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अंबेडकर के साथ ‘भारत रत्न’ का इस्तेमाल ‘असंवैधानिक’, PMO को मिली शिकायत

अंबेडकर जयंती पर एक सामाजिक कार्यकर्ता ने आरोप लगाया है कि डॉ भीम राव अंबेडकर के नाम के साथ 'भारत रत्न' लगाना 'असंवैधानिक' है।
भीम राव अंबेडकर की एक मूर्ति।

अंबेडकर जयंती पर एक सामाजिक कार्यकर्ता ने आरोप लगाया है कि डॉ भीम राव अंबेडकर के नाम के साथ ‘भारत रत्न’ लगाना ‘असंवैधानिक’ है। दिल्ली के इस कार्यकर्ता ने पीएमओ को इसकी शिकायत भी की है। शिकायत में उन सभी सरकारी संस्थानों और राजनीतिक पार्टियों पर कार्रवाई करने के लिए कहा है जो भीमराव अंबेडकर के नाम के साथ ‘भारत रत्न’ लगाती हैं। इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक, जिस शख्स ने यह आरोप लगाए उनका नाम नरेश कादयान है। वह रोहिणी में रहते हैं। नरेश ने कहा कि कई सरकारी विज्ञापनों, कार्यक्रमों और उनकी प्रेस रिलीज में भी ‘भारत रत्न’ लिखा जा रहा है जो कि ‘असंवैधानिक’ है।

नरेश ने कहा, ‘संविधान को रचने वाले वाले अंबेडकर के नाम से साथ असंवैधानिक तरीके से जब भारत रत्न लिखा जाता है तो मुझे काफी दुख होता है। अगर ऐसा करना ही है तो फिर सरकार को आर्टिकल 18 (1) में बदलाव करने चाहिए।’

क्या है कानून: सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर मिले हुए सम्मान का शख्स अपने नाम के साथ इस्तेमाल करेगा तो उसका पुरस्कार जब्त हो जाएगा।

नरेश ने पीएओ और गृह मंत्रालय को भेजी गई अपनी शिकायत में उन संस्थानों की मान्यता रद्द करने के लिए कहा है जो इस तरीके से टाइटल का गलत तरीके से इस्तेमाल कर रहे हैं। नरेश ने कहा कि इन मामलों में गलती उनकी नहीं जिन्हें पुरस्कार मिला बल्कि उनकी है जो उनके नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं।

इस मामले पर गृह मंत्रालय ने पिछले साल भी संज्ञान लिया था। तब महाराष्ट्र के मुख्य सचिव से उन संस्थानों के बारे में जानकारी मांगी गई थी जो पद्म पुरस्कार और भारत रत्न जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर रहे थे।

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