ताज़ा खबर
 

महात्मा गांधी की हत्या के बाद संघ मुख्यालय पर बांटी गई थी मिठाई: बेनी प्रसाद वर्मा

समाजवादी पार्टी के सांसद बेनी प्रसाद वर्मा ने कहा, ’जब महात्मा गांधी की हत्या की गयी, उसके (संघ के) कार्यकर्ताओं को पहले ही बता दिया गया था कि रेडियो खोलकर रखना, अच्छी खबर मिलेगी।’
Author बाराबंकी (उप्र) | September 10, 2016 20:19 pm
पूर्व केंद्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा। (PTI File Photo)

पूर्व केंद्रीय मंत्री और समाजवादी पार्टी के सांसद बेनी प्रसाद वर्मा ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका पर सवाल उठाकर इस विवाद को नए सिरे से हवा दे दी है। वर्मा ने बारादरी गांव में शुक्रवार (9 सितंबर) को रात हुए ट्राइसायकिल वितरण कार्यक्रम के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ’जब महात्मा गांधी की हत्या की गयी, उसके (संघ के) कार्यकर्ताओं को पहले ही बता दिया गया था कि रेडियो खोलकर रखना, अच्छी खबर मिलेगी।’ उन्होंने कहा, ’महात्मा गांधी की हत्या के बाद संघ मुख्यालय पर मिठाई बांटी गयी थी और सरदार पटेल (तत्कालीन गृह मंत्री) को उस पर प्रतिबंध लगाना पड़ा था।’

वर्मा ने यह भी कहा कि पुलिस ने तब एक ऐसे संघ कार्यकर्ता को पकड़ा था जिसे यह कहकर रेडियो खुला रखने को कहा गया था कि अच्छी खबर मिल सकती है। पचहत्तर वर्षीय वर्मा ने जेल में बंद रहे संघ नेता गोलवलकर और पटेल के बीच हुए कथित पत्र व्यवहार के हवाले से यह भी कहा कि पटेल ने संघ मुख्यालय पर मिठाई बांटे जाने को उनके खिलाफ सबसे मजबूत साक्ष्य बताया था। हाल ही में कांग्रेस का दामन छोड़कर सपा में वापस लौटे वर्मा ने कहा कि आज राहुल गांधी के खिलाफ इस मुद्दे पर मुकदमा चल रहा है। उन्होंने कहा कि ये लोग (संघ के लोग) ऐसी हरकतों में लिप्त होते हैं, जिनका साक्ष्य आसानी से नहीं हासिल किया जा सकता।

संघ के नेता मनमोहन वैद्य ने हाल ही में राहुल से कहा था कि वह अपने इस दावे की पुष्टि के लिए साक्ष्य दें कि महात्मा गांधी की हत्या के लिए उनका संगठन (संघ) जिम्मेदार था। वैद्य ने कहा कि मामले पर फैसला राहुल नहीं बल्कि अदालत करेगी। जब संघ कार्यकर्ता ने उन्हें अदालत में चुनौती दे दी तो राहुल भाग रहे हैं। यदि राहुल के पास साक्ष्य है तो अदालत में रखें। उन्होंने कहा कि संघ का महात्मा गांधी की हत्या से कोई लेना देना नहीं है और हत्या मामले के आरोपपत्र में संघ का जिक्र नहीं है। यहां तक कि आरोपी ने भी संघ का नाम नहीं लिया।

राहुल ने हाल ही में उच्चतम न्यायालय में कहा था कि वह संघ के खिलाफ अपने बयान पर कायम हैं और महाराष्ट्र की अदालत के समक्ष मुकदमे का सामना करने को तैयार हैं। वर्मा ने केंद्र सरकार को आगाह किया है कि देश में 20 करोड़ मुसलमान हैं और यदि उनके साथ कुछ गलत हुआ तो देश में कश्मीर जैसे हालात पैदा हो जाएंगे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को ईमानदार बताते हुए उन्होंने सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव की ही तरह पार्टी में भ्रष्टाचार को लेकर चिन्ता जतायी।

वर्मा ने कहा कि मुलायम सिंह खुद इसे लेकर चिन्तित हैं और अकसर कहते हैं कि चुनाव पैसे से नहीं जीता जाता। जनता ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकारों को उखाड़ फेंका है। उन्होंने किसानों का कर्ज माफ करने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की तारीफ की और कहा कि मोदी आजकल अडानी का कर्ज माफ कर रहे हैं। भाजपा और अन्य दलों में यही फर्क है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. V
    vinay kumar
    Sep 10, 2016 at 3:26 pm
    एक और विचारक पैदा हो गए, जिनको कोई सुनता नहीं, जिनकी अपनी कोई औकात नहीं वो भी कोई न कोई अनाप सनाप बक कर सुर्खियों में बना रहना चाहते है, चुनाव है तो मुस्लिम, गोडसे सब याद आएंगे, अगर इसकी अपनी कोई औकात होती तो ये किसी के तलवे न चाटा करता, सिर्फ के आलावा कुछ नहीं. जहा फायदा देखा उधर चला गया बाकि इनके जैसे लोगो की कोई ईमानदारी, वफ़ादारी राष्ट्रप्रेम कुछ नहीं, सत्ता के लिए क्या क्या कर सकते है भगवन को भी नहीं मालूम. ऐसे लोगो से सावधान और इन्हें सबक सीखने की जरूरत है. जय हिन्द जय भारत.
    (0)(0)
    Reply
    सबरंग