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बीएसएफ जवान तेज बहादुर यादव की पत्नी का दावा: शिकायत वापस लेने और माफी मांगने के लिए डाला जा रहा है दबाव

यादव के परिजनों ने कहा था कि अच्छा खाना मांगना कुछ गलत नहीं है।
खाने को लेकर सवाल उठाने वाले बीएसएफ जवान तेज बहादुर यादव का एक और वीडियो आया सामने।

बीएसएफ जवान तेज बहादुर यादव पर जवानों को खराब खाना दिए जाने की शिकायत वापस लेने के लिए कथित तौर पर दबाव बनाया जा रहा है। न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुआ यादव की पत्नी शर्मिला ने कहा, ‘उन्होंने मुझे बताया है कि उन पर शिकायत वापस लेने और माफी मांगने के लिए दबाव डाला जा रहा है।’ बुधवार को तेज बहादुर के परिवार ने उनका समर्थन करते हुए दावा किया था कि अच्छे खाने की मांग करना कुछ गलत नहीं है।

यादव की पत्नी ने पीटीआई से बात करते हुए कहा था, ‘उन्होंने जो किया वह गलत नहीं है। उन्होंने सच्चाई दिखाई है और अच्छा खाना मांगा है।’ साथ ही कहा कि यह कहना कि उनकी मानसिक स्थिति सही नहीं है, यह गलत है। अगर इसमें सच्चाई है तो उन्हें सीमा पर क्यों भेजा गया और ड्यूटी पर क्यों तैनात किया गया? उन्हें ईलाज के लिए क्यों नहीं भेजा गया? यादव के बेटे ने साथ ही कहा कि अपने और सीमा पर तैनात जवानों के लिए अच्छा खाना मांगना गलत नहीं है।

आठ जनवरी को पोस्ट किए गए वीडियो में यादव ने कहा था, ‘हम किसी सरकार पर आरोप नहीं लगाना चाहते, सभी सरकारों ने हमें खाना उपलब्ध करवाया है, लेकिन कुछ सीनियर अधिकारी उन्हें बेच देते हैं। स्थिति ऐसी है कि कई बार हमें भूखे पेट सोना पड़ता है।’ इसके बाद यह वीडियो वायरल हो गया था। वीडियो के मीडिया में आने के बाद गृहमंत्रालय ने मामले की जांच के आदेश दिए थे। इसके साथ ही गुरुवार को प्रधानमंत्री ऑफिस ने इस मामले में गृहमंत्रालय से रिपोर्ट तलब की है।

