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एक जीत के साथ बीजेपी ने बनाया इतिहास: पहली बार राज्य सभा में भाजपा नंबर 1 पार्टी, कांग्रेस को पछाड़ा

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी गुजरात से राज्य सभा चुनाव लड़ रहे हैं।
दिल्ली में संसदीय बोर्ड की बैठक के दौरान बीजेपी दफ्तर में मौजूद पीएम मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह (फोटो-पीटीआई)

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के लोक सभा के बाद अब राज्य सभा में भी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। मध्य प्रदेश के संपतिया उइके राज्य सभा के सदस्य बनते ही बीजपी के राज्य सभा में 58 सांसद हो गए। कांग्रेस के राज्य सभा में 57 सांसद हैं। राज्य सभा में कुल 245 सीटें हैं। हालांकि सबसे बड़ी पार्टी बनने के बावजूद बीजेपी अभी राज्य सभा में बहुमत से दूर है। इसी महीने पश्चिम बंगाल और गुजरात की राज्य सभा सीटों के लिए चुनाव होने हैं। पश्चिम बंगाल में राज्य सभा की छह और गुजरात में तीन सीटें खाली होने वाली हैं। इन सीटों के लिए अगले हफ्ते चुनाव होना है। संपतिया उइके नरेंद्र मोदी कैबिनेट के मंत्री अनिल दवे की जगह राज्य सभा भेजे गए हैं। उइके निर्विरोध चुनाव जीते। दवे का इसी साल मई में निधन हो गया था।

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी गुजरात से राज्य सभा चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल भी गुजरात से चुनाव लड़ रहे हैं। बिहार में जदयू के साथ गठबंधन सरकार बनाने से भी बीजेपी को राज्य सभा में लाभ पहुंचा है। जदयू के राज्य सभा में 10 सांसद हैं। हालांकि पार्टी के तीन राज्य सभा सांसद शरद यादव, अली अनवर और वीरेंद्र कुमार पार्टी प्रमुख नीतीश कुमार के बीजेपी से हाथ मिलाने के फैसले से असंतुष्ट हैं। खबर आ रही है कि शरद यादव असंतुष्टों के साथ मिलकर नई पार्टी बना सकते हैं।

मीडिया में ये भी खबर है कि तमिलनाडु में सत्ताधारी एआईएडीएमके भी एनडीए में शामिल हो सकती है। अगर ऐसा होता है तो बीजेपी उच्च सदन में काफी मजबूत हो जाएगी। अभी भी एआईएडीएमके महत्वपूर्ण विधेयकों पर बीजेपी की नैया पार कराती रही है लेकिन आधिकारिक तौर पर एनडीए का हिस्सा बन जाने से पार्टी को बड़ी राहत मिल जाएगी। एएआईएडीएमके के राज्य सभा में 13 सांसद हैं।

 

राज्य सभा में बहुमत न होने के कारण मोदी सरकार के कई महत्वपूर्ण विधेयक अधर में लटक जाते हैं। राज्य सभा में किसी विधेयक को पारित कराने के लिए बीजेपी को अपने सहयोगी दलों के अलावा अन्य दलों के सहयोग की जरूरत रहती है। हालांकि अगले साल उत्तर प्रदेश से राज्य सभा की नौ सीटों के लिए चुनाव होना है। माना जा रहा है कि नौ में से आठ सीटों पर बीजेपी उम्मीदवार जीत सकते हैं।

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