ताज़ा खबर
 

कैबिनेट विस्तार: एमजे अकबर- कांग्रेसी सांसद से मोदी के मंत्री तक का सफर

एमजे अकबर1989 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी से नजदीकी के चलते बतौर कांग्रेसी सांसद राजनीति में आए थे और बिहार के किशनगंज से लोकसभा चुनाव जीता था
Author नई दिल्ली | July 5, 2016 14:04 pm
1991 में गांधी की मौत के बाद एम. जे. अकबर कांग्रेस पार्टी से अलग हो गए और फिर से पूर्णकालीक पत्रकार बन गए थे।

मोदी मंत्रिमंडल में शामिल होना पत्रकार और लेखक एमजे अकबर के राजनैतिक करियर में उल्लेखनीय बदलाव है। वे 1989 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी से नजदीकी के चलते बतौर कांग्रेसी सांसद राजनीति में आए थे। हाल ही में मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए चुने गए 65 वर्षीय अकबर भाजपा का स्पष्टवादी और आधुनिक मुस्लिम चेहरा माने जाते हैं। उन्होंने बड़ी चतुराई से हिंदुत्व अतिवाद की आलोचनाओं को मोदी के विकास के एजेंडे के तले दबाया इसलिए बचाव के मौकों पर पार्टी उन पर भरोसा करती है।

Read Also: मोदी सरकार में 19 नए चेहरे शामिल, जावड़ेकर का क़द बढ़ाकर कैबिनेट मंत्री बनाया गया 

पार्टी के प्रवक्ता रहते हुए उन्होंने कई बार सरकार की विदेश नीति पर चर्चा भी की है। वे जाने माने संपादक रह चुके हैं और जवाहरलाल नेहरू की जीवनी समेत कई चर्चित पुस्तकें भी लिख चुके हैं। 1980 के दशक में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के करीब आने के बाद उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया था। उन्होंने 1989 में बिहार के किशनगंज से लोकसभा चुनाव जीता था लेकिन उस साल कांग्रेस बुरी तरह हार गई थी।

Read Alos: Cabinet Reshuffle: मंत्रिमंडल विस्‍तार के बाद मोदी सरकार के पांच मंत्रियों ने दिए इस्‍तीफे 

1991 में गांधी की मौत के बाद वे पार्टी से अलग हो गए और फिर से पूर्णकालीक पत्रकार बन गए थे। 2002 के गुजरात दंगों के बाद उन्होंने राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना भी की थी लेकिन कांग्रेस में गांधी परिवार के नेतृत्व की कड़ी आलोचना करने के बाद वे भगवा पार्टी के करीब आ गए थे। भाजपा को उम्मीद है कि अकबर पार्टी में एक धाराप्रवाह अंग्रेजी बोलने वाले मुस्लिम व्यक्ति की कमी को पूरा करेंगे।

Read Alos: अनुप्रिया पटेल: BJP ने खेला UP के लिए दांव, पर अपनी ही पार्टी से निष्‍कासित हैं मोदी की नई मंत्री, मां से है जबरदस्‍त झगड़ा

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.
सबरंग