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    manish agrawal
    Oct 16, 2017 at 10:05 pm
    BSF के चोर और मक्कार अफसर बहुत ही कायर भी हैं , इसलिए उनकी इतनी हिम्मत नहीं हो सकती की जवानो का राशन बेच कर, सारा माल खुद हज़म कर जाएँ ! इसका मतलब साफ़ है की गृह मंत्रालय के कुछ आला अफसरों का भी सपोर्ट BSF के अफसरों को हासिल है और ये लोग आपस में गिरोह बना कर , जवानों का पैसा उड़ा रहे हैं !
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    1. M
      manish agrawal
      Oct 13, 2017 at 10:58 pm
      ये निकम्मी बीजेपी सरकार सिर्फ मंदिर, मस्जिद के नाम पर लोगों को बांटकर , राज्य करते रहना चाहती है ! मज़दूरों, किसानों, जवानों , दलितों, निर्भीक पत्रकारों और मुसलमानों की दुश्मन है बीजेपी सरकार ! कभी क़र्ज़ में डूबे गरीब किसानों पर मंदसौर में फायरिंग करवाई जाती है तो कभी जुन्नैद और पहलु खान की निर्मम हत्या ! कभी गुजरात के ऊना में दलित की हत्या की जाती है तो कभी गौरी लंकेश, नरेंद्र दाभोलकर, गोविन्द पंसारे, M M Kalburgi और शांतनु भौमिक जैसे सच्चाई सामने लाने वाले पत्रकारों की हत्या की जाती है ! पंकज मिश्राजी ! अब उजाला ज्यादा दूर नहीं ! साल 2019 में लोकसभा चुनाव यदि सिर्फ VVPAT युक्त EVM मशीनों से हुए , तो निश्चित ही अमर शहीद प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरागांधी के पोते और अमर शहीद प्रधानमंत्री राजीवगांधी के सुपुत्र राहुल गाँधी , हिन्दोस्तान के वजीरेआजम बनेंगे और हर हिंदुस्तानी को इन्साफ मिलेगा !
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      1. M
        manish agrawal
        Oct 13, 2017 at 10:51 pm
        CRPF के Commandant प्रमोद कुमार साल 2015 में कश्मीर में शहीद हुए ! कर्नल संतोष महादिक भी साल 2015 में कश्मीर में शहीद हुए ! मेजर सतीश दहिया, मेजर Kamlesh पांडे, कैप्टेन आयुष यादव, लेफ्टिनेंट उमर फ़ैयाज़, डिप्टी सुपरिन्टेन्डेन्ट ऑफ़ पुलिस मुहम्मद अयूब पंडित और SHO फ़िरोज़ अहमद डार ने भी पिछले 1 साल में कश्मीर में शहादत दी ! लेकिन गृह मंत्रालय के दामाद ये कायर, चोर और मक्कार BSF के क्लास-2 और क्लास-1 ऑफिसर्स कभी शहादत नहीं देते !
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        1. M
          manish agrawal
          Oct 13, 2017 at 10:49 pm
          BSF के चोर और मक्कार अफसर महँगी शराब, काजू बादाम का लुत्फ़ लेते हैं और दुश्मन की फायरिंग के वक़्त , जवानों को आगे कर , उनके पीछे छुप जाते हैं ! इसीलिए दुश्मन की बुलेट इन कायर BSF ऑफिसर्स को हिट नहीं कर पाती ! हिन्दोस्तान की फौज, पुलिस और CRPF के अफसर , अपने जवानों के कंधे से कन्धा मिलाकर, दुश्मन की फायरिंग का मुकाबला करते हैं और इसीलिए शहीद भी हो जाते हैं ! BSF के जवान पानी जैसी पतली दाल , चाय और परांठा खाकर शहीद होते रहते हैं ! धिक्कार है इस निकम्मी और JUMLEBAAZ बीजेपी सरकार पर !
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          1. M
            manish agrawal
            Oct 13, 2017 at 10:46 pm
            हिन्दोस्तान की बीजेपी सरकार , जवानों के साथ गलत सलूक करती है ! BSF के वीर जवान तेजबहादुर यादव ने घटिया भोजन मिलने की शिकायत की तो इन्क्वायरी की नौटंकी करके , उसको ही बर्खास्त कर दिया गया ! अपने ही जवानों का बेहतरीन सरकारी राशन चुराकर बेच देने वाले BSF के चोर और मक्कार अफसरों को साफ़ क्लीनचिट देदी ,इस निकम्मी केंद्र सरकार ने !
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            1. R
              radheshyam
              Jan 12, 2017 at 12:12 pm
