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संघ को खुश करने के लिए सीबीआई मुझे फंसा रही है: दयानिधि मारन

अवैध टेलीफोन एक्सचेंज मामले में सीबीआई द्वारा अपने करीबी सहयोगी और दो अन्य व्यक्तियों की गिरफ्तारी के एक दिन बाद पूर्व केंद्रीय दूरसंचार मंत्री दयानिधि मारन ने आज जांच एजेंसी पर आरएसएस से जुड़े, तमिलनाडु के एक नेता को खुश करने के लिए उन्हें ‘‘निशाना बनाए जाने’’ की कोशिश करने का आरोप लगाया। मारन ने […]
Author January 22, 2015 16:25 pm
पूर्व दूरसंचार मंत्री दयानिधि मारन। (फाइल फोटो)

अवैध टेलीफोन एक्सचेंज मामले में सीबीआई द्वारा अपने करीबी सहयोगी और दो अन्य व्यक्तियों की गिरफ्तारी के एक दिन बाद पूर्व केंद्रीय दूरसंचार मंत्री दयानिधि मारन ने आज जांच एजेंसी पर आरएसएस से जुड़े, तमिलनाडु के एक नेता को खुश करने के लिए उन्हें ‘‘निशाना बनाए जाने’’ की कोशिश करने का आरोप लगाया।

मारन ने पूरे घटनाक्रम से द्रमुक प्रमुख एम करुणानिधि को अवगत कराने के बाद यहां संवाददाताओं से कहा ‘‘सीबीआई को, किसी को फंसाने वाली नहीं बल्कि तथ्य-परक एक प्रणाली होना चाहिए। मुझे निशाना बनाया जा रहा है। तमिलनाडु के एक आरएसएस विचारक को खुश करने के लिए सीबीआई मुझे फंसा रही है।’’ बहरहाल, उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि जांच एजेंसी गिरफ्तार किए गए तीन व्यक्तियों को उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए बाध्य कर रही है और ‘‘झूठा बयान’’ देने के लिए उन्हें प्रताड़ित भी किया जा रहा है।

पूर्व दूरसंचार मंत्री के चेन्नई स्थित आवास के लिए 300 से अधिक हाई स्पीड टेलीफोन लाइनों के कथित आवंटन के सिलसिले में सीबीआई ने कल दयानिधि मारन के तत्कालीन अतिरिक्त निजी सचिव वी गौतमन तथा दो अन्य को गिरफ्तार किया था। ये लाइनें मारन के भाई के टीवी चैनल तक विस्तारित की गई थीं।

सीबीआई ने अक्तूबर 2013 में दर्ज प्राथमिकी में मारन, बीएसएनएल के तत्कालीन मुख्य महाप्रबंधक के ब्रह्मनाथन सहित अधिकारियों तथा सांसद वेलुस्वामी के नाम लिए हैं।

मारन ने आरोप लगाया ‘‘….. आठ साल के बाद, अब वे इस मामले को सिर्फ फिक्स कर रहे हैं। उन्होंने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। विडंबना यह है कि उनके साथ बुरा बर्ताव हुआ और झूठा बयान देने के लिए बाध्य किया गया। इंकार करने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें मेरे खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए मजबूर किया गया। उनके साथ ‘थर्ड डिग्री ट्रीटमेंट’ किया गया।’’

इस मामले में मुकदमा लड़ने का इरादा जाहिर करते हुए मारन सीबीआई पर बरसे। उन्होंने कहा ‘‘क्या सीबीआई तमिलनाडु के एक आरएसएस विचारक को खुश करने के लिए प्रयासरत है? मेरे आवास पर अब भी टेलीफोन लाइन काम कर रही है। अगर सीबीआई किसी अन्य के किए धरे के लिए किसी और को जिम्मेदार ठहराना चाहती है तो मेरे पास इसका मुकाबला करने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं है।’’

उन्होंने कहा ‘‘सीबीआई ने मेरे खिलाफ आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज की है कि जब मैं दूरसंचार मंत्री था तब टेलीफोन कनेक्शन का अंधाधुंध उपयोग हुआ। मैंने समझाया। यह जांच आठ साल से चल रही है।’’

मारन ने कहा कि बीते 18 माह में सीबीआई ने गिरफ्तार किए गए लोगों को बुलाया और उन्होंने जांच में पूरा सहयोग दिया।
गिरफ्तार व्यक्तियों में सन टीवी नेटवर्क के मुख्य तकनीकी अधिकारी एस कन्नन और इलेक्ट्रीशियन एल एस रवि शामिल हैं।

मारन ने दावा किया ‘‘उनसे यह वादा भी किया गया है कि मेरे खिलाफ बयान देने के बाद उन्हें छोड़ दिया जाएगा।’’ उन्होंने कहा ‘‘संप्रग सरकार के कार्यकाल के दौरान मेरे खिलाफ मामला खड़ा किया गया था। यह सब तमिलनाडु के एक बुद्धिजीवी का किया धरा है।’’

मारन ने कहा ‘‘यहां केवल एक टेलीफोन कनेक्शन है। इस मामले में मैं सीबीआई को लिखूंगा।’’ सीबीआई का आरोप है कि बीएसएनएल के महाप्रबंधक के नाम से कथित तौर पर करीब 323 रिहायशी लाइनें मारन के ‘‘बोट हाउस’’ आवास को एक समर्पित भूमिगत केबल के जरिये सन टीवी के कार्यालय से जोड रही थीं। तब मारन दूरसंचार मंत्री थे।

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