December 06, 2016

ताज़ा खबर

 

कालेधन को सफेद करने की जुगत में लगे बिल्डर

इसके अलावा सर्राफा बाजार को देखें तो अक्तूबर के दौरान देश का सोना आयात भी दोगुना होकर 3.5 अरब डॉलर पर पहुंच गया।

Author नई दिल्ली | November 17, 2016 03:45 am
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा जारी किए गए 500 रुपए के नए नोट। (Photo: PTI)

दिल्ली-एनसीआर के बिल्डर और बड़े व्यापारी अब कालेधन को सफेद करने की जुगत में लगे हैैं। कालाधन मुख्यत: दो क्षेत्रों में सबसे ज्यादा लगाया जाता है। वह है रियल एस्टेट और सर्राफा बाजार। सरकार में अभी सर्राफा व्यापारियों के धंधे पर नकेल कसने की शुरुआत की है, जिसके विरोध में 11 नवंबर से दिल्ली के सर्राफा व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखी हुई हैं।

रियल एस्टेट के क्षेत्र के नोएडा और गाजियाबाद के बिल्डर और भवन निर्माता भी कालेधन को सफेद बनाने के धंधे में शामिल हैं। बिल्डर अभी भी पुराने नोट स्वीकार करके फ्लैट बुक कराने पर तो सहमत हैं, लेकिन पुरानी नकदी में फ्लैट के लिए पूरा भुगतान लेने को लेकर डरे हुए भी हैं। गोवा में प्रधानमंत्री मोदी की ओर से बेनामी संपत्ति और रीयल एस्टेट क्षेत्र में सर्जिकल स्ट्राइल की आशंका से अब बिल्डर जल्द से जल्द अपने फ्लैटों को निकालने के चक्कर में हैं, जिसके लिए उन्होंने अपने दाम भी घटा दिए हैं। जिस बिल्डर के पास करीब 60 फीसद कर्मचारी दिहाड़ी मजदूर और छोटे ठेकेदार होते हैं, जिन्हें रोजाना भुगतान किया जाता है। बुक कराने की राशि को बड़ी आसानी से वह तीस दिसंबर तक अपने दिहाड़ी मजदूरों के बीच खपा देंगे। इसके अलावा वह ठेकेदारों को भी अग्रिम भुगतान कर नए आर्डर दे रहे हैं। हालांकि कल सरकार ने लोगों से दूसरों के पैसे अपने खाते में जमा नहीं कराने की भी अपील की है। सरकार ने कहा था कि वह जनधन खातों समेत अचानक जमा बढ़ने वाले अन्य खातों पर भी पैनी निगाह रखे हुए है।

इसके अलावा सर्राफा बाजार को देखें तो अक्तूबर के दौरान देश का सोना आयात भी दोगुना होकर 3.5 अरब डॉलर पर पहुंच गया। पिछले साल के अक्तूबर में 1.67 अरब डॉलर का सोना आयात किया गया था। हालांकि पिछले दिनों दीपावली और त्योहारी मांग के कारण भी स्वर्ण आयात बढ़ा है, लेकिन इस बात की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है कि लोगों ने नोटबंदी के बाद काली कमाई को सोने में बदल लिया हो। पेट्रोल पंपों और मंदिरों के चढ़ावे के जरिए भी कालेधन को वैध बनाने की अफवाहें चल रही हैं। चलन से बाहर किए गए नोटों को बदलने में व्यापारियों और अन्य परिचालकों द्वारा कथित तौर पर मुनाफाखोरी करने और कर अपवंचना करने की खबरें आने के बाद आयकर विभाग की ओर से जांच और छापेमारी करने के डर से दिल्ली में छठे दिन भी स्वर्ण एवं आभूषण प्रतिष्ठान बंद हैं। यहां पर ज्यादातर सर्राफा दुकानें 11 नवंबर से बंद हैं।

सूत्रों के मुताबिक, वित्त मंत्रालय की एक शाखा, केंद्रीय उत्पाद खुफिया महानिदेशालय (डीजीसीईआइ) के अधिकारियों ने उक्त आभूषण विक्रेताओं को नोटिस भेजा है और उनसे सोने की बिक्री का ब्योरा मांगा है। इस सबके बीच सुप्रीम कोर्ट ने कालेधन और अपराध के खिलाफ लड़ाई के लिए सरकार के कदम को सराहनीय बताते हुए केंद्र को आम लोगों की परेशानी कम करने संबंधी उपाय करने और नकदी निकासी की सीमा बढाने पर भी विचार करने का निर्देश दिया है। राजधानी के उद्योग मंडल सीआइआइ के अध्यक्ष नौशाद फोर्ब्स ने नकदी समस्या के लंबा खिंचने पर कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजों पर प्रतिकूल असर पड़ने का आशंका जताई है।

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की किडनी फेल; ट्रांसप्लांट के िलए एम्स में भर्ती

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

First Published on November 17, 2016 3:44 am

सबरंग