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विशेष: एक ही हैं साजिश का सामान लेकर आई नौकाओं के आका

खुफिया एजंसियां दो संदिग्ध पाकिस्तानी नौकाओं से जुड़ी दो घटनाओं में साम्य तलाशने में लगी हैं। 31 दिसंबर को पोरबंदर तट पर पाकिस्तान से आई एक संदिग्ध नौका को उड़ा दिया गया था...
Author April 24, 2015 09:41 am
अधिकारियों ने बताया कि दो घटनाओं के बीच बीते तीन माह में कराची और थाईलैंड में बैठे आकाओं के फोन नंबरों पर लगातार निगाह रखी जाती रही। इन नंबरों को लगतार इंटरसेप्शन मोड पर रखा गया था। (फाइल फ़ोटो-पीटीआई)

खुफिया एजंसियां दो संदिग्ध पाकिस्तानी नौकाओं से जुड़ी दो घटनाओं में साम्य तलाशने में लगी हैं। 31 दिसंबर को पोरबंदर तट पर पाकिस्तान से आई एक संदिग्ध नौका को उड़ा दिया गया था। इस नौका पर सरहद पार से विस्फोटक सामग्री और असलाह लाए जाने का शक था। इधर सोमवार को पोरबंदर में जो नौका जब्त की गई , उसमें हेरोइन का भारी जखीरा था। खुफिया सूत्रों का कहना है कि इन दोनों साजिशी अभियानों के संचालक एक ही हैं।

इन दोनों ही मामलो में टैक्निकल रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (एनटीआरओ) ने कामयाबी से सेटेलाइट और मोबाइल फोनों पर नजर रखी। एनटीआरओ के अधिकारियों ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि इन नौकाओं की कामयाबी से पता इसलिए चल पाया कि कराची और थाइलैंड में बैठे इनके आकाओं की लगातार बातचीत को पकड़ा जा सका।

अधिकारियों ने बताया कि दो घटनाओं के बीच बीते तीन माह में कराची और थाईलैंड में बैठे आकाओं के फोन नंबरों पर लगातार निगाह रखी जाती रही। इन नंबरों को लगतार इंटरसेप्शन मोड पर रखा गया था।

एक अधिकारी ने बताया कि हम भाग्यशाली थे कि इस सिंडीकेट के सदस्य लगातार फोन इस्तेमाल कर रहे थे। इसी कारण हम उस नौका का सुराग लेने में कामयाब रहे जो 200 किलोग्राम से ज्यादा हेरोइन लेकर भारतीय सागर सीमा की ओर आई थी।

अधिकारियों का मानना है कि यही सिंडीकेट उस नौका को रास्ता दिखाने में लगा था जो कराची के निकट केटीबंदर से आई थी। 31 दिसंबर-एक जनवरी की रात के बीच विस्फोट से यह नौका उड़ गई थी। भारतीय नौसेना और तटरक्षक इस दूसरी नौका का पता नहीं लगा पाए होंगे।

बहरहाल, सोमवार को जो नौका हेरोइन लेकर आई थी, उसके बारे में सूत्रों ने बताया कि एनटीआरओ ने तीन दिनों को दौरान आकाओं की बातचीत रिकॉर्ड की। बातचीत में नौका पर सवार आठ लोगों को रास्ता-दिशा बताने, मौसम के हालात व अन्य जरूरी जानकारियां दी जा रही थीं।

लेकिन एजंसी ने नौका के संचालकों के बीच हुई जो इलेक्ट्रॉनिक बातचीत रिकॉर्ड की, उससे यह नहीं पता चल पाया कि जब्त सामग्री की मंजिल कहां थी। बातचीत से यह भी नहीं पता लगा कि थाइलैंड में बैठे इसके संचालकों की राष्ट्रीयता क्या है। अब नौका से पकड़े गए लोगों से पूछताछ के बाद ही पता चल सकेगा कि कराची और थाइलैंड में बैठे इसके संचालक कौन हैं। यह भी पता चल पाएगा कि नौका का अंतिम पड़ाव क्या था।

इन लोगों से अब भी पूछताछ चल रही है। पूछताछ खुफिया एजंसियां, नौसेना खुफिया, नारकोटिक्स नियंत्रण ब्यूरो और गुजरात पुलिस का एक विशेष दस्ता कर रहा है।

एनटीआरओ को जैसे ही निगरानी फोनों से इस बात की पुष्टि हुई कि एक संदिग्ध पाकिस्तानी नौका अवैध सामग्री के साथ अरब सागर की ओर बढ़ी, उसने फौरन नौसेना और खुफिया अधिकारियों को चौकस कर दिया। इसके कुछ देर बाद तटरक्षक हरकत में आ गए।
अधिकारियों ने बताया, इस बात की संभावना है कि गिरफ्तार आठ आदमियों ने, जो हिरासत में हैं, अपने बच निकलने का मौका न मिलने पर अपने हथियारों का जखीरा समुद्र में डाल दिया होगा।

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