June 23, 2017

ताज़ा खबर
 

बाबरी केस: दोषी साबित हुए तो लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती को क्या हो सकती है सजा, जानिए

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित 16वीं सदी में बनी बाबरी मस्जिद को छह दिसंबर 1992 को गिरा दिया गया था।

अयोध्या में कारसेवा के ठीक बाद एक बैठक में लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी। (Express photo by R K Sharma)

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (19 अप्रैल) को भाजपा नेताओं लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती समेत 13 लोगों पर 1992 में गिरायी गयी बाबरी मस्जिद मामले में आपराधिक षडयंत्र का मुकदमा चलाने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इन सभी अभियुक्तों पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120बी (आपराधिक षडयंत्र) के तहत मामला चलेगा। जब दो या दो से अधिक लोगों पर किसी आपराधिक कृत्य को अंजाम देने की योजना बनाने या उसके लिए प्रेरित करने का आरोप हो तो उन पर  120-बी के तहत मामला चलता है।

इंडियन कानून डॉट कॉम पर मौजूद जानकारी के अनुसार आईपीसी की धारा 120बी के तहत जो आरोपी मृत्युदंड, आजीवन कारावास या दो साल से अधिक सश्रम कारावास जैसी सजाओं वाले अपराधों के षडयंत्र के दोषी पाए जाएंगे उन्हें वही सजा दी जा सकती है जो उस अपराध को करने वाले को मिलती है।  अगर आरोपी को  मृत्युदंड, आजीवन कारावास या दो साल से अधिक सश्रम कारावास जैसे सजा वाले अपराधों  के अलावा किसी अन्य अपराध के षडयंत्र का दोषी पाया जाता है तो उसे छह महीने की जेल या जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है।

सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में आडवाणी, जोशी समेत अन्य अभियुक्तों पर आईपीसी की धारा 153-ए (दो समुदायों के बीच नफरत पैदा करनाष 153-बी (राष्ट्रीयता अखंडता के प्रतिकूल बयानबाजी या दावा) और 505 (उपद्रव या सामाजिक शांति भंग करने के मकसद से गलत बयानी करना या अफवाह फैलाना) का आरोप लगाया है। इन सभी मामलों में दोषी पाए जाने पर अधिकतम तीन साल तक की सजा हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता केटीएस तुलसी के अनुसार अगर आडवाणी, जोशी और उमा भारती इत्यादि इन आरोपों के दोषी पाए गए तो उन्हें अधिकतम तीन साल तक की सजा हो सकती है।

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित 16वीं सदी में बनी बाबरी मस्जिद को छह दिसंबर 1992 को गिरा दिया गया था। बाबरी मस्जिद गिराए जाने के मामले में अभी तक दो अलग-अलग मुकदमे चल रहे थे जिन्हें बुधवार को सु्प्रीम कोर्ट ने एक साथ चलाने का आदेश दिया है। एक मुकदमे में “अज्ञात कारसेवकों” पर मस्जिद गिराने का मामला चल रहा है जबकि दूसरा मामला आडवाणी, जोशी, उमा भारती एवं अन्य पर रायबरेली में चल रहा था। रायबरेली के मामले में सत्र न्यायालय ने आपराधिक षडंयत्र का आरोप हटा दिया था जिसे हाई कोर्ट ने बरकरार रखा लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले को रद्द कर दिया है।

आडवाणी और जोशी लोक सभा सांसद हैं वहीं सांसद उमा भारती केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री हैं। सर्वोच्च अदालत ने फैसले में साफ किया है कि राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह पर संवैधानिक मुकदमा नहीं चलेगा बशर्ते वो पद न छोड़ दें। सुप्रीम कोर्ट ने सभी अभियुक्तों पर लखनऊ के सत्र न्यायालय में प्रतिदिन सुनवायी करने का आदेश दिया है। सर्वोच्च अदालत ने कहा है कि इस मामले का दो साल के अंदर निपटारा करना होगा और इस दौरान मामले से जुड़े जज का ट्रांसफर नहीं किया जा सकेगा।

babri masjid, ram mandir Ram Mandir Babri Masjid issue: बाबरी मस्जिद के तोड़े जाने के वक्त की तस्वीर।

असम: मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में साइकिल पर भाई के शव को लेकर जाते शख्स की तस्वीर आई सामने

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

First Published on April 19, 2017 11:49 am

  1. No Comments.
सबरंग