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महिलाओं के खिलाफ अपराधों में बीजेपी के सांसद/विधायक सबसे आगे, शिव सेना दूसरे नंबर पर

एक अनुमान के मुताबिक 2012 में घटे निर्भया कांड के बाद भी दिल्ली और बांकी तमाम महानगरों में अपराध के आंकड़ों में गिरावट नहीं आई है।
Author August 31, 2017 20:01 pm
भाजपा के विधायकों सांसदों की संख्या सबसे ज्यादा (14) है, इसके बाद शिवसेना (7) ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (6) के नेताओं का नंबर आता है। (सांकेतिक तस्वीर)

एक अध्ययन में गुरुवार को कहा गया कि 51 सांसदों और विधायकों ने महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों की घोषणा की है जिनमें कथित दुष्कर्म और अपहरण जैसे मामले भी शामिल हैं। चुनाव सुधारों के लिये काम करने वाले एक गैर सरकारी संगठन असोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स द्वारा किये गये एक अध्ययन में कहा गया कि 51 में से 48 विधानसभाओं के सदस्य हैं और तीन संसद के सदस्य हैं। पार्टीवार विवरण देते हुये अध्ययन में कहा गया कि विभिन्न मान्यता प्राप्त दलों में भाजपा के विधायकों सांसदों की संख्या सबसे ज्यादा (14) है, इसके बाद शिवसेना (7) ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (6) के नेताओं का नंबर आता है जिन्होंने महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े मामलों की घोषणा की है।

एडीआर अध्ययन कहता है, ‘‘51 सांसद और विधायक हैं जिन्होंने अपने खिलाफ दायर महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों की घोषणा की है। इनमें हमला या महिला की गरिमा भंग करने के उद्देश्य से आपराधिक बल का इस्तेमाल, अपहरण, महिला को शादी के लिये बाध्य करना, दुष्कर्म, महिला से क्रूरता, देह व्यापार के लिये नाबालिग की खरीद-फरोख्त, महिला का अपमान करने के उद्देश्य से हावभाव का प्रदर्शन शामिल हैं।’’

एक अनुमान के मुताबिक 2012 में घटे निर्भया कांड के बाद भी दिल्ली और बांकी तमाम महानगरों में अपराध के आंकड़ों में गिरावट नहीं आई है। अगर बात खाली दिल्ली की करे तो आज भी स्थिति जस-की-तस है। आज भी महिलाओं के प्रति अपराधों में कमी नहीं आई है। दिल्ली में हर दिन करीब 6 महिलाओं से रेप होता है, तो वहीं हर रोज महिलाओं से यौन उत्पीड़न के करीब 10 मामले सामने आते हैं।

दिल्ली पुलिस की ओर से जारी आंकड़ों पर गौर करें तो पता चलता है कि साल 2016 में जहां 1204 मामले रेप के दर्ज किए गए, वहीं 15 जुलाई, 2017 तक रेप के 1138 मामले सामने आए हैं। पिछले साल के मुकाबले लड़कियों के अपहरण से जुड़े अपराध में वृद्धि हुई है। गौरतलब है, साल 2016 में 1913 मामले अपहरण के दर्ज किए गए थे तो वहीं इस साल (15 जुलाई, 2017 तक) अपहरण के 2066 मामले सामने आ चुके हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 15 जुलाई, 2017 तक रेप, किडनैपिंग, हत्या और छेड़छाड़ के 7155 मामले दर्ज हुए हैं। दहेज से जुड़े मामलों की वजह से लगभग 70 महिलाओं की मौत हुई है।

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