June 25, 2017

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भारत बंद 2016: विपक्षी दलों पर नरेन्द्र मोदी का पलटवार, हम करप्शन बंद करना चाहते हैं और वो भारत बंद

Bharat Bandh 2016 Monday: जेडीयू अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नोट बंदी पर भारत बंद से अपनी पार्टी को अलग रखा है।

रैली को संबोधित करते पीएम मोदी। (Photo Source: ANI)

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नोटबंदी के खिलाफ 28 नवंबर (सोमवार) को ‘भारत बंद’ का आह्वान करने वाले विपक्षी दलों पर प्रहार करते हुए आज देशवासियों से पूछा कि वे भ्रष्टाचार का रास्ता बंद करना चाहते हैं या फिर भारत बंद की राह पकड़ने के इच्छुक हैं। मोदी ने देश के कारोबार को ‘कैशलेस’ बनाने की दिशा में आगे बढ़ने के लिये देशवासियों से मदद भी मांगी। प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में ‘परिवर्तन रैली’ को सम्बोधित करते हुए नोटबंदी के खिलाफ विपक्षी दलों के रुख का परोक्ष रूप से जिक्र करते हुए कहा ‘‘एक तरफ सरकार भ्रष्टाचार के सारे रास्ते बंद करने में लगी है, दूसरी तरफ वे भारत बंद करने में लगे हैं। आप बताएं कि भ्रष्टाचार और काले धन का रास्ता बंद होना चाहिये कि भारत बंद होना चाहिये।’’

खासकर कांग्रेस पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा ‘‘मैंने सिर्फ और सिर्फ गरीब के लिये यह फैसला लिया है जो 70 साल में लूटा है उसे निकालकर गरीब का घर बनाना है, किसान के खेत में पानी पहुंचाना है, गरीब की झोपड़ी में बिजली का तार पहुंचाना है, गरीब बच्चों की पढ़ाई करानी है, गरीब बुजुर्गों को दवा दिलानी है। यह जो भी (काला धन) निकलेगा, वह सारा गरीबों की भलाई के लिये काम आने वाला है। अब हम देश को लुटने नहीं देंगे।’’ मोदी ने कहा कि जिस देश में सवा सौ करोड़ देशवासियों का आशीर्वाद हो वहां कालाधन का रहना सम्भव नहीं है। देश अच्छे भविष्य की ओर जाने के लिये तैयार है। मैं इस ईमानदारी के महायज्ञ में देशवासियों को कष्ट झेलने के बावजूद आहुति देते हुए देख रहा हूं। आने वाले समय में देश यह स्वीकार करेगा कि फैसला कठोर था लेकिन भविष्य उज्ज्वल है।

प्रधानमंत्री ने पढ़े-लिखे देशवासियों और भाजपा कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अपने पास-पड़ोस के दुकानदारों और छोटे कारोबारियों को अपने मोबाइल फोन का इस्तेमाल करके अपना कारोबार बढ़ाने और आम लोगों को भी मोबाइल फोन के जरिये खरीदारी करना सिखाएं। सारी दुनिया बिना नकदी के सारा कारोबार चलाने की दिशा में चल पड़ी है। हम पीछे रह गये हैं, अब हिन्दुस्तान पीछे नहीं रह सकता। उधर, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने बेंगलुरु में जेडीयू अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तारीफ की है कि उन्होंने नोट बंदी पर भारत बंद से अपनी पार्टी को अलग रखा है।

गौरतलब है कि नोटबंदी के खिलाफ विपक्षी दलों ने 28 नवंबर को भारत बंद बुलाया है लेकिन जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने इसका समर्थन नहीं करने का फैसला किया है और अपने आप को इस बंद से अलग कर लिया है। जेडीयू की कोर कमेटी बैठक के बाद ही यह फैसला लिया गया है कि विरोधी दल के बुलाए गए भारत बंद में पार्टी शामिल नहीं होगी। सूत्रों के मुताबिक, नीतीश कुमार ने पार्टी के इस फैसले से आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और बिहार कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी को अवगत करा दिया है। नीतीश कुमार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के फैसले से पूरी तरीके से सहमत हैं और केंद्र सरकार को पार्टी के तरफ से समर्थन दिया है। नीतीश कुमार ने नोट बंदी के फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए स्पष्ट कहा है कि इस फैसले से कालेधन पर करारा प्रहार होगा। भारत बंद की इस मुहिम में 14 पार्टियां शामिल हैं, जिसमें कांग्रेस, टीएमसी, जेडीयू, सीपीएम, सीपीआई, एनसीपी, बीएसपी और आरजेडी जैसे दल हैं।

 

वीडियो देखिए- आलोचना करने वालों पर पीएम मोदी बोले- “उन्हें तकलीफ ये है कि उन्हें तैयारी का मौका नहीं मिला”

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First Published on November 27, 2016 3:23 pm

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