January 21, 2017

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बारामूला हमला: नागरिकों को ढाल बनाकर रिहाइशी इलाकों में छिपे आतंकी, सर्च ऑपरेशन पूरा

नियंत्रण रेखा के उस पार भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक के महज चार दिन बाद ही जम्मू कश्मीर के बारामूला में रविवार रात बीएसएफ और आस-पास के सैन्य शिविरों पर आतंकवादियों ने हमला किया।

फोटो का इस्तेमाल प्रतिकात्मक तौर पर किया गया है।

नियंत्रण रेखा के उस पार भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक के महज चार दिन बाद ही जम्मू कश्मीर के बारामूला में रविवार रात बीएसएफ और आस-पास के सैन्य शिविरों पर आतंकवादियों ने हमला किया। हमले में बीएसफ का एक जवान शहीद हो गया, जबकि एक अन्य जवान घायल हो गया। घायल जवान को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। जवान की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। वहीं, जवाबी कार्रवाई में सेना ने दो आतंकियों को मार गिराया है। अधिकारियों ने बताया कि पास के बीएसएफ शिविर से 46 आरआर में दाखिल हुए आतंकवादियों ने अंधाधुंध गोलियां चलायीं और ग्रेनेड फेंके। गोलीबारी में बीएसएफ के दो जवान घायल हो गए। उन्हें पास के अस्पताल में ले जाया गया, जहां उनमें से एक की मौत हो गई। एसएसपी इम्तियाज हुसैन का कहना है कि आतंकियों ने बचने के लिए नागरिकों को ढाल की तरह इस्‍तेमाल किया। इसलिए सुरक्षा बल उनपर घातक हथियारों का प्रयोग नहीं कर सके। बीएसएफ के आईजी ने कहा है कि ‘आर्मी कैंप के भीतर सर्च ऑपरेशन पूरा कर लिया गया है। किसी आतंकी की लाश बरामद नहीं की गई है। यह माना जा रहा है कि आतंकी रिहायशी इलाकों की तरफ भागे हैं।”

बारामूला हमले के बाद गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने बीएसएफ के डीजी से बात की और घायल जवान को अच्छी से अच्छी मेडिकल सुविधा दिए जाने को कहा है। उन्होंने शहीद जवान की मौत पर संवेदना व्यक्त की। श्रीनगर स्थित पंद्रहवीं कोर के प्रवक्ता कर्नल राजेश कालिया ने बताया कि बारामूला के जांबाजपोरा में आतंकवादियों ने सैन्य शिविर पर गोलियां चलायीं। गोलीबारी अब भी जारी ही है। यहां से करीब 54 किलोमीटर दूर बारामूला के आसमान में सेना ने आतंकवादियों की स्थिति का पता लगाने के लिए रौशनी करने वाली फायरिंग की। ये आतंकवादी राष्ट्रीय राइफल्स की 46 बटालियन में घुसे थे। सूत्रों ने बताया कि शिविर के समीप के मकानों से कुछ गोलीबारी हुई। यह शिविर झेलम के तट पर है। हालांकि उधमपुर स्थित उत्तरी कमान के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर कहा गया, ‘‘बारामूला घटना की स्थिति काबू में।’’ जम्मू और कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस मौके पर ट्वीट करके लोगों को हमले की जानकारी दी।

यह हमला इस खुफिया सूचना के बावजूद हुआ है जिसमें 29 सितंबर को भारतीय सेना द्वारा किये गए हमले के बाद जम्मू कश्मीर में सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर आतंकवादी हमला हो सकता है। यह फिदायीन हमला उरी सेना के ब्रिगेड मुख्यालय पर हुए आतंकी हमले के महज एक पखवाड़े के बाद हुआ है। गौरतलब है कि 18 सितंबर को जम्मू-कश्मीर के उरी में सेना मुख्यालय पर हुए आतंकी हमले में अब तक कुल 20 जवान शहीद हो चुके हैं। बुधवार देर रात (28-29 सितंबर) भारत की ओर से आतंकी हमले का बदलना लेने के लिए पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक करके आतंकियों को सफाया किया गया। भारतीय सेना ने बुधवार देर रात पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में घुसकर आतंकियों के लॉन्च पैड तबाह कर दिए। स्पेशल फोर्सेज के कमांडो ने सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम देते हुए PoK में आतंकियों के 7 कैंप तबाह कर दिए। करीब 4 घंटे चले इस ऑपरेशन में 38 आतंकी मारे गए थे। आतंकियों को बचाने के चक्कर में इस स्ट्राइक में 2 पाकिस्तानी सैनिक भी मारे गए। सर्जिकल अटैक के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है। सेना ने जम्मू-कश्मीर, पंजाब में इंटरनेशनल बॉर्डर से सटे हुए गांवों को खाली करा लिया गया है।

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First Published on October 3, 2016 7:42 am

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