May 26, 2017

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दलित की पत्नी से मिलकर बोले हरीश रावत- मैं शर्मिंदा हूं और आपसे हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं

हरीश रावत ने दलित मोहन राम की पत्नी से कहा, 'मैं शर्मिंदा हूं और आपसे हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं।'

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत आरोपी की गिरफ्तारी से कुछ देर पहले पीड़ित के घर पहुंचे थे। Source: Praveen Khanna

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने उस दलित शख्स की पत्नी के माफी मांगी जिसके पति को एक ऊंची जाति के शख्स ने दुकान को ‘अपवित्र’ करने के लिए जान से मार डाला था। दरअसल, उत्तराखंड के बाघेशवर के भेटा गांव में 32 साल के दलित शख्स सोहन राम को ऊंची जाति के ब्राह्मण ललित कर्नाटक ने आटे की चक्की में घुसकर उसे ‘अपवित्र’ करने के लिए जान से मार दिया था। उस शख्स के घर पहुंचकर हरीश रावत ने मीना नाम की उसकी पत्नी से कहा, ‘मैं शर्मिंदा हूं और आपसे हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं।’ सोहन राम की हत्या 5 अक्टूबर को की गई थी। ललित कर्नाटक सरकारी स्कूल में टीचर है। इंडियन एक्सप्रेस को मिली जानकारी के मुताबिक, ललित ने पहले तो सोहन को जाति सूचक ‘गालियां’ दीं फिर एक दरांती लेकर उसका गला काट दिया। सोहन के परिवार में 6 लोग हैं। उनमें सिर्फ सोहन ही इकलौता कमाने वाला था।

उत्तराखंड में अगले साल चुनाव होने हैं। इस वजह से प्रदर्शन से डरकर सरकार तुरंत हरकत में आ गई। सोहन ने परिवार ने आरोप लगाया था कि ललित के भाई और पिता लगातार उन लोगों को शिकायत ना दर्ज करवाने के लिए धमकी दे रहे थे। लेकिन परिवार ने फिर भी शिकायत दर्ज करवा दी जिसके बाद ललित को पकड़ भी लिया गया। गिरफ्तारी से कुछ घंटे पहले ही हरीश रावत सोहन राम के घर पहुंचे थे। वह वहां जाने वाले अबतक के पहले मुख्यमंत्री भी बन गए हैं।

वीडियो: स्पीड न्यूज

ललित के परिवार के एक शख्स ने उसके बचाव में कहा कि ललित कुछ दिनों से नौकरी को लेकर ‘परेशान’ चल रहा था। वहीं एसपी सुखबीर सिंह ने कहा कि वह निजी दुश्मनी की जांच करेंगे। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि मामला साफ तौर पर दलित पर हुए अत्याचार का है।

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First Published on October 12, 2016 11:11 am

  1. i
    indian(ncr)
    Oct 12, 2016 at 11:06 am
    यह सब कांग्रेस राजनीती जाती के नाम पर करती हैं कहीं भी कोई घटना घटित हो जाये तो जाती का नाम लेकर जोड़ दो यदि कोई व्यक्ति पीड़ित यदि दलित या मुसलमान समुदाय से है तो राजनीति होती है की ऊँची जाती के लोगों ने ऐसा किया लेकिन वहीं यदि पीड़ित ऊँची जाती का होता है तो कोई भी हल्ला नहीं करता अब देखो युवकों ने एक ऊँची जाती की नाबालिग लड़की कोअगवा कर उसका सामूहिक बलात्कार किया फिर उसकी ह्त्या कर दी उसके बाद उसके शरीर को भी तोड़ दिया लेकिन इस घटना पर एक भी दल का नेता नहीं बोला
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