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भारत पर ‘वाटर बम’ छोड़ सकता है चीन, एक भी गोली चले ब‍िना हो सकती है करोड़ों मौत

चीन ने 2013 में तत्कालीन प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था जिसमें कहा गया था कि दोनों देश जल संधि में प्रवेश करते हैं और साझा नदियों पर आपसी अधिकारों और जिम्मेदारियों को परिभाषित करने के लिए एक अंतरसरकारी संस्था स्थापित करते हैं।
Author August 22, 2017 09:40 am
अगर चीन ने ब्रह्मपुत्र पर बने बांध को खोल दिया तो पूर्वोत्तर भारत में जल प्रलय आ सकता है और करोड़ों की आबादी मौत के मुंह में समा सकती है।

पिछले दो महीने से डोकलाम विवाद पर भारत और चीन के बीच तनातनी चल रही है। इस बीच, ऐसे कई मौके आए जब लगा चीन भारत के खिलाफ छद्म युद्ध छेड़ना चाहता है। अभी हाल ही में विदेश मंत्रालय ने खुलासा किया कि चीन पिछले तीन महीने यानी मई से ही वाटर डाटा साझा नहीं कर रहा है। इससे पहले दोनों देश पानी के बारे में आंकड़े साझा करते रहे हैं। चीन द्वारा आंकड़ा साझा नहीं करने और कितना पानी तिब्बत से निकलने वाली नदियों में छोड़ा जा रहा है, इसकी जानकारी नहीं देने से बिहार-बंगाल समेत भारत के पूर्वोत्तर इलाके में इन दिनों बाढ़ आई हुई है। पर्यावरण विशेषज्ञ और सामरिक कूटनीतिकार कहते हैं कि ऐसा कर चीन भारत पर छद्म रूप से वाटर बम फोड़ना चाहता है। बता दें कि चीन ने भारत आने वाली नदियों पर चुपचाप कई बांध बना रखे हैं जो भारतीय भौगोलिक क्षेत्र के लिए खतरे की घंटी है।

दरअसल, चीन के पास तिब्बत एक बड़ा हथियार है। तिब्बत, पानी और कीमती धातुओं सहित प्राकृतिक संसाधनों का खजाना है। यह चीन के आर्थिक विकास का सबसे बड़ा औजार है। तिब्बत के विशाल पठार से ही एशिया की अधिकांश बड़ी नदियां निकलती हैं, जो भारत समेत अन्य देशों में बहती हैं। भारत में भी तीन बड़ी नदी प्रणाली तिब्बत से निकलती है। पहली सबसे बड़ी नदी ब्रह्मपुत्रा है, जिस पर चीन ने कई बांध बना रखे हैं। 2700 किलोमीटर लंबी यह नदी भारत में अरुणाचल प्रदेश और असम होते हुए बांग्लादेश में प्रवेश करती है और बंगाल की खाड़ी में गिरती है। वाडिया इन्स्टीच्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी के वैज्ञानिक संतोष राय मानते हैं कि चीन इस नदी का इस्तेमाल भारत के खिलाफ वाटर बम के रूप में कर सकता है। अगर चीन ने ब्रह्मपुत्र पर बने बांध को खोल दिया तो पूर्वोत्तर भारत में जल प्रलय आ सकता है और करोड़ों की आबादी मौत के मुंह में समा सकती है।

दूसरी बड़ी नदी सतलुज है, जो तिब्बत से निकलकर हिमाचल प्रदेश और पंजाब से गुजरते हुए पाकिस्तान में सिंधु नदी की सहायक नदी बन जाती है। इसी पर भाखड़ा नांगल डैम बना है। तीसरी नदीं सिंधु है जो कश्मीर होते हुए पाकिस्तान में जाकर बहती है और अरब सागर में मिलती है। अगर चीन ने इन नदियों पर बने बांध को खोल दिया तो उत्तरी भारत के कई राज्यों में जल प्रलय आ सकता है। रक्षा विशेषज्ञ अनिल गुप्ता का मानना है कि अगर चीन इन नदियों पर बांध खोलकर जल युद्ध का आगाज करे तो पंजाब जलमग्न तो होगा ही, भाखड़ा डैम ठप हो जाएगा और परमाणु बम विस्फोट जैसी विभीषिका उत्पन्न हो जाएगी।

सामरिक विशेषज्ञ और लेखक ब्रह्मा चेलानी ने हिन्दुस्तान टाइम्स में लिखे अपने ब्लॉग में कहा है कि अब जब डोकलाम विवाद तीसरे महीने में कदम रख चुका है तब भारत पर चीनी सैन्य हमले का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने लिखा है कि भारत को हाइड्रोलॉजिकल डाटा ना देकर चीन ने इसका इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के रूप में करना शुरू कर दिया है। इस समय असम से लेकर उत्तर प्रदेश तक बाढ़ का कहर जारी है। बता दें कि बाढ़ प्रभावित इलाके में जान-माल के नुकसान को कम करने, राहत सामग्री बांटने, बाढ़ की भविष्यवाणी और चेतावनी जारी करने के लिए वाटर डाटा जरूरी है।

गौरतलब है कि इससे पहले भी चीन ने 2013 में तत्कालीन प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था जिसमें कहा गया था कि दोनों देश जल संधि में प्रवेश करते हैं और साझा नदियों पर आपसी अधिकारों और जिम्मेदारियों को परिभाषित करने के लिए एक अंतरसरकारी संस्था स्थापित करते हैं। माना जाता है कि साल 2000 और 2005 के बीच हिमाचल प्रदेश और अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ से हुई तबाही भी चीनी बांधों और बैराजों की देन थी। उस वक्त भी चीन ने बिना बताए बांधों से पानी छोड़ दिया था। चर्चा तो इस बात की भी है कि 2013 में आए केदारनाथ त्रासदी के पीछे भी चीन का हाथ है क्योंकि तब चीनी इलाके में पड़ने वाली एक झील का पानी खोल दिया गया था।

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  1. sumeer sharma
    Aug 23, 2017 at 8:18 am
    I have always maintainedd that the bursting of a lake in China a few years ago and consequent flooding in Himachal Pradesh was not a natural calamity but a deliberate act of China to test this water weapon against India. We must also seriously think about the Kedarnath Tragedy on these lines.
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    1. D
      deepak
      Aug 22, 2017 at 1:44 pm
      चीन की भैंस की टांग इसकी माँ की चोटी धमकी पर धमकी दे रहा है भारत चुप है तो इस भेण के नाती की हिम्मत बढ़ रही है इसकी बेटी की चुनर समझने को तैयार ही नहीं है भेण का लोटा मादर ठोक को कैसे समझाए आ भैंस मुझे मार वाली बात हो गई ऐसी फाड़ेगें की चीथड़े चीथड़े हो जाएगी इसकी पेंट अभी भी वक़्त है संभल जा चीन क्यों जबरदस्ती पन्गा ले रहा है हमारे यहाँ के जवान फौलाद होते है सीने पर खा कर भी १०-१२ को लेटा देते है अगर मेरी बात समझ आ जाये तो ठीक है वरना अपनी माँ को याद कर ले I
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      1. Kiran Prakash Gupta
        Aug 22, 2017 at 6:53 am
        ऐसा लगता है कि जनसत्ता और ग्लोबल टाइम्स के बीच देश की जनता को डराने के लिए कोई समझदारी बनी है ।यह जल प्रलय केवल भारत मे ही होगा य या इसकी जद मे बांग्लादेश भी आएगा
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