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भाजपा की हार प्रधानमंत्री की हार: विपक्ष

बिहार विधानसभा चुनाव में राजग की हार पर अलग-अलग दलों ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हार बताते हुए कहा कि है कि जनता के अब अच्छे दिन शुरू हो चुके हैं.
Author नई दिल्ली | November 9, 2015 01:12 am
तीसरी बार नीतीश कुमार : नतीजे आने के बाद पटना में समर्थकों और मीडिया के बीच नीतीश कुमार। (पीटीआई फोटो)

बिहार विधानसभा चुनाव में राजग की हार पर अलग-अलग दलों ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हार बताते हुए कहा कि है कि जनता के अब अच्छे दिन शुरू हो चुके हैं। कांग्रेस ने नतीजे आते ही कहा कि यह मोदी के कामकाज का जनमतसंग्रह है। भाजपा के जख्मों पर नमक छिड़कते हुए राजग में उसकी सहयोगी शिवसेना ने बिहार चुनाव में जीत के बाद नीतीश कुमार को महानायक करार दिया। वामपंथी पार्टियों ने कहा कि ये नतीजे प्रधानमंत्री की ‘व्यक्तिगत हार’ हैं और ये ऐसे लोगों के लिए ‘अच्छे दिन’ की तरह है जिन्होंने ‘धर्मनिरपेक्ष एवं लोकतांत्रिक मूल्यों’ के लिए संघ-भाजपा की ‘सांप्रदायिक राजनीति’ को खारिज किया है। वाम दलों ने कहा कि पहले दिल्ली में इस राजनीति को खारिज किया गया और अब बिहार में किया गया।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बिहार चुनाव परिणामों को मोदी सरकार के खिलाफ जनमत संग्रह करार दिया। उन्होंने कहा, ‘बिहार चुनाव एक तरीके से जनमत संग्रह (मोदी सरकार पर) है। जिस अहंकार और घमंड के साथ प्रधानमंत्री काम कर रहे थे और जिस तरीके से मोदी-अमित शाह तानाशाही रवैया अपनाते हैं, इस चुनाव परिणाम ने केंद्र के घमंड को तोड़ दिया है।’

भाकपा के राष्ट्रीय सचिव अतुल अनजान ने कहा, ‘यह न केवल भाजपा की हार है, बल्कि मोदी और उनकी नीतियों की व्यक्तिगत हार है। असहिष्णुता-विरोधी अभियान भी कोई नतीजा नहीं दे सका।’ उनकी पार्टी के सदस्य और राज्यसभा सदस्य डी राजा ने भी ऐसी ही राय जाहिर की और महागठबंधन की जीत को निर्णायक करार दिया। माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि इस फैसले ने ऐसे लोगों के लिए ‘अच्छे दिन’ की शुरुआत सुनिश्चित कर दी है जिन्होंने संघ-भाजपा द्वारा की जा रही सांप्रदायिक राजनीति और उनके तथाकथित विकास के एजंडा को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, ‘लोगों के अच्छे दिन शुरू हो चुके हैं। पहले दिल्ली। कल केरल और आज बिहार।’

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कांग्रेस ने कहा कि बिहार चुनाव के नतीजे प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी के कामकाज पर जनमत संग्रह है और साथ ही संकेत दिया कि उन्हें जल्द ही भाजपा के अंदर विरोध का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि ‘मार्गदर्शक मंडल’ ‘मूकदर्शक मंडल’ बना नहीं रहेगा। पार्टी महासचिव शकील अहमद ने यह भी संकेत दिया कि बिहार के नतीजों से राजनीतिक दलों के बीच नए समीकरण बनने का मार्ग प्रशस्त होगा क्योंकि पिछले लोकसभा चुनाव से जो बुलबुला उठा था वह अंतत: फूट गया।

