December 08, 2016

ताज़ा खबर

 

आगामी चुनावों में मुख्य मुद्दा स्वच्छता का होगा: वेंकैया नायडू

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो साल पहले स्वच्छ भारत अभियान पेश किया था।

Author नई दिल्ली | October 30, 2016 02:41 am
केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू

केंद्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा है कि स्वच्छता आने वाले चुनाव में एक मुद्दा होगा क्योंकि शहरों में रहने वाले लोग उन्हें ही वोट देंगे, जो स्वच्छता पर ध्यान देंगे। ऐसे राजनीतिक प्रभावों से केंद्र के महत्त्वाकांक्षी ‘स्वच्छ भारत अभियान’ को भी प्रभावी ढंग से लागू करने में मदद मिलेगी। नायडू ने विश्वास जताया कि राजग सरकार खुले में शौच से भारत को मुक्त बनाने समेत सभी महत्त्वाकांक्षी योजनाओं के उद्देश्यों को 2019 तक हासिल कर लेगी। उन्होंने एक बातचीत में कहा कि स्वच्छता लोगों से जुड़ा मुद्दा बन गया है। जैसे हम आगे बढ़ेंगे, यह राजनीतिक और चुनावी मुद्दा बन जाएगा। शहरी क्षेत्रों के लोग उन्हें ही वोट देंगे जो स्वच्छता सुनिश्चित करेगा। मुझे विश्वास है कि जो राजनीतिक दल वोट हासिल करने का प्रयास करेंगे, वे इन बातों पर ध्यान देंगे। ये राजनीतिक प्रभाव इस महत्त्वपूर्ण मिशन की सफलता भी सुनिश्चित करेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो साल पहले स्वच्छ भारत अभियान पेश किया था। उन्होंने इसे जनांदोलन बनाने का आह्वान किया है। वेंकैया नायडू ने कहा कि इस मिशन की सफलता के लिए शौचालयों का प्रयोग और कचरे को कूड़ेदान में डालने की पहल महत्त्वपूर्ण है। उन्होंने उन आशंकाओं को दूर करने का प्रयास किया कि सरकार खुले में शौच से भारत को मुक्त बनाने के लक्ष्य को हासिल करने की समय सीमा को पूरा नहीं कर पाएगा। उन्होंने कहा- इस मिशन के उद्देश्यों को निश्चित तौर पर हासिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने अभियान की 40 फीसद अवधि के दौरान घरों में शौचालयों के निर्माण लक्ष्य का 35 फीसद पूरा कर लिया है। इसे लागू करने का काम सही दिशा में चल रहा है।

यूनिफॉर्म सिविल कोड पर वैंकेया नायडू ने मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से कहा- “मुद्दे पर राजनीति न करें”

नायडू ने कहा कि अभियान शुरू होने के बाद से लेकर शहरी क्षेत्रों में घरों में 22.97 लाख शौचालयों का निर्माण किया गया है। गुजरात और आंध्र प्रदेश ने पहले ही अपने शहरी क्षेत्रों को खुले में शौच से मुक्त घोषित कर दिया है। केरल जल्द ही इसकी घोषणा करने जा रहा है। विभिन्न राज्यों ने अपने 405 शहरों व नगरों को खुले में शौच से मुक्त घोषित किया है। काफी संख्या में अगले साल मार्च तक खुले में शौच से मुक्त घोषित कर देंगे।

मंत्री ने कहा कि देश में ठोस कचरा प्रबंधन शहरी क्षेत्रों के लिए एक बड़ी चुनौती थी और इस बारे में सरकार की पहल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार की शहरों व नगरों में 6.5 करोड़ टन ठोस कचरे के प्रबंधन की योजना है। साथ ही 50 लाख टन कम्पोस्ट और 4000 मेगावाट ऊर्जा वार्षिक रूप से तैयार करने की योजना है। उन्होंने कहा कि कचरे से धन परियोजनाओं को प्रोत्साहित करते हुए सरकार ने एक टन कम्पोस्ट तैयार करने पर 1500 रुपए का बाजार अनुदान देने जैसी पहल की है, साथ ही ठोस कचरे से तैयार बिजली खरीदना डिस्कॉम के लिए अनिवार्य बनाया गया है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के बारे में सोचने का नजरिया निश्चित तौर पर बदल रहा है।

 

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

First Published on October 30, 2016 2:41 am

सबरंग