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जाति आधारित सम्मेलनों में भाग ले रहे हैं भाजपा नेता, सदस्यता फॉर्म में पूछ रहे ‘जाति’

स्थानीय भाजपा नेता प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले जाति आधारित सम्मेलनों में भाग लेने में व्यस्त हैं। इसके साथ ही आगामी सोमवार से सदस्यता अभियान की तैयारी कर चुकी भाजपा के ऑनलाइन निबंधन करा...
Author May 24, 2015 09:45 am
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मंगल पाण्डेय ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि सदस्यता फॉर्म में जाति वाला कॉलम का होना पुरानी परंपरा है। (फ़ोटो-पीटीआई)

स्थानीय भाजपा नेता प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले जाति आधारित सम्मेलनों में भाग लेने में व्यस्त हैं। इसके साथ ही आगामी सोमवार से सदस्यता अभियान की तैयारी कर चुकी भाजपा के ऑनलाइन निबंधन करा चुके अपने नये सदस्य से अपनी जाति बताने के कॉलम की बताने की व्यवस्था की गयी है।

पटना में शनिवार को आयोजित ‘गोस्वामी’ सम्मेलन में भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी, नंदकिशोर यादव और प्रदेश अध्यक्ष मंगल पाण्डेय शामिल हुए।

नई दिल्ली में एक दिन पहले हुए राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की कुछ कृतियों के स्वर्ण जयंती वर्ष पर आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा था कि वह बिहार को प्रगति और समृद्धि की सोच के साथ आगे ले जाने को प्रतिबद्ध हैं और इस राज्य की प्रगति के बिना भारत का विकास अधूरा है।

दिनकरजी द्वारा 1961 में लिखे एक पत्र का हवाला देते हुए मोदी ने कहा कि राष्ट्रकवि का यह मत था कि बिहार को जातपात को भूलना और सबसे अच्छे पथ का अनुसरण करना होगा। मोदी ने पत्र का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘आप एक या दो जातियों के सहारे शासन नहीं कर सकते, अगर आप जातपात से ऊपर नहीं उठेंगे, तब बिहार का सामाजिक विकास प्रभावित होगा।’’

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मंगल पाण्डेय ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि सदस्यता फॉर्म में जाति वाला कॉलम का होना पुरानी परंपरा है जो कि नए सदस्य के बारे में विस्तृत जानकारी हासिल करने को ध्यान में रखकर किया जाता रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह द्वारा शुरू किए गए ऑनलाइन सदस्यता अभियान के तहत भाजपा के देश भर में 11 करोड़ नए सदस्यों में से बिहार में 95 लाख लोग इस पार्टी से जुड़े हैं।

भाजपा नेताओं के बिहार विधानसभा चुनाव पूर्व जातीय सम्मेलन में शामिल होने के बारे में पूछे जाने पर पाण्डेय ने कहा कि ऐसे सम्मेलनों का आयोजन पार्टी सदस्यों द्वारा आयोजित नहीं किया जाता है। भाजपा नेता ऐसे सम्मेलनों और कार्यक्रम में वोट की खातिर नहीं बल्कि उनका विश्वास बढ़ाने और उन्हें विकास की मुख्य धारा में जोड़ने के लिए शामिल होते हैं।

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने सम्राट अशोक को अन्य पिछडी जाति कुशवाहा समाज से होने का दावा करने वाले संयोजकों द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में हाल ही में भाग लिया था।

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