कार्टूनिस्ट आरके लक्ष्मण का निधन, आज होगा अंतिम संस्‍कार

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भारत के मशहूर कार्टूनिस्ट आर के लक्ष्मण ने लंबी बीमारी के बाद अंतिम सांस ली। (एक्सप्रेस फोटो)

नेताओं पर बिना किसी दुर्भावना के निशाना साधने वाले किरदार आम आदमी कॉमन मैन को अमर बना देने वाले मशहूर कार्टूनिस्ट आरके लक्ष्मण का लंबी बीमारी के बाद सोमवार की शाम एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 94 साल के थे। दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल के डॉ समीर जोग ने बताया, लक्ष्मण का शाम छह बजकर 50 मिनट पर निधन हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उनके निधन पर शोक जताया।

लक्ष्मण को मूत्र नली में संक्रमण के कारण 17 जनवरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में उनके कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। दिवंगत उपन्यासकार आरके नारायणन के भाई लक्ष्मण के परिवार में उनकी पत्नी कमला के अलावा पुत्र श्रीनिवास और पुत्रवधू उषा हैं। श्रीनिवास पत्रकार रह चुके हैं।

लक्ष्मण ने अपने कार्टूनों में एक आम आदमी का चरित्र गढ़कर उसके माध्यम से आमजन की बात को आवाज दी। समाचार पत्र पाठकों पर उनके जादू की शुरुआत उनके टाइम्स आफ इंडिया से जुड़ने के बाद हुई। पहले पन्ने पर पॉकेट कार्टून ‘यू सैड इट’ की शुरुआत 1951 में हुई। टाइम्स आफ इंडिया के साथ उनका जुड़ाव करीब छह दशक तक रहा। 2003 में लकवे से उबरने के बाद उन्होंने फिर काम शुरू किया। पद्म विभूषण से सम्मानित लक्ष्मण को पत्रकारिता, साहित्य और सृजनात्मक संवाद कला के लिए 1984 में मैगसेसे पुरस्कार प्रदान किया गया।

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लक्ष्मण ने अपनी आत्मकथा ‘दि टनेल आफ टाइम’ में लिखा है कि उन्हें खिड़की से बाहर जिस चीज, पेड़ पौधे आदि पर नजर पड़ती, वह उसकी तस्वीर बनाते। सामने की इमारतों की छतों पर बैठे कौवों पर भी उनकी नजर रहती। बाद के दिनों में उनके कार्टूनों में अक्सर कौवों को देखा जा सकता था।
अपने पिता के निधन के दुख से उबरने के बाद युवा लक्ष्मण ने अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी की और मुंबई के जेजे स्कूल आफ आर्ट्स में दाखिला के लिए आवेदन किया। विडंबना है कि कॉलेज के डीन ने उनके आवेदन को खारिज कर दिया और टिप्पणी की कि उनकी ड्राइंग में वो प्रतिभा नहीं है जिससे उन्हें इस कॉलेज के छात्र के रूप में दाखिला दिया जा सके। लक्ष्मण ने बाद में मैसूर विश्वविद्यालय से स्नातक किया। इस दौरान उन्होंने अपनी कलात्मक गतिविधियां स्वतंत्र रूप से जारी रखीं और ‘स्वराज्य’ व ‘ब्लिट्ज’ पत्रिकाओं के लिए कार्टून बनाते रहे। उन्होंने पौराणिक चरित्र नारद पर आधारित एक एनिमेटेड फिल्म के लिए अपने कार्टूनों का योगदान दिया।


उनकी पहली पूर्णकालिक नौकरी मुंबई के ‘फ्री प्रेस जर्नल’ में एक राजनीतिक कार्टूनिस्ट के रूप में थी। संयोगवश बाल ठाकरे यहां उनके सहयोगी थे। ठाकरे ने भी कुछ समय तक उसी अखबार में काम किया था। बाद में लक्ष्मण टाइम्स आफ इंडिया से जुड़ गए और यहीं से पाठकों पर उनके जादू की शुरुआत हुई। उन्होंने कुछ उपन्यास भी लिखे। ‘कॉमन मैन’ पर एक डाक टिकट भी जारी किया गया। उन्हें पद्मभूषण और पद्मविभूषण सहित कई सम्मानों से नवाजा गया।

लक्ष्मण ने लेखिका कमला से विवाह किया और बाद में पुणे में बस गए। वे अक्सर कहा करते थे कि नेता भले ही देश के लिए बुरे हो सकते हैं लेकिन उनके पेशे के लिए वे काफी अच्छे रहे हैं।

उनके निधन पर शोक जताते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया, ‘उस महान हस्ती के परिवार और उनके बेशुमार शुभचिंतकों के प्रति मेरी संवेदना जिनके चले जाने से हमारे जीवन में एक बड़ा खालीपन पैदा हो गया है। भगवान आरके लक्ष्मण की आत्मा को शांति दे।’ उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने कहा कि ‘कॉमन मैन’ के जनक के रूप में पहचाने जाने वाले लक्ष्मण ने अपने हास्य और सामाजिक रूप से प्रासंगिक संदेशों के जरिए लाखों देशवासियों की जिंदगी को छुआ। ‘मैं लक्ष्मण के निधन से बेहद दुखी हूं, हालिया समय में हमारे देश के सबसे प्रख्यात कार्टूनिस्ट।’

सोनिया गांधी ने लक्ष्मण के निधन को एक संस्थान की समाप्ति करार देते हुए कहा कि लक्ष्मण के ‘कामन मैन’ ने एक से अधिक पीढ़ियों तक भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने कहा- लक्ष्मण एक बड़ी बौद्धिक हस्ती थे जिन्हें आने वाले दशकों तक याद किया जाएगा और जो बहुत लोगों के लिए प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि लक्ष्मण ने अपने कार्टून के जरिए समाज को आईना दिखाया, जिसने आम आदमी की चिंता को सामने रखते हुए हमें खुद पर हंसाया। पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा, ‘जिस इंसान ने हमें हंसाया, वह हमें रोता छोड़ गया।’

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी लक्ष्मण के निधन पर शोक जताया। उमर ने ट्विट किया, ‘भारत ने अपने खास आम आदमी को खो दिया। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे।’ अपने संदेश में ममता बनर्जी ने कहा- यह सुनकर बेहद दुख हुआ कि महान कार्टूनिस्ट आर के लक्ष्मण कुछ ही समय पहले गुजर गए । भगवान उनकी आत्मा को शांति दे।

आर के लक्ष्‍मण का अंतिम संस्‍कार आज किया जाएगा। इस दौरान कई बड़ी हस्तियों के मौजूद रहने की उम्मीद है।