उधर, शिवसेना ने एक तरह से प्रधानमंत्री मोदी पर परोक्ष हमला करते हुए कहा कि बिहार के चुनाव परिणाम ‘एक नेता के कमजोर होने का प्रतीक’ हैं। चुनाव परिणामों को देश की राजनीति में नया बदलाव बताते हुए शिवसेना नेता संजय राउत ने यह भी कहा कि अगर अभी महाराष्ट्र में चुनाव हो जाएं, तो ऐसे ही परिणाम आएंगे। उन्होंने कहा, ‘भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिहार चुनाव लड़ा। भाजपा को इस बात को स्वीकार करना चाहिए। यह हार एक नेता के कमजोर होते स्तर को बताती है। अगर अभी महाराष्ट्र में चुनाव हो जाएं तो ऐसे ही नतीजे आएंगे जैसे बिहार में आए हैं।’

पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि बिहार में भाजपा की हार के बाद गैर भाजपा दलों को इस बात पर और भरोसा होगा कि भाजपा को हराया जा सकता है। इस नतीजे का देश की राजनीतिक पर क्या असर होगा, उसके बारे में कुछ कहना जल्दबाजी होगी लेकिन साफ है कि गैर भाजपा दल खुद में ज्यादा विश्वास महसूस करने लगेंगे कि ‘विशाल’ संसाधन खासकर वित्तीय संसाधनों से लैस होने के बावजूद भाजपा को हराया जा सकता है।

चिदंबरम ने कहा कि विपक्ष को अब महसूस होगा कि अपने विशाल संसाधनों के बावजूद ‘भाजपा अजेय’ नहीं है। उन्होंने कहा, ‘मुझे बिहार चुनाव में भाजपा द्वारा खर्च किए गए संसाधनों की जानकारी है।’चिदंबरम से जब पूछा गया कि क्या नीतीश राष्ट्रीय राजनीति में आना चाहेंगे या बिहार पर ही ध्यान देंगे तो उन्होंने कहा कि इसके बारे में कुछ कहना जल्दबाजी होगी और ‘मुझे लगता है कि नीतीश ने खुद कुछ सबक सीखे हैं। वह विकास के एजंडे पर काम करने में खुश होंगे। वह मुझे हमेशा एक शांत और विवेकी इंसान लगे हैं।’

बिहार चुनाव के नतीजे के आगामी शीतकालीन सत्र पर संभावित असर के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस नेता ने कहा कि जिम्मेदारी सरकार पर है और प्रधानमंत्री के पास ‘चीजें ठीक करने’ और विपक्ष से संपर्क करने के लिए अब भी समय है।

ममता ने सहनशीलता की जीत बताई: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नीतीश कुमार और लालू प्रसाद को बधाई देते हुए कहा कि यह ‘असहिष्णुता’ की हार है। ममता ने ट्वीट किया, ‘नीतीश कुमार जी, लालू जी और आपकी पूरी टीम को बधाई। और बिहार के मेरे सभी भाइयों और बहनों को बधाई। सहनशीलता की जीत, असहिष्णुता की हार।’ बिहार में तीसरे चरण के मतदान से पहले ममता ने मतदाताओं से नीतीश कुमार का समर्थन करने और उन्हें फिर से मुख्यमंत्री चुनने की अपील की थी।

राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि बिहार चुनाव के नतीजे इस बात का संकेत देते हैं कि देश में भाजपा विरोधी भावना है और लोग नरेंद्र मोदी की सरकार से नाखुश हैं। पवार ने कहा, ‘मैं बिहार के फैसले को अलग करके नहीं देखता। राज्य विकास के मामले में भले ही पिछड़ा हो सकता है लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव डालने वाला बुद्धिमत्तापूर्ण राजनैतिक फैसला करने के मामले में धनी है।’ पवार ने कहा, ‘नतीजे दर्शाते हैं कि किस दिशा में देश बढ़ रहा है। बिहार के फैसले के बाद यह स्पष्ट है कि देश में भाजपा विरोधी भावना है। लोग राष्ट्रीय स्तर पर सरकार से खुश नहीं हैं।’

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