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मुस्लिम बच्चों का प्रतिशत अन्य धर्मों की तुलना में सबसे ज्यादा, 2011 की जनगणना में सामने आया आंकड़ा

वर्ष 2011 की जनगणना के मुताबिक सभी धर्मों में मुस्लिम बच्चों और किशोरों का प्रतिशत अन्य धर्मों के बालकों की तुलना में सर्वाधिक है।
सभी धर्मों में मुस्लिम बच्चों और किशोरों का प्रतिशत अन्य धर्मों के बालकों की तुलना में सर्वाधिक है।

वर्ष 2011 की जनगणना के मुताबिक सभी धर्मों में मुस्लिम बच्चों और किशोरों का प्रतिशत अन्य धर्मों के बालकों की तुलना में सर्वाधिक है।
लोकसभा में अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने एक सवाल के लिखित जवाब में जनगणना 2011 के मुताबिक अलग-अलग आयु वर्गों में मुसलमानों सहित विभिन्न अल्पसंख्यक समुदायों की आबादी का ब्योरा दिया। ब्योरे के मुताबिक ‘शून्य से चार वर्ष ’ के आयु वर्ग में मुसलमानों का प्रतिशत 11. 28 है जबकि हिंदुओं का 9.04, ईसाइयों का 8. 38 और सिखों का 7. 26 प्रतिशत है।
इसके मुताबिक ‘पांच से नौ वर्ष ’ आयु वर्ग में मुस्लिमों का प्रतिशत 12. 47, हिंदुओं का 10. 23, ईसाइयों का 9. 20 और सिखों का 8. 10 प्रतिशत है।

ब्योरे के मुताबिक ‘10 से 14 आयु वर्ग’ में मुसलमानों का प्रतिशत 12. 45, हिंदुओं का 10. 77, ईसाइयों का 9. 92 और सिखों का 9.14 प्रतिशत है। वहीं, ‘15 से 19 आयु वर्ग’ में मुसलमानों का प्रतिशत 11. 09, हिंदुओं का 9. 78, ईसाइयों का 9.24 और सिखों का 10. 14 प्रतिशत है। मंत्री ने कहा कि अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा लागू की गई विभिन्न योजनाओं का लाभ मुसलमानों सहित छह अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदायों को मिला है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के दौरान एक बार मुस्लिमों की जनसंख्या को लेकर बीजेपी नेता ने नई हवा दे दी थी। केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता गिरिराज सिंह ने ट्वीट करके कहा कि देश में अल्पसंख्यक की परिभाषा पर बहस की जरुरत है। उनका यह बयान ऐसे समय में आया था जब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव आखिरी दौर में हैं। 8 मार्च को अंतिम चरण की वोटिंग की होनी थी। केंद्रीय मंत्री ने अपने ट्विटर अकाउंट से एक स्क्रीन शॉट ट्वीट करते हुए लिखा था- “हिंदुस्तान में मुस्लिम की जनसंख्या इतनी है की उन्हें अब अल्पसंख्यक से बाहर होना चाहिए,आज देश को जरूरत है अल्पसंख्यक की परिभाषा पर एक बहस की।” दरअसल गिरिराज ने जिस स्क्रीन शॉट को शेयर किया है, जिसमें बताया गया है 2050 तक भारत सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी वाला देश होगा। रिपोर्ट में बताया गया है कि इस्लाम अकेला ऐसा धर्म है, जो दुनिया में सबसे ज्यादा तेजी से बढ़ रहा है। अमेरिका स्थित ‘प्यू रिसर्च सेंटर’ की रिपोर्ट के मुताबिक, 2050 तक भारत दुनिया में सबसे अधिक मुस्लिम आबादी वाला देश होगा और यह संख्या 30 करोड़ तक पहुंचने की संभावना है। फिलहाल मुस्लिम आबादी के मामले में भारत दुनिया में इंडोनेशिया के बाद दूसरे नंबर पर है।

गिरिराज सिंह ने अपने दूसरे ट्वीट में लिखा था- अगर आज देश में जनसंख्या नियंत्रण कानून नहीं बना तो हिंदुस्तान का हाल उत्तर प्रदेश के “कैरना (कैराना)” जैसा हो जाएगा। इससे पहले गिरिराज सिंह ने पिछले साल कहा था कि ‘देश की जनता राम मंदिर मांग रही है लेकिन राम मंदिर कैसे बनेगा जब देश में राम भक्त ही नहीं रहेंगे। हिंदू समाज को अपनी आबादी बढ़ाने की जरूरत है। देश के आठ राज्यों में हिंदुओं की जनसंख्या लगातार घट रही है। बंटवारे के समय पाकिस्तान में 22 प्रतिशत हिंदू थे लेकिन आज वो एक प्रतिशत रह गए हैं। जबकि उस समय भारत में 90 प्रतिशत हिंदू थे और 10 प्रतिशत मुस्लिम थे और अब मुसलमान 24 प्रतिशत हो गए हैं और हिंदू घटकर 76 प्रतिशत रह गए हैं।

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