December 06, 2016

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माकपा के शीर्षस्थ नेताओं में बढ़ा टकराव

कभी भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस का विकल्प तैयार करने में जुटी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में टकराव सतह पर आ गया है।

Author नई दिल्ली | October 22, 2016 00:39 am

कभी भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस का विकल्प तैयार करने में जुटी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में टकराव सतह पर आ गया है। ‘बंगाल लाइन’ और ‘केरल लॉबी’ के बीच बढ़ते टकराव में अगले कुछ दिनों में कई मस्तक लुढ़क सकते हैं। ताजा मामला केरल का है। वहां के ताकतवर मुख्यमंत्री पी विजयन की घेरेबंदी चल रही है, जो पूर्व महासचिव प्रकाश करात की लॉबी के माने जाते हैं। दूसरी ओर, बंगाल में कांग्रेस का साथ लिए जाने की राजनीतिक लाइन को आत्मघाती बताते हुए माकपा के मौजूदा महासचिव सीताराम येचुरी के घनिष्ठ नेताओं की घेरेबंदी चल रही है। दोनों तरफ चल रही कवायद को लेकर माकपा की केंद्रीय कमेटी और पोलित ब्यूरो में बहस कराने के लिए दो दर्जन से ज्यादा मसौदे जमा कराए गए हैं। माकपा के लिए अहम माने जाने वाले दोनों राज्यों की स्थिति को लेकर 15 और 16 नवंबर की पोलित ब्यूरो की बैठक में घमासान के आसार हैं। केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन के घनिष्ठ दो आला नेताओं के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। इनमें से वहां के उद्योग मंत्री ईपी जयराजन से पार्टी नेतृत्व ने इस्तीफा देने को कहा। माकपा सूत्रों के अनुसार, सीताराम येचुरी के निर्देश से केरल की कमेटी ने उनसे इस्तीफा मांग लिया। जयराजन माकपा की केंद्रीय कमेटी के सदस्य भी हैं। उनके खिलाफ पार्टी में क्या कार्रवाई की जा सकती है- इसको लेकर पोलित ब्यूरो की बैठक में चर्चा होगी।

दूसरा मसला केरल के कन्नूर से सांसद पीके श्रीमती का है। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने मलाईदार सरकारी पदों पर अपने रिश्तेदारों की नियुक्ति कराई है। इस मुद्दे पर विजयन के करीबी माने जाने वाले केरल के दो नेता एके बलान और ई करीम विरोध में आकर येचुरी के साथ हो गए हैं। अब पोलित ब्यूरो की बैठक में मुख्यमंत्री पी विजयन, राज्य सचिव कोडियारी विजयन, ईपी जयराजन और श्रीमती से बयान देने को कहा जाएगा। इस तैयारी के बीच प्रकाश करात के समर्थक नेता पोलित ब्यूरो की बैठक में बंगाल माकपा की राजनीतिक लाइन पर सवाल उठाने की तैयारी कर रहे हैं। अभी हाल कोलकाता में पार्टी का प्लेनम बुलाया गया था, जिसमें केंद्रीय कमेटी के कई नेताओं ने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का साथ लेने की राजनीतिक लाइन को आत्मघाती बताते हुए अविलंब अकेले चलने का फैसला करने पर जोर दिया।

जवाब में बंगाल माकपा के सचिव सूर्यकांत मिश्र ने जिला और जोनल कमेटियों की रिपोर्ट पेश की है, जिसमें बताया गया है कि कांग्रेस का साथ लेने से बंगाल में पार्टी का क्षरण रुक गया है और कैडर वापस जुड़ने लगे हैं। लेकिन केरल की लॉबी वहां की बदहाली के लिए पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य, पूर्व सचिव विमान बोस और मौजूदा सचिव सूर्यकांत मिश्र पर पोलित ब्यूरो में समुचित कार्रवाई करने की मांग कर रही है।

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First Published on October 22, 2016 12:38 am

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