December 10, 2016

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भोपाल मुठभेड़: एनकाउंटर की जानकारी देने में 9 दिन की देरी पर कोर्ट ने लगाई राज्य सरकार को फटकार

भोपाल में 8 सिमी सदस्यों के सेंट्रल जेल से भागने के बाद हुए एनकाउंटर में कोर्ट ने राज्य सरकार को लताड़ा, कहा घटना की जानकारी देने में देरी क्यों।

भोपाल की सेंट्रल जेल के बाहर तैनात सिपाही। (Photo: PTI)

भोपाल में 8 सिमी सदस्यों के मुठभेड़ में मारे जाने की घटना पर भोपाल कोर्ट ने राज्य सरकार को लताड़ लगाते हुए कहा है कि उसने घटना की जानकारी देने में 9 दिन का समय क्यों लगाया। भोपाल कोर्ट के चीफ ज्युडिशल मेजिस्ट्रेट भूभास्कर यादव ने वकील परवेज आलम द्वारा दायर की गई एक याचिका की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार को लताड़ लगाई। बीते बुधवार को परवेज आलम ने जेल में बंद 21 सिमी सदस्यों से मुलाकात करने की इजाजत लेने के लिए अपील की थी जिस पर कोर्ट ने उन्हें कैदियों से मिलने की इजाजत देदी थी। परवेज एनकाउंटर में मारे गए 8 सिमी सदस्यों में से 5 सदस्यों के वीकल हैं। इसके अलावा जेल में बंद दो और कैदियों का केस भी वह लड़ रहे हैं। कोर्ट ने प्रॉसिक्युशन को एंकाउंटर की घटना से जुड़ी सभी जानकारी देने के लिए 17 नवंबर तक का समय दिया है।

वीडियो: भोपाल एनकाउंटर: कैदियों के भागने में अंदर से किसी ने की मदद, बंद सीसीटीवी और नकली चाबी जैसे तथ्यों से गहराया शक

सिमी सदस्यों का केस लड़ रहे वकील परवेज आलम का यह आरोप है कि जेल में उनके क्लाइंट्स को प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि एनकाउंटर करने की जरूरत पर सवाल उठाने के चलते उन्हें जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। 31 अक्टुबर 2016 को भोपाल की सेंट्रल जेल से सिमी के 8 सदस्य भाग निकले थे जिन्हें पुलिस ने 24 घंटों के अंदर ही ढूंढ कर मार गिराया था। पुलिस के इस एनकाउंटर की वीडियो फुटेज लीक होने के बाद से ही इस एंकाउंटर पर सवालिया निशान लग रहे हैं।

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First Published on November 10, 2016 1:06 pm

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