December 05, 2016

ताज़ा खबर

 

भारत बंद: नोटबंदी पर एक हुआ विपक्ष, 28 नवंबर को भारत बंद का एलान, सरकार भी पीछे हटने को तैयार नहीं

Bharat Bandh Date: नरेंद्र मोदी सरकार के विमुद्रीकरण के एलान के बाद सभी विपक्षी पार्टियां इस फैसले के खिलाफ एकजुट है। उन्‍होंने 28 नवंबर को भारत बंद बुलाया है।

Bharat Bandh 2016: मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले के खिलाफ विपक्ष ने भारत बंद का एलान किया है। शुक्रवार को संसद में रणनीति बनाते कांग्रेस नेता। (Photo:PTI)

500 और 1000 रुपये की नोटबंदी के खिलाफ विपक्ष ने 28 नवंबर को भारत बंद का एलान किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के विमुद्रीकरण के एलान के बाद सभी विपक्षी पार्टियां इस फैसले के खिलाफ एकजुट है और एलान को वापस लेने की मांग कर रही हैं। वहीं केरल में इस दिन राज्‍यव्‍यापी हड़ताल होगी। राज्‍य में सत्‍ताधारी सीपीएम ने फैसला लिया है कि हड़ताल के दौरान बैं‍क, शादियां, अस्‍पताल, दूध और अखबार विक्रेताओं को छूट रहेगी। केंद्र सरकार के नोटबंदी के फैसले के विरोध में विपक्ष के हंगामे के चलते संसद में भी काम नहीं हो पा रहा है। शीतकालीन सत्र के दूसरे सप्‍ताह में भी कोई काम नहीं हो पाया। लोकसभा में तो इस अवधि में ना के बराबर काम हुआ है। वहीं राज्‍य सभा में दो दिन के अलावा कोई काम नहीं हो पाया। 24 नवंबर को राज्‍य सभा में बहस के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी नोटबंदी के मुद्दे पर नरेन्द्र मोदी सरकार को घेरा था। उन्‍होंने सरकार के फैसले को सामूहिक लूट बताया था।

कांग्रेस के नेतृत्‍व में विपक्ष मांग कर रहा है कि दोनों सदनों में नोटबंदी पर बहस हो इसके बाद वोटिंग कराई जाए। वहीं सरकार इससे इनकार कर रही है। विपक्ष का दावा है कि सरकार के फैसले से देशभर के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नोटबंदी के विरोध में करीब-करीब पूरा विपक्ष एकजुट है। इस मुहिम में 14 पार्टियां शामिल हैं, जिसमें कांग्रेस, टीएमसी, जेडीयू, सीपीएम, सीपीआई, एनसीपी, बीएसपी और आरजेडी जैसे दल हैं। भारत बंद का आइडिया पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी ने दिया है। 28 नवंबर को भारत बंद के साथ ही विपक्ष आक्रोश दिवस भी मनाएगा। इसके तहत 28 नवंबर को सभी राज्यों में धरने प्रदर्शन होंगे जबकि लेफ्ट पार्टियां पूरे 24 से 30 नवंबर तक प्रदर्शन करेंगी। विपक्ष के भारत बंद के एलान के बाद सरकार ने बातचीत की पेशकश की है।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 8 नवंबर को एलान किया था कि 500 और 1000 के नोट प्रचलन से बाहर कर दिए गए हैं। इसके बाद देशभर के लोग अपने-अपने पैसों को बदलवाने के लिए बैंकों में लाइन में लगे हैं। इस संबंध में सरकार की ओर से कई बार फैसले में बदलाव भी किए गए हैं। ज्‍यादातर एटीएम बिना कैश के हैं। साथ ही एटीएम से पैसे निकालने पर भी अंकुश है। ममता बनर्जी, दिल्‍ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, कांग्रेस उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी लगातार इस मुद्दे पर आक्रामक है। वहीं सरकार अपने पक्ष में सर्वे के जरिए दावा कर रही है कि देश की जनता नोटबंदी के फैसले के समर्थन में है। सरकार का कहना है कि नोटबंदी के फैसले से आतंकवाद और नक्‍सलियों की फंडिंग रूकी है। साथ ही जाली नोट और काला धन रखने वालों को भी नुकसान झेलना पड़ा है। खुद नरेंद्र मोदी भी अपने रूख पर अडिग बने हुए हैं।

नोटबंदी पर नरेंद्र मोदी एप्प के सर्वे पर मायावती ने उठाये सवाल, वीडियो में देखिए क्‍या कहा: 

नोटबंदी की आलोचना करने वालों पर जानिए पीएम मोदी ने क्‍या कहा:

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

First Published on November 25, 2016 5:57 pm

सबरंग