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राज्यसभा में उठा इराक में लापता 39 भारतीय लोगों का मुद्दा

कांग्रेस की अंबिका सोनी ने भी इराक में लापता हुए 39 लोगों का मुद्दा उठाया।
Author नई दिल्ली | August 9, 2016 02:43 am
राज्य सभा की कार्यवाही। (फाइल फोटो)

राज्यसभा में सोमवार (8 अगस्त) को कांग्रेस सदस्यों ने इराक में दो साल पहले लापता हुए 39 भारतीय नागरिकों के बारे में सरकार से ताजा जानकारी की मांग की। वहीं पार्टी सदस्य प्रताप सिंह बाजवा ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज पर इस मामले में सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया। बाजवा ने शून्यकाल में यह मुद्दा उठाया। उन्होंने इसके साथ ही लुधियाना के तीन युवकों के लीबिया में फंसे होने का भी जिक्र किया और कहा कि दो साल पहले आइएस ने इराक में भारत के 40 लोगों का अपहरण कर लिया था, जो मुख्य रूप से पंजाब, पश्चिम बंगाल और हिमाचल प्रदेश के थे। उन्होंने कहा कि उन लोगों में से एक किसी तरह भागने में सफल रहा था, जिसका कहना था कि बाकी 39 लोगों को उसके सामने ही मार दिया गया।

बाजवा ने कहा कि लेकिन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने उस समय यकीन दिलाया था कि सरकार के पास छह ऐसे सूत्र हैं, जो बताते हैं कि वे लोग जीवित हैं। लेकिन आज तक उन 39 लोगों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। उन्होंने कहा कि उन लोगों के परिवारों को सही स्थिति के बारे में बताया जाना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की कि जमीनी वास्तविकता का पता करने के लिए एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल इराक भेजा जाना चाहिए।

कांग्रेस की अंबिका सोनी ने भी इराक में लापता हुए 39 लोगों का मुद्दा उठाया। इस मुद्दे से संबद्ध करते हुए शिअद के नरेश गुजराल ने कहा कि विदेश मंत्री को इस संबंध में एक बयान देना चाहिए। संसदीय कार्य राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज खाड़ी देशों में फंसे लोगों को निकालने के लिए खुद ही प्रयासरत थीं। उन्होंने बावजा से कहा कि अगर कोई विशिष्ट मामला है तो वह बताएं, सरकार उचित कदत उठाएगी। उपसभापति पी जे कुरियन ने भी बाजवा से कहा कि उनके पास जो भी जानकारी है, वह सरकार को उपलब्ध कराएं।

शिरोमणि अकाली दल के प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने शून्यकाल में फसल कटाई के लिए इस्तेमाल की जाने वाली हार्वेस्टिंग कंबाइन मशीन का मामला उठाया और कहा कि टोल प्लाजा पर इनके लिए कोई टोल दर निर्धारित नहीं है, जिसके चलते इनका शोषण किया जाता है और दो से चार हजार रुपए वसूले जाते हैं। उन्होंने कहा कि जब इन हार्वेस्टिंग कंबाइन मशीनों को लेकर पंजाब के किसान दूसरे राज्यों में जाते हैं, तो वहां पुलिस द्वारा उनसे जबरन वसूली के साथ ही उनकी पिटाई तक कर दी जाती है। चंदूमाजरा ने ट्रैक्टर ट्रॉली की तरह टोल प्लाजाओं पर इन मशीनों को टोल से छूट दिए जाने या अधिकतम सौ रुपऐ टोल दर तय किए जाने की केंद्र सरकार से मांग की। शिवसेना के राजन विचारे ने मुंबई और उपनगरीय इलाकों में यातायात की बढ़ती समस्या का मुद्दा उठाया और घोड़बंदर बाइपास को जल्द पूरा किए जाने की मांग की।

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