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अरूणाचल प्रदेश: वायुसेना के लापता हेलिकॉप्टर का मलबा मिला, लेकिन पायलट के जिंदा बचे रहने पर संशय

हेलीकॉप्टर पर सवार रहे तीन सदस्यीय चालक दल का अब तक कुछ पता नहीं चल सका है । एक शीर्ष पुलिस अधिकारी ने कहा कि बचाव टीमें चालक दल के सदस्यों की तलाश में इलाके का चप्पा-चप्पा छान रही हैं ।
4 जुलाई को अरूणाचल प्रदेश के ईटानगर में भी खराब मौसम की वजह से केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू के हेलिकॉप्टर को इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी थी (Photo-PTI)

अरूणाचल प्रदेश पुलिस की एक टीम ने आज (5 जुलाई) एक गहरे नाले में भारतीय वायुसेना के लापता हेलीकॉप्टर का मलबा देखा । यह हेलीकॉप्टर कल राज्य के पापुम पारे जिले के सागली के पास लापता हो गया था । हालांकि, हेलीकॉप्टर पर सवार रहे तीन सदस्यीय चालक दल का अब तक कुछ पता नहीं चल सका है । एक शीर्ष पुलिस अधिकारी ने कहा कि बचाव टीमें चालक दल के सदस्यों की तलाश में इलाके का चप्पा-चप्पा छान रही हैं । पुलिस महानिरीक्षक (कानून-व्यवस्था) नबीन पायेंग ने बताया कि एक पुलिस टीम ने जिले में चोपो योहा में एक पहाड़ की चोटी से हेलीकॉप्टर का मलबा देखा । न्योर्च नदी और एक झरने के संगम स्थल पर यह मलबा नजर आया।पायेंग ने कहा, ‘‘चूंकि वह जगह गहरे नाले में है, इसलिए बचाव टीमों को वहां तक पहुंचने में वक्त लगेगा ।’’ उन्होंने कहा कि चालक दल के सदस्यों के बारे में कुछ पता नहीं चल पाया है । पापुम पारे की पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) नीलम नेगा की अगुवाई में गई पांच पुलिस टीमों में से एक टीम ने मलबे को देखा ।

भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) ने अरूणाचल प्रदेश पुलिस और इंडिया रिजर्व बटालियन के साथ मिलकर सुबह से ही लापता हेलीकॉप्टर की तलाश में अभियान चला रखा था ।बाढ़ पीड़ितों के बचाव के काम में जुटे भारतीय वायुसेना के एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर ने कल दोपहर लगभग तीन बजकर 50 मिनट पर सागली के पास पिलपुटु से उड़ान भरी थी, लेकिन इसके कुछ ही देर बाद उससे संपर्क टूट गया । हेलीकॉप्टर बारिश की वजह से हुए भूस्खलन के कारण सागली और दामबुक में फंसे लोगों को वहां से निकालने के काम में लगा था । तेजपुर में तैनात रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल संबित घोष ने बताया कि हेलीकॉप्टर मंगलवार की सुबह जोरहाट में अपने बेस से बाढ़ पीड़ितों के बचाव के अभियान के लिए गया था ।

सागली के अतिरिक्त उपायुक्त जे र्पिटन ने कहा कि मंगलवार की सुबह करीब 10:30 बजे वहां पहुंचने के बाद से हेलीकॉप्टर ने पांच संक्षिप्त उड़ानें भरी थी । उसे इलाके में बाढ़ के कारण फंसे लोगों को बाहर निकालने के काम में लगाया गया था । उन्होंने कहा, ‘‘नहरालगुन के लिए भरी गई छठी संक्षिप्त उड़ान में चालक दल अज्ञात वजहों से नौ आम लोगों के आखिरी जत्थे को अपने साथ नहीं ले गया और सागली से उड़ान भरी ।’’मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कल ट्वीट किया था, ‘‘फंसे हुए 169 लोगों, जिसमें सागली और दामबुक के बाढ़ प्रभावित इलाकों की महिलाएं और बच्चे शामिल थे, को वायुसेना के जरिए सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया गया है ।’’सागली इटानगर के उत्तर में है जबकि दामबुक निचले दिबांग घाटी जिले में है । बीते मई महीने में भी भारतीय वायुसेना का सुखोई-30 लड़ाकू विमान असम-अरूणाचल प्रदेश सीमा के पास दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, जिसमें वायुसेना के दो पायलट मारे गए थे ।

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