘चुनाव आयोग और राज्य पुलिस सहित सुरक्षा एजेंसियों के सहयोग से जम्मू-कश्मीर में शांतिपूर्ण चुनाव हुए। इसके अलावा भारतीय संविधान में विश्वास करने वालों का भी योगदान रहा।’’

पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सईद की टिप्पणी की आलोचना की और भाजपा से उसका रुख स्पष्ट करने को कहा।
सईद ने कहा, ‘‘पाकिस्तान, हुर्रियत और आतंकवादियों ने शांतिपूर्ण चुनाव होने दिया।’’ उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि हमें उनकी उदारता के प्रति आभारी होना चाहिए।

उमर ने ट्विटर पर लिखा, ‘‘प्रिय भाजपा फॉर इंडिया, कृपया सुरक्षा बलों और चुनाव कर्मियों की भूमिका के बारे में बताएं क्योंकि आपके मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान ने चुनाव कराने की अनुमति दी।’’

जम्मू में भाजपा कार्यकर्ताओं के जश्न मनाने पर उमर ने फिर से ट्वीट कर लिखा, ‘‘या जम्मू-कश्मीर चुनावों के लिए महज पाकिस्तान का धन्यवाद किया जा रहा है।’’

पाकिस्तान का जिक्र करते हुए सईद ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘उनके पास भी हुर्रियत और अन्य कट्टरपंथी तत्व हैं। अगर उन्होंने कुछ किया होता तो इतनी संख्या में लोगों की भागीदारी संभव नहीं होती।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें गर्व होता है कि घाटी में बड़ी संख्या में लोग मतदान के लिए बाहर निकले। उन्होंने उम्मीद जताई कि पूर्व अलगाववादी नेता सज्जाद गनी लोन के मंत्रिमंडल में शामिल होने से दूसरों के लिए रास्ता खुलेगा। उन्होंने कहा, ‘‘सज्जाद गनी लोन ने दूसरों (अलगाववादियों) के लिए रास्ता खोला है।’’

सईद ने कहा कि शासन के लिए शांति अनिवार्य है। उन्होंने कहा, ‘‘अगर जम्मू-कश्मीर में विकास का मॉडल चाहिए जैसा कि गुजरात में लोग ‘अच्छे प्रशासन’ के लिए कहते हैं तो शांति होना अनिवार्य है।’’

तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को महान राजनेता बताते हुए सईद ने कहा कि सरकार उनके दर्शन ‘‘इंसानियत, जम्हूरियत और कश्मीरियत’’ को आगे बढ़ाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि हुर्रियत और अलगाववादियों के भी अपने विचार हैं। हमने उन्हें घरों में बंद नहीं रखा।’’

सईद ने कहा कि भाजपा और पीडीपी ने साथ काम करने के लिए एक अच्छी टीम बनाई है। उन्होंने कहा, ‘‘इतिहास ने हमें मौका दिया है। कश्मीर हर प्रधानमंत्री के समक्ष एक समस्या रही है चाहे वह नेहरू हों, शास्त्री हों, मोरारजी हों या फिर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हों। हम इसे बदलना चाहते हैं। हम इस गठबंधन को बदलाव का बिंदु बनाना चाहते हैं ताकि लोगों की जरूरतों को पूरा कर सकें।’’

सईद ने कहा कि लोग पसंद करें अथवा नहीं करें लेकिन ‘‘उत्तरी ध्रुव और दक्षिणी ध्रुव’’ के लोगों को साथ लाने का निर्णय उनका है। उन्होंने कहा कि कश्मीर एकमात्र मुस्लिम बहुल राज्य था जिसने जिन्ना के सिद्धांत को नकार दिया और भारत में विलय कर लिया ।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘कश्मीर में पूर्ण स्वायत्ता और जम्मू में ‘एक प्रधान, एक विधान, एक निशान।’ ऐसा हुआ है। हम कश्मीर के लोगों को देश के शेष हिस्से से जोड़ना चाहते हैं, कश्मीर को जम्मू से जोड़ने का उद्देश्य क्या है? इतिहास ने हमें मौका दिया है। कश्मीर में हमारे पास बहुमत है, भाजपा को जम्मू में 25 सीटें मिली हैं।’’

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