April 26, 2017

ताज़ा खबर

 

BSF पजांब को लौटा सकता है शहीद भगत सिंह पिस्तौल, इसी पिस्तौल से भगत सिंह ने चलाई थी अंग्रेज अधिकारी जॉन सांडर्स पर गोली

भगत सिंह की पिस्तौल पंजाब में लाने के लिए चंडीगढ़ के वकील एससी अरोड़ा ने पंजाब और हरिणाया हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।

संग्रहालय में प्रदर्शनी के लिए लगाई गई शहीद भगत सिंह की पिस्तौल। (Source: Twitter)

सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) जल्दी ही भगत सिंह की पिस्तौल पंजाब सरकार को लौटा सकता है। भगत सिंह की पिस्तौल पंजाब में लाने के लिए चंडीगढ़ के वकील एससी अरोड़ा ने पंजाब और हरिणाया हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में एससी अरोड़ा ने कोर्ट से भगत सिंह की पिस्तौल वापसी पर बाहली के लिए मांग की है। वहीं याचिका पर बीएसएफ अधिकारियों ने कहा है कि वो इस मांग पर बहुत सक्रिय रूप से विचार कर रहे हैं। बीएसएफ की ये मौखिक प्रतिक्रिया गुरुवार को फिर से मामले की सुनवाई के दौरान आईं। दूसरी तरफ मामले में जवाब देने के लिए बीएसएफ ने 22 मई तक की वक्त मांगा है। वकील एससी अरोड़ा की पीआईएल पर हाईकोर्ट ने पंजाब, भारत सरकार और सीमा सुरक्षा बल को नोटिस जारी किया था। नोटिस में इंदौर के खटकर कलां म्यूजियम में रखी भगत सिंह की पिस्तौत को शहीद के जन्म स्थान पर वापस लाने की बात कही गई है।

17 दिसबंर, 1928 को आखिरी बार भगत सिंह ने बिट्रिश अधिकारी जॉन सांडर्स पर इसी पिस्तौल से लाहौर में .32 एमएम की गोली चलाई थी। भगत सिंह से जुड़े अन्य सभी लेख शहीद भगत सिंह (एसबीएस) नगर में खाटकर कलान संग्रहालय में हैं, जो पहले नवनशहर में प्रदर्शित किए जाते रहे हैं।

वकील अरोड़ा ने कहा कि फिलौर की पंजाब पुलिस अकेडमी से अक्टूबर 1969 में बीएसएफ ने भगत सिंह पिस्तौल दिए जाने की मांग की थी। पिस्तौल लाहौर के सीनियर अधिकारी ने साल 1944 में फिल्लौर की पंजाब पुलिस को भेजी थी, जबकि पिस्तौल मिलने के बाद अकेडमी लगातार झूठ बोलती रही। बीते साल नवबंर में एक डेली अंग्रेजी रिपोर्ट में पिस्तौल के बारे में जानकारी दी गई। रिपोर्ट में कहा गया कि भगत सिंह की पिस्तौल इंदौर के बीएसएफ म्यूजियम में रखी हुई है। बता दें कि 23 मार्च, 1931 को लाहौर सेंट्रल जेल में भगत सिंह और उनके साथी सुखदेव, राजगुरु को फांसी की सजा दी गई थी।

मोदी सरकार के आदेश के बाद बीजेपी नेताओं ने हटाई अपनी गाड़ियों से लाल बत्ती, देखें वीडियो

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

First Published on April 20, 2017 6:11 pm

  1. No Comments.

सबरंग