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स्विट्जरलैंड ने उठाया बड़ा कदम, अब मोदी वापस ला सकते हैं काला धन

स्विट्जरलैंड की संघीय परिषद सूचनाओं के आदान प्रदान की व्यवस्था शुरू करने की तारीख की सूचना भारत को जल्द ही देगी।
Author August 6, 2017 19:42 pm
स्विट्जरलैंड ने भारत और 40 अन्य देशों के साथ अपने यहां संबंधित देश के लोगों के वित्तीय खातों, संदिग्ध काले धन से संबंधित सूचनाओं के आदान प्रदान की व्यवस्था को मंजूरी दे दी है। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

स्विट्जरलैंड को लगता है कि भारत के साथ जानकारियों के स्वत: साझीकरण का समझौता करने के लिए उसके आंकड़ा सुरक्षा और गोपनीयता कानून पर्याप्त हैं। उल्लेखनीय है कि इस समझौते के बाद भारत की पहुंच स्विस बैंकों में जमा कथित कालेधन की जानकारियों तक नियमित आधार पर हो जाएगी। स्विट्जरलैंड सरकार ने अपने राजकीय गजट में इस संबंध में एक विस्तृत अधिसूचना में और तथ्य प्रकाशित किए हैं। सरकार ने कहा है कि वह भारत के साथ वित्तीय खातों की जानकारी का स्वत: साझाकरण करने के समझौता कर रही है। उसने अन्य वित्तीय केंद्र लिंचेस्टाइन और बहमास का उदाहरण दिया है जो इसी तरह का समझौता करेंगे।

सरकार ने यह जानकारी जर्मन भाषा में प्रकाशित की है और साथ ही भारतीय बाजार में अपनी संभावनाएं तलाशने के बारे में भी उसने इसमें बात की है जिसमें पुनर्बीमा और वित्तीय सेवा क्षेत्र शामिल है। उल्लेखलीय है कि जून में स्विस फेडरल काउंसिल ने भारत के साथ इस समझौते की पुष्टि की थी। यह काउंसिल यूरोपीय देशों की शीर्ष गर्विनंग इकाई है।

स्विट्जरलैंड की संघीय परिषद सूचनाओं के आदान प्रदान की व्यवस्था शुरू करने की तारीख की सूचना भारत को जल्द ही देगी। परिषद द्वारा इस संबंध में स्वीकृत प्रस्ताव के मसौदे के अनुसार, इसके लिए वहां अब कोई जनमत संग्रह नहीं कराया जाना है। इसलिए इसे लागू करने में देरी की आशंका नहीं है। कालेधन का मुद्दा भारत में सार्वजनिक चर्चा का मुद्दा है। लंबे समय से ऐसा माना जाता है कि बहुत से भारतीयों ने अपना काला धन स्विट्जरलैंड के बैंक-खातों में जमा कर रखा है। भारत विदेशी सरकारों, स्विट्जरलैंड जैसे देशों के साथ अपने देश के नागरिकों के बैंकिंग सौदों के बारे में सूचनाओं के आदान प्रदान की व्यवस्था के लिए द्विपक्षीय और बहुपक्षीय मंचों पर जोरदार प्रयास करता आ रहा है।

बता दें कि स्विट्जरलैंड ने भारत और 40 अन्य देशों के साथ अपने यहां संबंधित देश के लोगों के वित्तीय खातों, संदिग्ध काले धन से संबंधित सूचनाओं के आदान प्रदान की व्यवस्था को मंजूरी दे दी है। अब इन देशों को गोपनीयता और सूचना की सुरक्षा के कडे़ नियमों का अनुपालन करना होगा। टैक्स संबंधी सूचनाओं के स्वत: आदान-प्रदान (ऑटोमैटिक एक्सचेंज ऑफ इन्फर्मेशन) पर वैश्विक संधि को मंजूरी के प्रस्ताव पर स्विट्जरलैंड की संघीय परिषद (मंत्रिमंडल) की मुहर लग गई है। स्विट्जरलैंड सरकार ने इस व्यवस्था को साल 2018 से संबंधित सूचनाओं के साथ शुरू करने का निर्णय लिया है यानी आंकड़ों के आदन प्रदान की शुरूआत 2019 में होगी।

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  1. B
    bitterhoney
    Aug 7, 2017 at 6:57 am
    इस शर्त पर काला धन वापस ला सकेंगे कि खाता धारकों के नाम उजागर नहीं करेंगे.फिर तो मोदी जी अपने खाते में भी पैसे डाल सकते हैं.मोदी जी की बल्ले बल्ले
    (0)(0)
    Reply
    सबरंग