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उपराष्ट्रपति पद के लिए भाजपा ने घोषित किया उम्मीदवार, गांधी के मुकाबले वेंकैया नायडू को उतारा

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने संसदीय दल की बैठक के बाद उनके नाम का ऐलान किया। अमित शाह के अनुसार, वेंकैया नायडू के नाम पर भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सभी घटक दल सहमत हैं।
Author नई दिल्ल | July 18, 2017 03:23 am
एनडीए उम्‍मीदवार वेंकैया नायडू के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व लोकसभा स्‍पीकर सुमित्रा महाजन। (PTI Photo)

भारतीय जनता पार्टी ने केंद्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू को उपराष्ट्रपति का उम्मीदवार बनाया है। नायडू मंगलवार सुबह 11 बजे नामांकन दाखिल करेंगे। उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव में उनका मुकाबला विपक्ष के उम्मीदवार गोपालकृष्ण गांधी से होगा। वेंकैया नायडू के नाम का ऐलान करते हुए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि विपक्ष ने पहले ही अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। इसलिए आमराय की संभावना नहीं है।  भाजपा संसदीय दल की सोमवार शाम हुई बैठक में उनके नाम का प्रस्ताव केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने किया। संसदीय राजनीति में अच्छा-खासा अनुभव रखने वाले वेंकैया नायडू को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह का भरोसेमंद माना जाता रहा है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने संसदीय दल की बैठक के बाद उनके नाम का ऐलान किया। अमित शाह के अनुसार, वेंकैया नायडू के नाम पर भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सभी घटक दल सहमत हैं। राष्ट्रपति चुनाव में राजग उम्मीदवार रामनाथ कोविंद का साथ दे रही जनता दल (एकीकृत) ने उप राष्ट्रपति चुनाव में गोपालकृष्ण गांधी को समर्थन देने का ऐलान किया है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि वेंकैया नायडू देश के वरिष्ठतम नेताओं में से एक हैं। इसलिए राजग के सभी घटक दल एक बार में उनके नाम पर सहमत हो गए। शाह ने कहा कि वेंकैया नायडू पार्टी के वरिष्ठतम नेता हैं और उन्होंने अपना सार्वजनिक जीवन 1970 से शुरू किया था। बाकी पेज 8 पर विद्यार्थी परिषद से शुरुआत कर वे राजनीति में उतरे। उन्होंने जेपी आंदोलन में सक्रियता से हिस्सा लिया। वे आंध्र प्रदेश भाजपा युवा इकाई के अध्यक्ष भी रहे। वेंकैया भाजपा महासचिव और दो बार भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे। वे चार बार राज्यसभा के सदस्य रहे। उनका 25 वर्ष का कार्यकाल रहा है। उनके अनुभव की चर्चा करते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि एक किसान परिवार से आने वाले वेंकैया नायडू का संसदीय राजनीति का अच्छा खासा अनुभव है।

यह पूछे जाने पर कि उपराष्ट्रपति पद के लिए सर्वानुमति की कोई संभावना है, शाह ने कहा कि विपक्ष ने पहले ही उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है और अगर उन्हें सर्वानुमति बनानी होती तो वे थोड़ा इंतजार करते। पार्टी के साथ-साथ वेंकैया नायडू सरकार में भी बड़ा चेहरा हैं। वर्ष 2002 से 2004 तक भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे नायडू अभी शहरी विकास मंत्री हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, वित्तमंत्री अरुण जेटली, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के बाद केंद्रीय कैबिनेट में वेंकैया ही वरिष्ठ हैं। वे अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री थे। वेंकैया नायडू चार बार राज्यसभा के सांसद रह चुके हैं। वे राजस्थान से राज्यसभा सांसद हैं। भाजपा के पास फिलहाल राज्यसभा में संख्याबल कम है। अगर राज्यसभा का कोई अनुभवी नेता इस पद पर चुना जाता है तो सदन चलाने में आसानी होगी। नायडू पहली बार राज्यसभा के लिए 1998 में चुने गए थे। इसके बाद से ही 2004, 2010 और 2016 में वह राज्यसभा के सांसद बने। वेंकैया कई कमेटियों का हिस्सा रह चुके हैं।

वेंकैया नायडू आंध्र प्रदेश से हैं। राष्ट्रपति पद के लिए राजग ने उत्तर भारत से रामनाथ कोविंद को चुना। माना जा रहा है कि वेंकैया के नाम का ऐलान कर भाजपा ने 2019 के लिए दक्षिण का दांव चला है। राजनीति और राजनयिक अध्ययन में स्नातक वेंकैया नायडू 1974 में आंध्र विश्वविद्यालय के छात्र संघ के अध्यक्ष बने थे। वे आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले के चावटपलेम से आते हैं। वेंकैया नायडू की पहचान आंदोलनकारी नेता के रूप में रही है। वे 1972 में ‘जय आंध्र आंदोलन’ के दौरान पहली बार सुर्खियों में आए। उन्होंने इस दौरान नेल्लोर के आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लेते हुए विजयवाड़ा से आंदोलन का नेतृत्व किया। छात्र जीवन में वे लोकनायक जयप्रकाश नारायण की विचारधारा से प्रभावित होकर आपातकाल के विरोध में सड़कों पर उतरे और जेल भी गए। आपातकाल के बाद वह 1977 से 1980 तक जनता पार्टी की युवा शाखा के अध्यक्ष रहे।

 

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