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भाजपा ने ‘लालू-नीतीश-कांग्रेस’ से मांगा 25 साल का रिपोर्ट कार्ड

भाजपा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आगामी विधानसभा चुनाव में अगले पांच सालों के लिए फिर से चुने जाने पर 2.70 लाख करोड़ रुपए के पैकेज की घोषणा को लेकर प्रहार करते हुए राजद, कांग्रेस...
Author पटना | September 3, 2015 00:53 am

भाजपा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आगामी विधानसभा चुनाव में अगले पांच सालों के लिए फिर से चुने जाने पर 2.70 लाख करोड़ रुपए के पैकेज की घोषणा को लेकर प्रहार करते हुए राजद, कांग्रेस और जदयू से पिछले 25 वर्षों का हिसाब देने की मांग की है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने बुधवार को एक विज्ञप्ति जारी करके राजद, कांग्रेस और जदयू नेता नीतीश कुमार से पिछले 25 वर्षों के अपने शासनकाल का हिसाब देने को कहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1990 से लेकर 2000 तक राजद का फिर वर्ष 2000 से 2005 तक राजद-कांग्रेस का बिहार में राज रहा। लालू यादव व सोनिया गांधी बताये कि इन 15 सालों में बिहार दुर्दशाग्रस्त क्यों रहा।

नीतीश कुमार नीत राजग शासनकाल में उपमुख्यमंत्री रहे सुशील ने कहा कि राजद-कांग्रेस के 15 वर्षों के कथित जंगलराज का हिसाब देने में अगर नीतीश कुमार के हाथ पांव फूल रहे हों तो कम से कम भाजपा से गठबंधन टूटने के बाद के 25 महीनों का ही हिसाब दे दें।

उन्होंने आरोप लगाया कि दस वर्षों तक मुख्यमंत्री रहने वाले नीतीश कुमार सूबे के 10 प्रतिशत घरों में भी जब शौचालय व पेयजल की व्यवस्था नहीं कर पाए तो अब विदाई की घडी आने पर वादों की झडी लगा रहे हैं। देश की हर थाली में बिहार के दो-दो व्यंजन होने का वादा क्या पूरा हो गया? हर गांव को पक्की सडक से जोड़ने, गांव की गलियों को पक्का करने, नालियां बनवाने की याद 10 वर्षों के बाद क्यों आ रही है। बिजली पहुंचाने सहित अपने 10 प्रतिशत वादे को भी क्या नीतीश कुमार पूरा कर पाए हैं?

सुशील ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर अपना वादा पूरा करने में बुरी तरह से विफल होने और केन््रद की दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति जैसी पूर्णत: नई योजना के कार्यान्वयन और केन्द्रांश को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस योजना में कतिपय शर्तों के साथ केन्द्रांश की सीमा 75 प्रतिशत तक है। इसके अन्तर्गत 5856 करोड़ रुपए में से 4439.69 करोड़ रुपये फीडर पृथक्करण के लिए हैं जिससे गुजरात की तर्ज पर कृषि कार्यों के लिए अलग से फीडर का इंतजाम होगा।

उन्होंने पूछा कि नीतीश कुमार बताये कि बक्सर में बिजली घर के निर्माण के लिए समझौता पत्र पर हस्ताक्षर करने वाली सतलज जल विद्युत निगम क्या भारत सरकार का लोक उपक्रम नहीं है?

सुशील ने कहा कि नीतीश कुमार बताये कि प्रदेश के 30 हजार से ज्यादा गांव जहां गहन विद्युतिकरण किया जाना है और 80 लाख से ज्यादा बीपीएल परिवारों के विद्युतिकरण का काम अब तक क्यों नहीं हो पाया। क्या राजद कांग्रेस के साथ नीतीश कुमार भी अपनी विफलताओं और ननाकामियों से बचने की कोशिश नहीं कर रहे हैं। जब जनता इनसे 25 वर्षों का हिसाब मांग रही है तो ये केंद्र की 15 महीने वाली सरकार से हिसाब मांग रहे हैं।

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  1. उर्मिला.अशोक.शहा
    Sep 3, 2015 at 8:58 am
    वन्दे मातरम-मोदी सरकार से अठरा महीनो का हिसाब मांगनेवाले अपने पचीस सालके कु कर्मो का हिसाब देने से हिचकिचा रहे है. भाजप से अलग होने के बाद के पचीस महीनो में नितीश अपनी सत्ता बचाने में ही लगे रहे थे और फिर किस मुह से हिसाब मांग रहे है जा ग ते र हो
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