              रवीश जी, पीएम के भाई से कार में तेल भरवाइएगा?दीपक शर्मा वरिष्ठ पत्रकार के कलम से.......एक वक़्त था जब प्रोफेसर राम गोपाल यादव के पास साइकिल खरीदने के पैसे नही थे लेकिन आज वो चार्टर्ड प्लेन से उड़ते हैं। मुलायम के छोटे भाई शिवपाल की तंगहाली का आलम तो ये था कि उन्होंने चमड़े के जूते तब ख़रीदे जब वो पहली बार लखनऊ पहुंचे। आज शिवपाल की संपत्तियां और अलग-अलग बिज़नेस में उनकी हिस्सेदारी इतनी ज्यादा है कि उनका नाम देश के सबसे अमीर नेताओं में शुमार होता है। मुलायम के भाई छोड़िए, उनकी दूसरी पत्नी के भाई यानी साले साहब की प्रॉपर्टी अगर आपको पता लगेगी तो गारंटी है आप गश खा जाएंगे। मुलायम के छोटे बेटे प्रतीक की तो बात ही क्या… जब प्रतीक 14 -15 साल के थे तभी अरबपति बन गए थे।बात जब नेताओं के भाई-भतीजों की चली है तो आज कुछ नाम दे रहा हूँ और उन नामों के आगे उनकी हैसियत भी दर्ज करा हूँ। इस फेहरिस्त पर पहले नज़र डालें फिर बात करते हैं।1) सोमभाई (75 वर्ष) रिटायर्ड स्वास्थ्य अधिकारी, आश्रम में प्रवास2) अमृतभाई (72 वर्ष) निजी फैक्ट्री में वर्कर, रिटायर्ड3) प्रह्लाद (64 वर्ष) राशन की दुकान4) पंकज (58 वर्ष) सूचना विभाग में कार्यरत5) भोगीलाल (67 वर्ष) परचून की दूकान6) अरविन्द (64 वर्ष) कबाड़ का फुटकर काम7) भरत (55 वर्ष) पेट्रोल पंप पर अटेंडेंट8) अशोक (51 वर्ष) पतंग और परचून की दूकान9) चंद्रकांत (48 वर्ष) गौशाला में सेवक10) रमेश (64 वर्ष) कोई जानकारी नही11) भार्गव (44 वर्ष) कोई जानकारी नही12) बिपिन (42 वर्ष) कोई जानकारी नहीऊपर के चार व्यक्ति, प्रधानमंत्री मोदी के सगे भाई हैं। नंबर 5 से लेकर 9 तक मोदी के सगे चाचा नरसिंहदास मोदी के बेटे हैं यानी प्रधानमंत्री के चचेरे भाई। नंबर 10 पर रमेश, जगजीवन दास मोदी के पुत्र हैं। नंबर 11 पर भार्गव, चाचा कांतिलाल के बेटे हैं और सबसे अंतिम यानी बिपिन, प्रधानमंत्री मोदी के सबसे छोटे चाचा जयंती लाल मोदी के बेटे हैं।क्रांतिकारी पत्रकारों से एक अपीलमेरी गुजारिश टीवी के उन क्रांतिकारी पत्रकारों से है जो एक वक़्त एक नीली वैगन-आर कार को दिन-रात दिखाकर राजनीति के शुद्धिकरण की दुहाई देते थे। मेरी गुजारिश खासकर रवीश कुमार जी से है जो कभी बिरयानी बेचने वाले की कहानी तो कभी दिल्ली में सब्जी का ठेला लगाने वालों के इंटरव्यू अक्सर अपने शो में दिखाते हैं। मेरा निवेदन रवीश से इसलिए है क्योंकि उनके बारे में कहा जाता है कि वो दिल से रिपोर्टिंग करते हैं और उनकी नज़र हमेशा सड़क पर खड़े आम आदमी पर रहती है।रवीश भाई यूपी के चुनाव निपटा कर आने वाले दिनों में जब आप गुजरात के चुनाव कवर करें तो जरा ऊपर दी गई फेहरिस्त में दर्ज लोगों के पास भी कैमरा लेकर जाइएगा। आप आम आदमी की बातें बड़े मार्मिक अंदाज़ में स्क्रीन पर उतारते हैं। हम आप के इस हुनर के कायल हैं। तो ज़रा गुजरात जाकर, हमें कबाड़ी वाले अरविंद और पतंग बेचने वाले अशोक की कहानियां भी दिखाएं। देश के प्रधानमंत्री का भाई कबाड़ी का काम करता है और एक भाई पतंग और मांझा बेचता है। ये स्टोरी तो जेएनयू और एनडीटीवी के मज़दूर समर्थक वामपंथियों को भा जाएगी। सुपर हिट होगी साहब। क्या टीआरपी मिलेगी रवीश जी आपको। आप दस नम्बरी चैनल से सीधे दो नंबर पर आ जाएंगे… गारंटी है।और हाँ, वडनगर के लालवाड़ा पेट्रोल पंप पर जाकर ज़रा अपनी टैक्सी में अटेंडेंट अशोक भाई से तेल भरवाते हुए बाइट ज़रूर लीजिएगा। अच्छे विजुअल होंगे इस कहानी में। एनडीटीवी में सब देखेंगे कैसे मोदी का भाई आपकी ़ी में तेल भर रहा है। मौक़ा मिले तो मोदी के एक और भाई अरविंद से टीन के पुराने कनस्तर खरीद लाइएगा। और हाँ वडनगर के घीकांटा बाजार में मोदी की भाभी आपको एक फूड स्टाल में मिलेंगी। भाभी जी से खरीदारी करके कुछ न कुछ तो हमारे लिए लाइएगा।रवीश भाई आपकी मानव मूल्यों की सार्थक कहानियां वाकई कमाल होती हैं। खासकर जब आप स्क्रीन काली करते हैं। जब आप गूंगे रंगकर्मी स्टूडियो में बिठाते हैं। जब आप अभय दुबे से हमें मुलायम के समाजवाद का ज्ञान दिलाते हैं।इसलिए मुझे पूरी उम्मीद है कि आप वडनगर की गलियों के इस सच को भी दिखाएंगे।जुबान वाला सचजी हाँ वही जावेद अख्तर साहब का लिखा …जुबां पर सचदिल में इंडियाNDTV इंडिया…तो हिम्मत कीजिएहौसला मैं दे रहा हूँअरे सोच क्या रहे हैं भाईकुछ दिन तो गुजारिये गुजरात में!!#DalaalJansatta
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